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₹50,00,000 की FD पर Zero Tax! बजट 2026 से पहले सरकार का बड़ा तोहफा? मध्यम वर्ग के लिए राहत की खबर

Income Tax Big Relief: अब ₹50 लाख की FD कराने वालों की मौज, न टैक्स कटेगा न ITR भरने की झंझट; जानें नया नियम

Income Tax on FD: आज के दौर में Income Tax on FD (Fixed Deposit टैक्स) एक ऐसा विषय है जो हर निवेशक, खासकर मध्यम वर्ग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

बजट 2025-26 (Budget 2025-26) में सरकार ने इनकम टैक्स और TDS से जुड़े कई नियमों में बदलाव किया है, जिनका सीधा असर FD के ब्याज पर टैक्स पर पड़ा है।

इन नए नियमों के आधार पर यह संभव हो गया है कि यदि आपकी ₹50,00,000 की FD से होने वाली कुल सालाना ब्याज ₹4-₹5 लाख के आसपास है और आपकी कुल टैक्स योग्य आय ₹12 लाख से कम है, तो Income Tax on FD का बोझ लगभग सिरे से हट सकता है।

आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर क्या बदलाव हुए हैं, इनका क्या प्रभाव है और निवेशकों को इसका कैसे फायदा मिल सकता है।

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🧾 बजट 2025-26 के Income Tax on FD से जुड़े मुख्य बदलाव

🔻 1. TDS की सीमा में बड़ा बदलाव

बजट 2025-26 के अंतर्गत Tax Deducted at Source (TDS) के नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। इससे पहले FD पर मिलने वाले ब्याज पर TDS केवल तभी कटता था जब कुल वार्षिक ब्याज ₹40,000 से अधिक होता था। लेकिन अब इसे बढ़ाकर:

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  • सामान्य नागरिकों के लिए ₹50,000 प्रति वर्ष किया गया है
  • वरिष्ठ नागरिकों (सीनियर सिटीज़न) के लिए इसे ₹1,00,000 तक बढ़ा दिया गया है
    👉 इसका मतलब यह है कि अगर आपका FD ब्याज सामान्य नागरिक के लिए ₹50,000 से कम है या सीनियर सिटीज़न के लिए ₹1,00,000 से कम है, तो बैंक TDS नहीं काटेगा

यह बदलाव 1 अप्रैल, 2025 से लागू हुआ है और इसका उद्देश्य मध्यम वर्ग के निवेशकों पर टैक्स बोझ को कम करना है।

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📊 2. Income Tax on FD और नया टैक्स स्लैब

बजट 2025-26 में Income Tax Regime में भी बड़ा बदलाव हुआ है। अब नए टैक्स स्लैब के तहत:

आय (₹)इनकम टैक्स दर
0 – ₹4,00,0000%
₹4,00,001 – ₹8,00,0005%
₹8,00,001 – ₹12,00,00010%
₹12,00,001 – ₹16,00,00015%
₹16,00,001 – ₹20,00,00020%
₹20,00,001 – ₹24,00,00025%
₹24,00,001 से ऊपर30%

👉 इसका सीधा अर्थ यह है कि यदि आपकी कुल टैक्स योग्य आय (FD ब्याज समेत) ₹12,00,000 तक है तो आप Income Tax on FD और बाकी आय पर कुल टैक्स से मुक्त रहते हैं। यह नई छूट Section 87A rebate के तहत आती है, जिससे मध्यम वर्ग को सीधा लाभ मिलता है।


💼 3. ₹50,00,000 FD का टैक्स गणित (No Tax On FD Hindi)

अब मान लीजिए आप ₹50,00,000 की FD कराते हैं और उसकासालाना ब्याज लगभग 8% है, तो आपकी सालाना ब्याज लगभग ₹4,00,000 होगी।

✔ अगर आपकी कुल आय (FD ब्याज + अन्य आय) ₹12,00,000 से कम है
➡ इस स्थिति में नई टैक्स स्लैब के अनुसार आपको कुल टैक्स बिल लगभग न के बराबर पड़ेगा।

📊 FD Tax Saving Table:

निवेश राशि (Investment)ब्याज दर (ROI)वार्षिक ब्याज (Interest)टैक्स स्थिति (Tax Status)
₹10 लाख8%₹80,000पूरी तरह टैक्स फ्री (15G जमा करने पर)
₹25 लाख8%₹2,00,000पूरी तरह टैक्स फ्री (अगर कोई अन्य आय न हो)
₹50 लाख8%₹4,00,000शून्य टैक्स (New Tax Regime के तहत ₹4L तक छूट)

✔ अगर आपकी FD ब्याज ₹50,00,000 पर ₹4,00,000 है और यह ब्याज ₹50,000-₹1,00,000 की TDS सीमा में रहता है
➡ तो TDS काटा भी नहीं जाएगा, और यदि आपकी कुल आय ₹12,00,000 तक रहती है तो Effective Income Tax on FD शून्य जैसा हो जाएगा।


📌 4. फॉर्म 15G/15H का महत्व

बैंक ब्याज से TDS काटते हैं जब ब्याज आपकी TDS सीमा से ऊपर जाता है। लेकिन यदि आपकी कुल आय टेक्स एक्सेम्प्शन लिमिट (₹12,00,000) के भीतर है, तो आप बैंक को फॉर्म 15G/15H जमा करके TDS काटने से रोक सकते हैं।

👉 Form 15G – उन लोगों के लिए है जिनकी कुल आय ₹12 लाख से कम है।
👉 Form 15H – Senoir Citizen के लिए, जब उनकी कुल आय ₹12 लाख से कम है।

