
NRIs Investment in Indian Stocks को लेकर Budget 2026 में बड़ा ऐलान किया गया है। 1 फरवरी 2026 को पेश किए गए बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Portfolio Investment Scheme के जरिए विदेशों में रहने वाले भारतीयों को सीधे भारतीय शेयर बाजार में निवेश का रास्ता खोल दिया।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब विदेशी निवेशकों की ओर से भारतीय बाजार से निकासी देखने को मिली है और सरकार बाजार में भरोसा लौटाने की कोशिश कर रही है।
📌 NRIs Investment in Indian Stocks:Budget 2026 की बड़ी घोषणाएं,NRIs के लिए क्या बदला?

अब तक भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश कई नियमों और सीमाओं से बंधा हुआ था। Budget 2026 में सरकार ने Portfolio Investment Scheme को ज्यादा सरल और आकर्षक बनाने का फैसला किया है, ताकि विदेशों में बसे भारतीय भारत की ग्रोथ स्टोरी का सीधा हिस्सा बन सकें।
वित्त मंत्री ने साफ किया कि यह कदम
- पूंजी बाजार को गहराई देगा
- विदेशी निवेश को स्थिर बनाएगा
- रुपये और इक्विटी मार्केट को सपोर्ट करेगा
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📉 क्यों जरूरी था यह फैसला?
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब:
- 2025 में विदेशी निवेशकों ने करीब ₹19 अरब की निकासी की
- जनवरी 2026 में ₹4 अरब से ज्यादा का आउटफ्लो दर्ज किया गया
- रुपये में कमजोरी और टैक्स के बाद कम रिटर्न विदेशी निवेशकों को हतोत्साहित कर रहे थे
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत को अब ऐसे निवेशकों की जरूरत है जो लंबे समय तक टिके रहें, न कि सिर्फ शॉर्ट-टर्म मुनाफा कमाकर बाहर निकल जाएं।
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🧠 Portfolio Investment Scheme (PIS) क्या है?
NirmalaSitharamanके मुताबिक Portfolio Investment Scheme एक ऐसा ढांचा है, जिसके तहत
- NRIs और कुछ विदेशी निवेशक
- RBI से अप्रूव्ड बैंक अकाउंट के जरिए
- भारतीय शेयरों को खरीद और बेच सकते हैं
PIS की प्रमुख विशेषताएं:
- निवेश के लिए स्पेशल बैंक अकाउंट जरूरी
- हर ट्रांजैक्शन RBI और SEBI नियमों के तहत
- निवेश की रकम repatriable (वापस विदेश भेजी जा सकती है)
- निवेश सीमा तय रहती है

