
Angarki Chaturthi 2026 Moonrise Time Today Mumbai Delhi Pune Shubh Muhurat
🔮 अंगारकी संकष्टी चतुर्थी 6 जनवरी 2026: आज रात चांद कब निकलेगा? मुंबई-महाराष्ट्र का सटीक चंद्रोदय समय और पारण मुहूर्त
आज 6 जनवरी 2026, मंगलवार को अंगारकी संकष्टी चतुर्थी (Angarki Sankashti Chaturthi 2026) मनाई जा रही है। यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है और भक्तजन पूरे दिन व्रत रखते हैं, जबकि व्रत का पारण तभी किया जाता है जब चंद्रमा आकाश में दिखाई दे। परंतु कई भक्त यह जानना चाहते हैं कि
👉 आज रात चांद कब निकलेगा (Moonrise Time 6 January 2026)?
👉 मुंबई/महाराष्ट्र में चंद्र दर्शन का सही समय क्या है?
👉 पारण का शुभ मुहूर्त कब है?
इन सभी प्रश्नों के उत्तर इस लेख में विस्तार से दिए गए हैं।
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📅 अंगारकी संकष्टी चतुर्थी 2026 — तिथि और महत्व
अंगारकी संकष्टी चतुर्थी कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर पड़ने वाली संकष्टी का एक विशेष रूप है, जो मंगलवार को पड़ते ही इसे “अंगारकी” कहा जाता है।
यह व्रत भगवान श्री गणेश की सिद्धि और बाधाओं का निवारण करने वाला माना जाता है। इस दिन उपवास सुबह से शुरू होता है और रात को चंद्र दर्शन के बाद पारण किया जाता है।
🌙 आज का पंचांग (6 जनवरी 2026)
आज का पंचांग वैदिक ज्योतिष के अनुसार इस प्रकार है 👇:
| घटक | समय/विवरण |
|---|---|
| वार | मंगलवार |
| मास | माघ मास, कृष्ण पक्ष |
| तिथि | तृतीया – सुबह तक फिर चतुर्थी तिथि शुरू |
| नक्षत्र | आश्लेषा/मघा |
| योग | प्रीति, आयुष्मान |
| करण | विष्टि, बव, बालव, कौलव |
| सूर्योदय | लगभग 7:13 AM |
| सूर्यास्त | लगभग 5:51 PM |
| चंद्र राशि | कर्क से सिंह |
| राहुकाल | (स्थानीय अनुसार दिन में कुछ घंटे) |
| चंद्रोदय (Moonrise) | लगभग 9:23–9:24 PM (मुंबई/महाराष्ट्र) |
👉 मुंबई और आसपास के इलाके जैसे नवी मुंबई, ठाणे आदि में भी चाँद लगभग रात 9:20 बजे के आसपास आकाश में दिखाई देगा, जो संकष्टी व्रत पारण के लिए शुभ समय मानी जाती है।
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🌙 चंद्रोदय (Moonrise) का वैज्ञानिक व धार्मिक अर्थ
चंद्रमा की रात्रि समय उगने वाली स्थिति को ‘चंद्रोदय’ कहा जाता है।
अंगारकी संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रमा जब आकाश में दिखाई देता है, उसी समय पर भक्त जी मेवा, जल, फल आदि के साथ भगवान गणेश को अर्घ्य देते हैं और व्रत का पारण करते हैं। यह परंपरा पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अत्यंत शुभ मानी जाती है क्योंकि चंद्रमा शुभ ग्रहों में गिना जाता है और उसकी उपस्थिति से मन, बुद्धि और सूक्ष्म ऊर्जा में सकारात्मक परिवर्तन आता है
जानें शहर के हिसाब से चंद्रोदय का समय
| शहर | चंद्रोदय समय (अनुमानित) |
| मुंबई | रात 09:15 बजे |
| पुणे | रात 09:12 बजे |
| दिल्ली | रात 08:52 बजे |
| नागपुर | रात 08:58 बजे |
🪔 पारण का शुभ मुहूर्त (Angarki Sankashti Chaturthi Break Fast Muhurat)
चांद के दिखते ही व्रत का पारण किया जाता है।
धार्मिक मान्यता है कि व्रत पारण चांद के दर्शन के तुरंत बाद करने से फल मिलता है।
मुंबई/महाराष्ट्र में चंद्रमा का अपरोक्ष या प्रत्यक्ष दर्शन लगभग रात 9:20 बजे से 9:40 बजे के बीच होता दिख रहा है, इसलिए पारण का शुभ समय भी इसी समय से शुरू माना जाता है।
💡 टिप: यदि बादलों की वजह से चंद्रमा दिखाई नहीं देता है, तो चंद्र दर्शन के लिए आसमान खुलने का उपयुक्त समय थोड़ा प्रतीक्षा के बाद चुनें, परन्तु विधिवत पूजा अवश्य करें।
📖 संकष्टी चतुर्थी व्रत का धार्मिक महत्व