इस फॉर्म को बैंक में वित्त वर्ष (1 अप्रैल से पहले) जमा करने पर बैंक TDS नहीं काटता। इससे आपका Income Tax on FD और भी कम हो सकता है।


🧠 5. New Tax Regime में Income Tax on FD का प्रभाव

नई टैक्स स्लैब और TDS सीमा दोनों का लाभ मिलकर FD निवेशकों के लिए बहुत बड़ा राहत पैकेज बन गया है।
✔ यदि आपकी कुल टैक्स योग्य आय ₹12 लाख तक है
✔ यदि FD से मिलने वाला ब्याज ₹50,000 (साधारण) या ₹1,00,000 (सीनियर सिटीज़न) तक है

➡ इन स्थितियों में Income Tax on FD लगभग शून्य हो सकता है।

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यह बदलाव मुख्य रूप से मध्यम वर्ग, वरिष्ठ नागरिक, और छोटे निवेशकों को ध्यान में रखकर किया गया है और इसका सीधा लाभ बैंक FD में निवेश करने वाले लोगों तक पहुँचता है।


📉 क्या FD ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री हो गया है? (No Tax On FD Hindi)

यह भ्रम होना सामान्य है कि अब FD पूरी तरह टैक्स-फ्री हो गया है। लेकिन वास्तविकता यह है:

❌ FD की ब्याज आय पूरी तरह टैक्स-फ्री नहीं है,
✔ लेकिन नई टैक्स नियमों के तहत यदि आपकी कुल आय ₹12,00,000 तक हो तो टैक्स बिल शून्य या बहुत कम होगा।
✔ और यदि आपकी ब्याज आय TDS लिमिट के भीतर होती है, तो बैंक TDS भी नहीं काटेगा।

👉 इसलिए इसे “पूरी तरह टैक्स-फ्री” कहना सही नहीं है, बल्कि वास्तविकता यह है कि Income Tax on FD का बोझ बड़े पैमाने पर कम हो गया है


🔍 6. Income Tax on FD को समझने के लिए एक उदाहरण

मान लीजिए:

📌 आपकी कुल आय (salary + FD interest) = ₹11,50,000
📌 FD interest = ₹3,50,000
📌 New Tax Slab के अनुसार ₹12,00,000 तक कोई टैक्स नहीं

➡ इस स्थिति में आपका Income Tax on FD = ₹0। यह इसलिए है क्योंकि आपकी कुल आय नई टैक्स स्लैब में टैक्स-फ्री लिमिट के भीतर है।


❓ Frequently Asked Questions (FAQs)

1️⃣ Income Tax on FD क्या होता है?

Income Tax on FD वह टैक्स है जो आप FD से मिल रहे ब्याज पर सरकार को देते हैं। यह आपकी कुल टैक्सेबल आय के स्लैब पर निर्भर करता है।

2️⃣ FD पर TDS अब कब लागू होता है?

अब सामान्य नागरिक के लिए ₹50,000 और वरिष्ठ नागरिक के लिए ₹1,00,000 तक की ब्याज पर TDS नहीं लगता।

Income Tax on FD Image
Income Tax on FD Image

3️⃣ क्या इस नई सीमा का लाभ 1 अप्रैल 2025 से लागू हुआ?

हाँ, यह नया TDS नियम FY 2025-26 के लिए लागू है, यानी 1 अप्रैल 2025 से।

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4️⃣ क्या FD ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री हो गया है?

नहीं, यह पूरी तरह टैक्स-फ्री नहीं है; लेकिन यदि आपकी कुल आय नई स्लैब के तहत ₹12 लाख तक है तो टैक्स लगभग शून्य होगा।

5️⃣ Form 15G/15H का क्या उपयोग है?

यदि आप अपनी कुल आय ₹12 लाख से कम दिखाते हैं, तो आप बैंक में 15G/15H जमा करके TDS से बच सकते हैं।

6️⃣ वरिष्ठ नागरिकों को कितना फायदा है?

सीनियर सिटीज़न के लिए TDS सीमा ₹1,00,000 होने से बुज़ुर्गों को ब्याज से कम टैक्स काटा जाएगा।

7️⃣ क्या यह बदलाव मध्यम वर्ग को लाभ देगा?

हाँ, विशेष रूप से यदि आपकी आय ₹12 लाख के आसपास है, तो Income Tax on FD का बोझ कम हो गया है।


📌 निष्कर्ष

बजट 2025-26 ने Income Tax on FD के नियमों में कई सकारात्मक बदलाव किए हैं, जिनसे मध्यम वर्ग और वरिष्ठ नागरिकों को प्रत्यक्ष टैक्स राहत मिल सकती है। उच्च TDS सीमा, नई टैक्स स्लैब, और Form 15G/15H जैसी सुविधाएँ FD निवेशकों के वित्तीय बोझ को कम करती हैं।

संक्षेप में कहा जाए तो, यदि आप ₹50,00,000 की FD करते हैं और आपकी कुल आय ₹12,00,000 तक है, तो Income Tax on FD का बोझ लगभग समाप्त हो सकता है — यह एक बड़ी राहत है।

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Dharmesh Jain

धर्मेश जैन www.samaydhara.com के को-फाउंडर और बिजनेस हेड है। लेखन के प्रति गहन जुनून के चलते उन्होंने समयधारा की नींव रखने में सहायक भूमिका अदा की है। एक और बिजनेसमैन और दूसरी ओर लेखक व कवि का अदम्य मिश्रण धर्मेश जैन के व्यक्तित्व की पहचान है।

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