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जैन चातुर्मास 2025: जानिय श्वेताम्बर-स्थानकवासी-तेरापंथी-दिगंबर के पर्युषण महापर्व की तारीख और महत्व

जानियें जैन धर्म के बारे में 📖 जैन चातुर्मास यानि चौमासा 2025 कब से शुरू होगा? 2025 में संवत्सरी कब है..? जैन लोगों पर्युषण महापर्व पर क्या करते है..?

Jain Chaturmas 2025: Know Jain Chaumasa Date Paryushan MahaParva Days Samvatsari Date

जैन चातुर्मास 2025: जानिय चातुर्मास की तारीख, पर्युषण पर्व की तारीख संवत्सरी की तारीख और इनका महत्व

📖 जैन चातुर्मास 2025 कब से शुरू होगा?

जैन धर्म में 6 जुलाई 2025 से चातुर्मास की शुरुआत होगी l 

जैन धर्म में चातुर्मास 6 जुलाई 2025 से शुरू होगा। यह आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को शुरू होता है और कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को समाप्त होता है. इस वर्ष, देवशयनी एकादशी 6 जुलाई को है, इसलिए चातुर्मास भी इसी दिन से शुरू हो रहा है. चातुर्मास का समापन 1 नवंबर 2025 को देवउठनी एकादशी के दिन होगाl 

 

पर्युषण महापर्व का आज से हुआ आगाज, जाने जैन धर्म के इस महापर्व के बारें में

2025 में जैन पर्युषण पर्व श्वेतांबर संप्रदाय में 21 अगस्त से 27/28 अगस्त तक और दिगंबर संप्रदाय में 27/28 अगस्त से 5/6 सितंबर तक मनाया जाएगा।

  • 6 जुलाई को जैन चातुर्मास शुरू होंगे।  
  • 9 अगस्त को रक्षाबंधन l 
  • श्वेताम्बर स्थानकवासी का पर्यूषण पर्व 21 अगस्त से 27/28 अगस्त तक
  • जैन धर्म संवत्सरी 2025 (27/28 अगस्त को होगी)
  • दिगम्बर जैन पर्युषण पर्व (दशलक्षण) 27/28 अगस्त से 6 सितंबर तक
  • जैन धर्म संवत्सरी 2025 (6 सितंबर को होगी) 
🙏 चातुर्मास का माहत्व :

चातुर्मास जैन धर्म के चार महीनों का एक ऐसा धार्मिक और ध्यानात्मक काल है जिसमें जैनी  त्याग, व्रत, जप, यौग्य,और नैतिकता का अनुषठान करते है।

Jain Chaturmas 2025: Know Jain Chaumasa Date Paryushan MahaParva Days Samvatsari Date

धार्मिक गतिविधि:

चातुर्मास के दौरान, जैन साधु-साध्वी एक ही स्थान पर रहकर धार्मिक गतिविधियों में संलग्न होते हैं, जिससे भक्तों को उनके प्रवचन सुनने और मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलता है l 

आध्यात्मिक विकास:

यह अवधि आध्यात्मिक विकास और आत्म-चिंतन के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि साधु-साध्वी इस दौरान विशेष रूप से धार्मिक अनुष्ठानों और साधना में लगे रहते हैं l 

भक्तों के लिए अवसर:

चातुर्मास भक्तों के लिए भी एक महत्वपूर्ण समय है, क्योंकि वे इस दौरान साधु-संतों के दर्शन कर सकते हैं, उनके प्रवचन सुन सकते हैं और धार्मिक गतिविधियों में भाग ले सकते हैं l 

जानें जैन धर्म के सबसे बड़े दिन “संवत्सरी” की महिमा, क्यों जैनी मांगते है सबसे क्षमा 

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📅 **पर्युषण पर्व 2025 की तारीख (श्वेतांबर, दिगंबर, तेरापंथी, स्थानकवासी)

क्या क्या है पर्युषण पर्व? : यह जैन ग्रंथ का सबसे बड़ा तीथ और पवित्र तपक पर्व है जिसका उद्देश्य स्याम, अप्राम, क्षमा, और तपस्या में अनुट स्थान है।

पर्युषण 2025 की तारीख:


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  • श्वेताम्बर/स्थानकवासी/तेरापंथी का पर्यूषण पर्व 21 अगस्त से 27/28 अगस्त तक l 
  • दिगम्बर जैन मतावलंबी 27/28 अगस्त से 6 सितंबर तक दशलक्षण पर्व मनाएंगे।

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Dharmesh Jain

धर्मेश जैन www.samaydhara.com के को-फाउंडर और बिजनेस हेड है। लेखन के प्रति गहन जुनून के चलते उन्होंने समयधारा की नींव रखने में सहायक भूमिका अदा की है। एक और बिजनेसमैन और दूसरी ओर लेखक व कवि का अदम्य मिश्रण धर्मेश जैन के व्यक्तित्व की पहचान है।

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