अंगारकी संकष्टी चतुर्थी का व्रत हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है:
- यह व्रत गणेश जी की आराधना का एक श्रेष्ठ तरीका है।
- मान्यता है कि इससे मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
- यह व्रत जीवन की बाधाओं को हटाने और सकारात्मक ऊर्जा पाने के लिए प्रभावी माना जाता है।
- मंगलवार होने के कारण इसे विशेष शक्ति मिलती है क्योंकि मंगल ग्रह अन्य ग्रहों के संयोग में बल और उत्साह देता है।
🧘 अंगारकी संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि (Step by Step)
यहाँ अंगारकी संकष्टी की पूजा विधि सरल और प्रभावी तरीके से दी जा रही है:
1️⃣ सुबह का आरंभ
- स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थल पर गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें।
- धूप, दीप और फूल से पूजन को प्रारंभ करें।
2️⃣ मंत्र जाप
- आप “ॐ गण गणपतये नमः” का जाप 108 बार कर सकते हैं।
- इसे गणेश जी को प्रसन्न करने वाला श्रेष्ठ मंत्र माना जाता है।
3️⃣ व्रत का पालन
- आज का व्रत सूर्योदय से प्रारंभ कर Moonrise तक रखा जाता है।
- फल, जल और मेवा का सेवन किया जा सकता है, या पारण तक पूर्ण उपवास भी रखा जा सकता है।
4️⃣ चंद्र दर्शन और पारण
- चंद्रोदय के सही समय पर चंद्रमा को देखकर पूजा करें।
- जल में चंद्रोदय के समय तांबे का लोटा या कलश रखें और उसमें जल अर्पित करें।
- उसके बाद ही व्रत का पारण व्रती करें।
✨ अंगारकी संकष्टी व्रत के लाभ
यह व्रत कई आध्यात्मिक और मानसिक लाभ देता है:
- मन की शांति और स्थिरता
- नई शुरुआत के लिए सकारात्मक ऊर्जा
- बाधाओं का निवारण
- संकटों से निजात
- मानसिक संतोष और धैर्य की वृद्धि
धार्मिक मान्यता में इसका आयोजन विशेष रूप से गणेश जी के आशीर्वाद और भक्त की इच्छाओं के पूर्ति के लिए महत्वपूर्ण होता है।
🔍 FAQ – अंगारकी संकष्टी चतुर्थी (6 जनवरी 2026)
❓ 1. संकष्टी चतुर्थी 6 जनवरी 2026 कब है?
➡️ यह अंगारकी संकष्टी चतुर्थी मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को है।
❓ 2. चंद्रमा आज मुंबई में कब निकलेगा?
➡️ मुंबई में आज चंद्रमा लगभग रात 9:20–9:24 बजे के आसपास दिखाई देगा।
❓ 3. पारण का शुभ समय क्या है?
➡️ चंद्रोदय के तुरंत बाद का समय पारण के लिए उत्तम माना जाता है, यानी लगभग 9:20 बजे के बाद।
❓ 4. बिना चंद्र दर्शन के पारण कर सकते हैं?
➡️ यदि बादल के कारण चंद्र दर्शन कम दिखाई दे तो धर्मगुरुओं के अनुसार व्रत समाप्ति के सही मुहूर्त का इंतज़ार किया जा सकता है।
❓ 5. आज का पंचांग क्या कहता है?
➡️ आज की तिथि कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है, सूर्यास्त के पश्चात चंद्रमा दर्शन के साथ व्रत पारण आवश्यक है। (Prokerala)
❓ 6. मंगलवार का व्रत क्यों विशेष है?
➡️ मंगलवार को उपवास ग्रहों के प्रभाव और विशेष भाव से फल देता है, जो व्रत को और अधिक पवित्र बनाता है।
❓ 7. क्या उपवास कायम रखा जाये?
➡️ हाँ, संकल्प के अनुसार सुबह से चंद्रोदय तक व्रत रखना शुभ फलदायी माना जाता है।
🧠 निष्कर्ष
अंगारकी संकष्टी चतुर्थी 6 जनवरी 2026 भक्तों के लिए उत्साह, शुभता, आध्यात्मिक ऊर्जा और मनोकामना पूर्ति का पर्व है।
मुंबई सहित महाराष्ट्र के कई शहरों में आज चंद्रमा लगभग रात 9:20 बजे के आसपास ऊँचा दिखाई देगा, जिसका दर्शन करने के बाद पारण और पूजा पूरी तरह से फलदायी मानी जाएगी।
इस दिन पूजा-पाठ, व्रत, मंत्र जाप और चंद्र दर्शन के सभी शुभ उपाय करने से न केवल मन शांत रहता है बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना भी बढ़ती है।
“अपने शहर का सही समय जानने के लिए नीचे कमेंट करें”
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