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है परेशान-निराश..?चिंताओं का घर बन गया आपका दिमाग,अंगूर खाने से सभी अवसाद जायेंगे भाग

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न्यूयार्क, 4 फरवरी : है परेशान-निराश..? चिंताओं का घर बन गया आपका दिमाग,अंगूर खाने से सभी अवसाद जायेंगे भाग l 

अगर आप अवसाद जैसी परेशानी से बचना चाहते हैं तो अंगूर जरूर खाएं।

अंगूर खाने से मनोविकार कम होता है। यह बात एक हालिया शोध में उजागर हुई है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि भोजन में अंगूर को शामिल करने से मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है,

जबकि अंगूर रहित आहार का सेवन करने वालों को निराशा व हताशा जैसे विकारों के लिए चिकित्सकों की शरण लेना पड़ सकती(Home-remedies-including-grapes-in-food-has-a-positive-effect-on-mental-health)है। 

ऑनलाइन ‘नेचर कम्यूनिकेशंस’ में प्रकाशित शोध के नतीजे बताते हैं कि

भोजन में अंगूर से मिलने वाले नैसर्गिक तत्वों से हताशा जैसे मनोविकार कम हो सकते हैं। 

मुख्य शोधकर्ता व न्यूयार्क के इकाह्न स्कूल ऑफ मेडिसिन में प्रोफेसर गियूलियो मारिया पसिनेत्ती ने कहा,

“अंगूर रहित पोलीफिनॉल कम्पाउंड उत्तेजना से जुड़े कोशिकीय व आणविक मार्ग को निशाना बनाता है।

लिहाजा इस संबंध में की गई नई खोज से निराशा व चिंताग्रस्त लोगों का इलाज संभव हो पाएगा।”

शोधकर्ता ने बताया कि अंगूर से तैयार बायोएक्टिव डायटरी पोलीफिनॉल तनाव प्रेरित निराशा की स्थिति से बाहर

निकलने में मददगार व इस रोग के इलाज में प्रभावी हो सकता है। शोध में इसका उपयोग चूहे पर किया गया और नतीजा सकारात्मक आया। 

जाहिर है भोजन से जो पोषक तत्व हमारे शरीर को मिलता है वह रोगों की रोकथाम के लिए ज्यादा कारगर होता है।

 

 

 

 

आईएएनएस

 

 

 

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Dropadi Kanojiya

द्रोपदी कनौजिया पेशे से टीचर रही है लेकिन अपने लेखन में रुचि के चलते समयधारा के साथ शुरू से ही जुड़ी है। शांत,सौम्य स्वभाव की द्रोपदी कनौजिया की मुख्य रूचि दार्शनिक,धार्मिक लेखन की ओर ज्यादा है।

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