
Lohri 2026 Shubh Muhurat इस साल कब है लोहड़ी? जानें सही तारीख, पूजा का समय और मूंगफली-रेवड़ी का महत्व
Lohri 2026 Shubh Muhurat को लेकर हर साल लोगों के मन में कई सवाल होते हैं—लोहड़ी किस तारीख को है, पूजा का सही समय क्या है, आग जलाने की परंपरा क्यों है, और मूंगफली-रेवड़ी का क्या धार्मिक महत्व है?
अगर आप भी 2026 में लोहड़ी सही विधि और सही समय पर मनाना चाहते हैं, तो यह पोस्ट आपके लिए Complete Guide है।
When considering the Lohri 2026 Shubh Muhurat: it’s essential to plan your celebrations accordingly.
यह लेख खासतौर पर North India (पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, राजस्थान) की परंपराओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
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🔥 लोहड़ी पर्व क्या है? (What is Lohri Festival)
लोहड़ी उत्तर भारत का एक प्रमुख लोकपर्व है, जिसे खासतौर पर पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व—
- सर्दियों के अंत
- The Lohri 2026 Shubh Muhurat: is a time for joy and celebration.
- नई फसल (रबी) के स्वागत
- सूर्य देव के उत्तरायण होने से पहले
मनाया जाता है।
लोहड़ी अग्नि (Fire) और सूर्य (Sun) की उपासना का पर्व है, जिसमें लोग आग के चारों ओर घूमकर खुशहाली, संतान सुख और समृद्धि की कामना करते हैं।
During Lohri 2026 Shubh Muhurat: people gather around the fire for blessings.
📅 Lohri 2026 Date: इस साल लोहड़ी कब है?
✅ लोहड़ी 2026 की सही तारीख (North India)
👉 लोहड़ी पर्व: 13 जनवरी 2026 (मंगलवार)
यह तारीख पूरी तरह सही और प्रामाणिक है।
📌 महत्वपूर्ण बात
लोहड़ी हर साल 14 जनवरी को आने वाली मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाई जाती है, इसलिए इसकी तारीख लगभग हमेशा 13 जनवरी ही रहती है।
🕯️ Lohri 2026 Shubh Muhurat (पूजा का शुभ समय)
⏰ लोहड़ी पूजा का शुभ मुहूर्त – 13 जनवरी 2026
It’s crucial to know the timings during the Lohri 2026 Shubh Muhurat:for optimal celebrations.
| विवरण | समय |
|---|---|
| लोहड़ी पूजन का श्रेष्ठ समय | शाम 6:10 बजे से 9:30 बजे तक |
| अग्नि प्रज्वलन का समय | सूर्यास्त के बाद |
| भद्रा काल | ❌ नहीं |
| पूजा के लिए सर्वोत्तम समय | संध्या काल |
👉 लोहड़ी पूजा हमेशा शाम को की जाती है, क्योंकि यह अग्नि और सूर्य से जुड़ा पर्व है।
🌙 लोहड़ी की तिथि (Tithi) – 2026
हिंदू पंचांग के अनुसार—
- लोहड़ी पौष मास में आती है
- यह पर्व तिथि से अधिक परंपरा आधारित है
- उत्तर भारत में 13 जनवरी की शाम को ही लोहड़ी मनाना शास्त्रसम्मत माना जाता है
📌 इसलिए तिथि भ्रम में न पड़ें, 13 जनवरी 2026 की शाम ही लोहड़ी मनाएं।
The significance of Lohri 2026 Shubh Muhurat: cannot be overstated in cultural practices.
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🔥 लोहड़ी पर आग जलाने की परंपरा क्यों है?
लोहड़ी की सबसे बड़ी पहचान है—अग्नि प्रज्वलन।
इसके पीछे 3 बड़े कारण माने जाते हैं:
1️⃣ सूर्य देव की उपासना
लोहड़ी सूर्य के उत्तरायण होने से पहले मनाई जाती है। आग सूर्य का ही प्रतीक है।
As we approach the Lohri 2026 Shubh Muhurat:, preparations should begin early.
2️⃣ नकारात्मक ऊर्जा का नाश
मान्यता है कि लोहड़ी की आग में—
- रोग
- दरिद्रता
- नकारात्मकता
जलकर नष्ट हो जाती है।
3️⃣ नई फसल का स्वागत
किसान अपनी पहली फसल का अंश अग्नि को अर्पित करते हैं।
🥜 मूंगफली-रेवड़ी का महत्व क्यों है? (Lohri 2026 Shubh Muhurat)
लोहड़ी पर मूंगफली, रेवड़ी, तिल, गुड़ और पॉपकॉर्न का विशेष महत्व होता है।
Traditional foods during the Lohri 2026 Shubh Muhurat: include peanuts and jaggery.
🌾 धार्मिक कारण
- तिल और गुड़ शनि दोष और सूर्य दोष को शांत करते हैं
- मूंगफली धरती की उपज का प्रतीक है
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❤️ सामाजिक कारण
- आपस में बांटना
- रिश्तों में मिठास
- Celebrating Lohri 2026 Shubh Muhurat: fosters community and togetherness.
