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15 अगस्त पर कोरोना वैक्सीन की लॉन्चिंग पर विवाद,ICMR ने दी सफाई

विपक्ष द्वारा आरोप लगाया गया है कि आईसीएमआर ऐसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए कर रही है...

नई दिल्ली:ICMR clarification over corona vaccine 15Aug launch-भारत की पहली कोरोना वैक्सीन 15अगस्त तक लॉन्च करने के दावे पर विवाद के बाद आईसीएमआर ने अब सफाई दी है और कहा है कि ICMR के लिए भारतीय लोगों की सुरक्षा और उनके हित सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

इंडियन कांउसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indian Council of Medical Research) ने यह बात शनिवार को कही है।

 

ICMR को क्यों देनी पड़ी सफाई?

दरअसल, भारत की पहली कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन (Coronavirus vaccine COVAXIN) को ICMR और भारतीय बायोटेक (Bharat Biotech) ने साझेदारी में तैयार किया है।

कंपनी द्वारा इसकी लॉन्चिंग की बात 15 अगस्त तक किए जाने की बात पर विपक्ष और मेडिकल विशेषज्ञों द्वारा इसे अवास्तविक और सत्ता को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया दावा…करार दिए जाने के बाद आईसीएमआर(ICMR) को अब सफाई देनी पड़ी (ICMR clarification over corona vaccine 15Aug launch)है।

गौरतलब है कि ICMR ने इस हफ्ते की शुरूआत में एक पत्र भेजकर बताया था कि संस्था स्वतंत्रता दिवस(Independence Day) पर कोरोनावायरस वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) लॉन्च करने के बारे में सोच रही है।

इस पर विपक्ष द्वारा आरोप लगाया गया है कि आईसीएमआर (ICMR) ऐसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की सरकार को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए कर रही है।

आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव के पत्र ने 12 अस्पतालों में डॉक्टरों को “फास्ट ट्रैक” क्लिनिकल ट्रायल करने के लिए कहा था।

इससे कुछ डॉक्टरों और रिसर्चरों को भी झटका लगा, जिन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन के लिए छह सप्ताह की समय सीमा निर्धारित करना अवास्तविक है।

अब आईसीएमआर (ICMR) ने अपने संदेश का बचाव करते हुए, शनिवार को कहा कि, “डीजी-आईसीएमआर ने पत्र अनावश्यक लालफीताशाही को कम करने, बिना किसी आवश्यक प्रक्रिया को दरकिनार किए और प्रतिभागियों की भर्ती में तेजी लाने के लिए लिखा था।”

आईसीएमआर ने कहा कि लाल फीताशाही से स्वदेशी परीक्षण किटों पर सहमति में बाधा न हो साथ ही प्रक्रिया को धीमी गति से अछूता रखने के लिए पत्र लिखा गया था।

इस पत्र का उद्देश्य इन चरणों को जल्द से जल्द पूरा करना है, ताकि वैक्सीन का असर जानने के लिए लोगों पर टेस्ट बिना किसी देरी के शुरू किया जा सके।

ICMR ने कहा कि हमारी प्रक्रिया विश्व स्तर पर स्वीकृत मानदंडों के अनुसार महामारी की संभावित बीमारियों के लिए टीके के विकास को तेजी से ट्रैक करने के लिए है, जिसमें मानव और पशु परीक्षण समानांतर रूप से जारी रह सकते हैं।

डाटा सुरक्षा निगरानी बोर्ड यह तय करेगा कि वैक्सीन का परीक्षण सबसे बेहतरीन तरीके से किया जाए, बोर्ड आवश्यकतानुसार समीक्षा करने का काम भी करेगा।

आईसीएमआर ने कहा,” सार्वजनिक क्षेत्र में उठाए गए मुद्दों का स्वागत है, क्योंकि वे फीडबैक लूप का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। आईसीएमआर भारत के लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में मानने के लिए प्रतिबद्ध है।”

 
 
ICMR clarification over corona vaccine 15Aug launch

 

(इनपुट एजेंसी से भी)

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