शायरी : आस एक झूठी ही दे जाओ कि बहला सकूँ उसे, आँगन में शाम तो आयेगी तेरे जाने के बाद भी..!!

aangan shayri hindi shayaris india ki sayari आस एक झूठी ही दे जाओ कि बहला सकूँ उसे…. आँगन में शाम तो आयेगी तेरे जाने के बाद भी..!! रिश्तों की दलदल से कैसे निकलेंगे… जब हर साजिश के पीछे अपने ही निकलेंगे… इश्क़ शायरी : दिवाना हर शख़्स को बना देता है इश्क़, सैर जन्नत की … Continue reading शायरी : आस एक झूठी ही दे जाओ कि बहला सकूँ उसे, आँगन में शाम तो आयेगी तेरे जाने के बाद भी..!!