📊 Budget 2026 में निवेश से जुड़े नए बदलाव
✅ 1. व्यक्तिगत निवेश सीमा बढ़ी
- पहले: 5%
- अब: 10% (Persons Resident Outside India – PROIs के लिए)
✅ 2. कुल निवेश सीमा में बड़ा इजाफा
- पहले: 10%
- अब: 24% (सभी PROIs को मिलाकर)
✅ 3. विदेश में रहने वाले भारतीयों को इक्विटी निवेश की छूट
अब NRIs सीधे portfolio route से भारतीय कंपनियों के शेयरों में निवेश कर सकेंगे।
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🌍 विदेशी निवेश के लिए क्यों अहम है यह कदम?
बाजार जानकार Nimesh Chandan (Bajaj Finserv Asset Management) के मुताबिक,
“यह बजट बाजार के लिहाज से बेहद अहम है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार टिकाऊ FDI और FPI को आकर्षित करने के लिए क्या कदम उठाती है।”
सरकार का यह फैसला बताता है कि
- भारत अब long-term capital चाहता है
- नीतियों में स्थिरता दिखाना चाहता है
- विदेशी निवेशकों का भरोसा वापस लाना चाहता है
🏦 FEMA नियमों की भी होगी समीक्षा
Budget 2026 में एक और अहम घोषणा की गई है—
Foreign Exchange Management Act (FEMA) के तहत non-debt instruments से जुड़े नियमों की समीक्षा।
इसका मतलब:
- इक्विटी, म्यूचुअल फंड जैसे निवेश और सरल होंगे
- गैर-जरूरी जटिलताओं को हटाया जाएगा
- विदेशी निवेशकों के लिए नियम ज्यादा पारदर्शी बनेंगे
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🏙️ City Economic Regions के लिए ₹5,000 करोड़
NRIs निवेश से जुड़ी घोषणा के साथ-साथ सरकार ने
City Economic Regions Scheme के लिए ₹5,000 करोड़ के आवंटन का प्रस्ताव रखा।
इसका उद्देश्य:
- शहरी क्षेत्रों को आर्थिक हब बनाना
- इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार को बढ़ावा
- निवेश के लिए नए ग्रोथ सेंटर्स तैयार करना
📈 भारतीय शेयर बाजार पर क्या असर होगा?
🔹 1. बाजार में लिक्विडिटी बढ़ेगी
NRIs की भागीदारी से ट्रेडिंग वॉल्यूम और स्थिरता दोनों बढ़ेंगी।
🔹 2. रुपये को मिलेगा सहारा
विदेशी निवेश आने से रुपये पर दबाव कम हो सकता है।
🔹 3. लॉन्ग-टर्म निवेश को बढ़ावा
सरकार शॉर्ट-टर्म फ्लो की बजाय टिकाऊ पूंजी चाहती है।

👨👩👧👦 NRIs के लिए क्यों फायदेमंद है यह फैसला?
- भारत दुनिया की fastest growing major economies में शामिल
- इक्विटी मार्केट में लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की संभावना
- अब नियम पहले से ज्यादा साफ और सरल
- निवेश पर नियंत्रण और सुरक्षा दोनों
⚠️ किन बातों का ध्यान रखें NRIs?
- RBI-अप्रूव्ड बैंक अकाउंट जरूरी
- टैक्स नियमों को ठीक से समझना जरूरी
- निवेश सीमा का पालन करना होगा
- मार्केट रिस्क को नजरअंदाज न करें
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❓ FAQ: NRIs Investment in Indian Stocks
Q1. Budget 2026 में NRIs के लिए सबसे बड़ा ऐलान क्या है?
अब NRIs Portfolio Investment Scheme के जरिए भारतीय शेयरों में निवेश कर सकते हैं।
Q2. PIS के तहत निवेश कैसे होगा?
RBI से अप्रूव्ड बैंक अकाउंट के जरिए शेयरों की खरीद-बिक्री की जा सकेगी।
Q3. व्यक्तिगत निवेश सीमा कितनी है?
अब एक NRI 10% तक निवेश कर सकता है।
Q4. कुल निवेश सीमा क्या होगी?
सभी PROIs को मिलाकर 24% तक।
Q5. क्या निवेश की रकम वापस विदेश भेजी जा सकती है?
हां, PIS के तहत निवेश repatriable होता है।
Q6. FEMA नियमों में क्या बदलाव होगा?
Non-debt instruments से जुड़े नियमों को सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा।
Q7. क्या यह फैसला शेयर बाजार के लिए अच्छा है?
लॉन्ग-टर्म में बाजार की स्थिरता और भरोसा बढ़ने की उम्मीद है।
🔍 निष्कर्ष
NRIs Investment in Indian Stocks को लेकर Budget 2026 का यह फैसला भारत के पूंजी बाजार के लिए एक game changer साबित हो सकता है। सरकार साफ संकेत दे रही है कि वह विदेशी पूंजी को सिर्फ आकर्षित नहीं करना चाहती, बल्कि उसे लंबे समय तक टिकाए रखना चाहती है।
अगर यह नीति सही तरीके से लागू होती है, तो भारतीय शेयर बाजार को नई मजबूती मिल सकती है।
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