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शायरी : न जाने कोन-सी साजिशों के हम शिकार हो गए

जितना दिल साफ़ रखा उतना “गुनहगार” हो गए...

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न जाने कोन-सी साजिशों के हम

शिकार हो गए ,

जितना दिल साफ़ रखा

उतना “गुनहगार” हो गए ।

धोखेबाज शायरी : रिश्तों की दलदल से कैसे निकलेंगे…

रिश्तों की दलदल से कैसे

निकलेंगे…

जब हर साजिश के पीछे अपने ही

निकलेंगे…

Happy New Year 2022:क्या खोया,क्या पाया…भूल जाओं…नए साल में नए सपने सजाओं,भेजें ऐसी ही Wishes,hindi shayari

दूरियाँ
तो पहले ही आ चुकी थी ज़माने में ,

कोरोना ने आकर
इल्ज़ाम अपने सर ले लिया ।

शायरी : हर नजर में मुमकिन नहीं है बे-गुनाह रहना…

मँज़िले बड़ी ज़िद्दी होती हैँ ,

हासिल कहाँ नसीब से होती हैं !

मगर वहाँ तूफान भी हार जाते हैं ,

जहाँ कश्तियाँ ज़िद पर होती हैँ !

ठंड की शायरी : मौसम ने ली अंगड़ाई और निकाल ली आप ने रज़ाई…

यह शायरियां भी पढ़े : (gunhgar-shayris sayari-ki-duniya shayari-ki-kitab indian-shayari)

आरजू शायरी : तेरी आरजू ने कुछ यू दीवाना किया, ख्वाब की जूस्तजु ने खुद से बेगाना किया..

बारिश शायरी : बादलों के दरमिया साजिश होने लगी…कल उसने मिलने का वादा किया था…

इश्क शायरी : इश्क़ जब इबादत बन जाता है तो खुदा खुद हमारे इश्क़ की

Life Shayari : हवाओं की भी अपनी…अजब सियासतें हैं साहब,

कोरोना शायरी : दूरियाँ तो पहले ही आ चुकी थी ज़माने में…..

मुस्कान शायरी : हम तो खुशियाँ उधार देने का कारोबार करते हैं, साहब…!

जिंदगी शायरी : तलाश ज़िन्दगी की थी, दूर तक निकल पड़े ….

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