
Ajit Pawar Funeral Live Updates In HIndi विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन, बारामती में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद दुखद है। राज्य के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार को बारामती में हुए एक दर्दनाक चार्टर विमान हादसे में निधन हो गया। इस हादसे ने पूरे महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देशभर को स्तब्ध कर दिया है। आज गुरुवार को उनके गृह नगर बारामती में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
अजित पवार नहीं रहे:जानें विमान हादसे में कैसे हुई मौत?,कल अंतिम संस्कार
अजित पवार नहीं रहे:जानें विमान हादसे में कैसे हुई मौत?,कल अंतिम संस्कार
सुबह से ही बारामती के विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड और आसपास के इलाकों में भारी भीड़ देखी जा रही है। हजारों समर्थक, कार्यकर्ता और आम नागरिक “अजित दादा अमर रहें” के नारों के साथ अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने पहुंचे हैं। माहौल बेहद भावुक है और हर आंख नम दिखाई दे रही है।
कैसे हुआ हादसा – लैंडिंग के दौरान हुआ विमान क्रैश
बुधवार सुबह अजित पवार मुंबई से बारामती के लिए चार्टर विमान से रवाना हुए थे। तय कार्यक्रम के अनुसार उन्हें बारामती एयरस्ट्रिप पर उतरना था, लेकिन लैंडिंग के दौरान विमान अचानक असंतुलित हो गया और रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान नीचे आते समय नियंत्रण खो बैठा और जमीन से टकराते ही उसमें आग लग गई। कुछ ही सेकंड में पूरा विमान जलकर खाक हो गया। इस दर्दनाक हादसे में अजित पवार समेत कुल पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें पायलट, को-पायलट और अन्य स्टाफ शामिल थे।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, दमकल विभाग और राहत दल मौके पर पहुंचे, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि किसी को बचाया नहीं जा सका।

कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर बरामद
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पुष्टि की है कि क्रैश हुए विमान का कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) बरामद कर लिया गया है। इन्हें जांच एजेंसियों के हवाले कर दिया गया है।
अब विमान हादसे की तकनीकी जांच शुरू हो चुकी है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो और डीजीसीए की टीमें मलबे की गहन जांच कर रही हैं। शुरुआती तौर पर खराब दृश्यता, मौसम और लैंडिंग के दौरान तकनीकी समस्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही असली कारण स्पष्ट होगा।
पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर
जैसे ही अजित पवार के निधन की खबर फैली, पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई। बारामती, पुणे, मुंबई समेत कई शहरों में लोग स्वतः सड़कों पर उतर आए और श्रद्धांजलि देने लगे।
राज्य सरकार ने तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किया है। कई जगहों पर बाजार बंद रहे, स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में भी कामकाज प्रभावित रहा। राजनीतिक दलों के दफ्तरों पर झंडे आधे झुका दिए गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बात कर घटना की जानकारी ली और गहरा दुख व्यक्त किया। (Wikipedia)
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आज सुबह से अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
गुरुवार सुबह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का पार्थिव शरीर उनके निवास से बारामती के विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड लाया गया, जहां आम जनता के लिए अंतिम दर्शन की व्यवस्था की गई।
सुबह से ही हजारों लोग कतारों में खड़े होकर अजित दादा को अंतिम प्रणाम कर रहे हैं। बुजुर्ग, महिलाएं, युवा और बच्चे — हर वर्ग के लोग अपने नेता को नम आंखों से विदाई दे रहे हैं।
समर्थकों का कहना है कि अजित पवार सिर्फ एक नेता नहीं थे, बल्कि हर मुश्किल में साथ खड़े रहने वाले जननेता थे।
11 बजे हुआ अंतिम संस्कार, पूरे राजकीय सम्मान के साथ विदाई
आज करीब 11 बजे अजित पवार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ। पुलिस गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, राष्ट्रध्वज में लिपटे पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई दी गई।
इस दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
नितिन गडकरी सुबह पुणे एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से सीधे बारामती रवाना हुए। अंतिम संस्कार स्थल पर राजनीतिक जगत की लगभग सभी बड़ी हस्तियां पहुंचीं।
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अजीत पवार – एक मजबूत प्रशासक और जमीनी नेता
66 वर्षीय अजित पवार महाराष्ट्र के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे। वे कई बार उपमुख्यमंत्री रह चुके थे और लंबे समय तक राज्य की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाते रहे।
बारामती उनकी कर्मभूमि रही, जहां उन्होंने सिंचाई, सड़क, शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू कराए। वे अपने सख्त प्रशासनिक फैसलों और तेज कार्यशैली के लिए जाने जाते थे।
समर्थकों के बीच उनकी पहचान एक ऐसे नेता की थी, जो बिना दिखावे के काम करता था और आम आदमी की बात सीधे सुनता था।
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राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक
अजित पवार के निधन पर सभी राजनीतिक दलों ने शोक व्यक्त किया है। भाजपा, कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी समेत हर दल के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने भी सोशल मीडिया के जरिए दुख जताया। फिल्म अभिनेता, गायक और खेल जगत के लोगों ने अजित पवार को याद करते हुए उनके योगदान को सलाम किया।
हर तरफ यही भावना दिखाई दे रही है कि महाराष्ट्र ने आज अपना एक मजबूत स्तंभ खो दिया।
विमान हादसे ने खड़े किए सुरक्षा पर सवाल
इस दुर्घटना के बाद चार्टर विमानों की सुरक्षा, छोटे एयरस्ट्रिप्स पर लैंडिंग व्यवस्था और मौसम संबंधी प्रोटोकॉल पर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद विमानन नियमों में बदलाव संभव है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि हादसे की निष्पक्ष और गहन जांच होगी और जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष: महाराष्ट्र ने खोया अपना जननेता
अजित पवार का जाना सिर्फ एक राजनीतिक नुकसान नहीं है, बल्कि यह महाराष्ट्र की जनता के लिए व्यक्तिगत क्षति जैसा है। आज बारामती की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि अजित दादा लोगों के दिलों में कितनी गहरी जगह रखते थे।
उनकी कार्यशैली, निर्णय क्षमता और जनता से जुड़ाव हमेशा याद रखा जाएगा। महाराष्ट्र की राजनीति में उनका योगदान अमिट रहेगा।
अजित पवार को भावभीनी श्रद्धांजलि।
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