शायरी : न जाने कोन-सी साजिशों के हम शिकार हो गए

gunhgar-shayris sayari-ki-duniya shayari-ki-kitab indian-shayari न जाने कोन-सी साजिशों के हम शिकार हो गए , जितना दिल साफ़ रखा उतना “गुनहगार” हो गए । धोखेबाज शायरी : रिश्तों की दलदल से कैसे निकलेंगे… रिश्तों की दलदल से कैसे निकलेंगे… जब हर साजिश के पीछे अपने ही निकलेंगे… Happy New Year 2022:क्या खोया,क्या पाया…भूल जाओं…नए साल में … Continue reading शायरी : न जाने कोन-सी साजिशों के हम शिकार हो गए