- समुदाय की एकता
👉 इसलिए कहा जाता है:
“तिल-गुड़ खाओ, मीठा-मीठा बोलो”

👶 पहली लोहड़ी का विशेष महत्व
जिन घरों में—
- नवविवाहित जोड़ा हो
- नवजात शिशु हो
वहां पहली लोहड़ी बहुत धूमधाम से मनाई जाती है।
पहली लोहड़ी में क्या खास करें?
Remember to honor the Lohri 2026 Shubh Muhurat: with special rituals.
- नए कपड़े पहनाएं
- लोहड़ी की आग में विशेष आहुति
- कन्याओं को भेंट (शगुन)
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🪔 Lohri Puja Vidhi (लोहड़ी पूजा विधि – Step by Step)
✅ लोहड़ी पूजा कैसे करें? (Lohri 2026 Shubh Muhurat)
1️⃣ शाम को खुले स्थान पर आग जलाएं
2️⃣ आग को जल अर्पित करें
3️⃣ मूंगफली, रेवड़ी, तिल, मक्का अर्पित करें
4️⃣ परिक्रमा करें (3 या 7 बार)
5️⃣ सूर्य देव से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें
6️⃣ परिवार और पड़ोसियों में प्रसाद बांटें
Make sure to follow the steps of the Lohri 2026 Shubh Muhurat: ceremony carefully.
🌍 भारत के अलग-अलग हिस्सों में लोहड़ी
Embrace the joy of Lohri 2026 Shubh Muhurat:as a symbol of hope and new beginnings.
| राज्य | नाम / स्वरूप |
|---|---|
| पंजाब | लोहड़ी |
| हरियाणा | लोहड़ी |
| हिमाचल | लोहड़ी |
| उत्तर भारत | मकर संक्रांति की पूर्व संध्या |
| दक्षिण भारत | भोगी |
🔔 लोहड़ी से जुड़ी मान्यताएं
- लोहड़ी की आग जितनी तेज होगी, साल उतना शुभ होगा
- लोहड़ी की रात जागना शुभ माना जाता है
- लोहड़ी पर दान करने से शनि दोष शांत होता है l
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Participating in the Lohri 2026 Shubh Muhurat: enhances the festive spirit.
❓ Lohri 2026 FAQs (लोग क्या पूछते हैं)
Q1. Lohri 2026 कब है?
👉 13 जनवरी 2026 (मंगलवार)
Q2. Lohri 2026 Shubh Muhurat क्या है?
👉 शाम 6:10 PM से 9:30 PM
Q3. क्या लोहड़ी तिथि देखकर मनानी चाहिए?
👉 नहीं, यह परंपरा आधारित पर्व है
Q4. लोहड़ी पर क्या दान करें?
Understanding the Lohri 2026 Shubh Muhurat: is vital for cultural continuity.
👉 तिल, गुड़, कंबल, गर्म कपड़े
Q5. लोहड़ी और मकर संक्रांति में क्या अंतर है?
👉 लोहड़ी एक दिन पहले, मकर संक्रांति अगले दिन
Q6. क्या लोहड़ी पूरे भारत में मनाई जाती है?
👉 मुख्य रूप से उत्तर भारत में
Q7. लोहड़ी की आग में क्या अर्पित करें?
👉 मूंगफली, रेवड़ी, मक्का, तिल
🧠 ज्योतिषीय महत्व (Astrological Significance)
लोहड़ी के बाद सूर्य—
The Lohri 2026 Shubh Muhurat: marks the start of a prosperous year.
- मकर राशि की ओर बढ़ता है
- उत्तरायण की शुरुआत होती है
- शुभ कार्यों का आरंभ माना जाता है
इसीलिए लोहड़ी के बाद विवाह और शुभ कार्य बढ़ जाते हैं।
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🏁 निष्कर्ष (Conclusion)
Lohri 2026 Shubh Muhurat के अनुसार—
In conclusion, the Lohri 2026 Shubh Muhurat: holds great significance in our traditions.
- 📅 तारीख: 13 जनवरी 2026
- ⏰ पूजा समय: शाम 6:10 से 9:30
- 🔥 अग्नि, तिल-गुड़ और सामूहिक उत्सव का पर्व
यह पर्व सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और सामूहिक खुशहाली का प्रतीक है।
👉 CTA (Next Post)
अब जब आपने लोहड़ी 2026 से जुड़ी हर जानकारी जान ली है,
तो हमारी अगली पोस्ट ज़रूर पढ़ें:
Explore more about Lohri 2026 Shubh Muhurat: in our upcoming articles.
➡️ “Makar Sankranti 2026: शुभ मुहूर्त, दान, स्नान और सूर्य उत्तरायण का महत्व”
उस पोस्ट में जानेंगे मकर संक्रांति पर क्या करें और क्या नहीं।
Lohri 2026 Shubh Muhurat
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