शादीशुदा ग़ालिब : मोहब्बत नहीं थी तो मना कर देती, मेरी बीवी को बताने की क्या जरूरत थी.?

mohabbat shayri galib ki shayaris indian sayari  मोहब्बत नहीं थी तो मना कर देती, मेरी बीवी को बताने की क्या जरूरत थी…? इश्क शायरी-तू दर्द दे तो, मैं उससे भी इश्क करूँ, एक तेरा शौक है और एक मेरा जनून… तू दर्द दे तो मैं उससे भी इश्क करूँ, एक तेरा शौक है और एक … Continue reading शादीशुदा ग़ालिब : मोहब्बत नहीं थी तो मना कर देती, मेरी बीवी को बताने की क्या जरूरत थी.?