
Ganesh-Chaturthi-2025-Special-Must-Watch-5-Stories-Of-Ganpati-Bappa
गणेशजी की जानी-अनजानी रहस्यमयी कथाएं जो आपके दिल को छू लेंगी
(1) गणेश चतुर्थी स्पेशल: गणेश जी का जन्म रहस्य l जानिए पूरी कहानी l
माता पार्वती ने मिट्टी से एक अद्भुत बालक बनाया, जो उनके द्वार की रक्षा कर रहा था।
लेकिन जब भगवान शिव ने प्रवेश करने की कोशिश की, तो बालक ने उन्हें रोक दिया! क्रोधित शिव ने क्या किया? और कैसे गणेश जी का जन्म हुआ? देखिए ये अद्भुत कहानी!
(2) 🕉️ क्या आप जानते हैं गणेश जी को हाथी का सिर क्यों मिला?
पार्वती जी ने मिट्टी से एक बालक बनाया और उसे द्वार पर पहरा देने को कहा। जब शिव जी लौटे तो गणेश जी ने उन्हें रोक दिया।
पार्वती जी का दुख देख देवताओं ने कहा — “गणेश को जीवन दो।” तब शिव जी ने पहला जीवित प्राणी का सिर लगाया — वो था हाथी।
🙏 यही कारण है कि गणेश जी सबसे पहले पूजे जाते हैं।
(3) गणेशजी ने चंद्रमा को श्राप क्यों दिया? 🤔 गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन अशुभ क्यों है?
😲 क्या आप जानते हैं कि गणेशजी ने चंद्रमा को श्राप क्यों दिया था? यह पौराणिक कथा बहुत ही अद्भुत और रहस्यमयी है।
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मान्यता है कि गणेश चतुर्थी की रात गणेशजी ने खूब मोदक खाए और अपने वाहन मूषक पर सवार होकर निकले। पेट भारी हो जाने के कारण गणेशजी अचानक गिर पड़े। यह दृश्य देखकर चंद्रमा ज़ोर से हँस पड़ा और उनका मज़ाक उड़ाने लगा। गणेशजी अत्यंत क्रोधित हुए और उन्होंने चंद्रमा को श्राप दे दिया कि “आज से जो भी तुम्हें देखेगा, उस पर कलंक लगेगा।” तभी से यह विश्वास बना कि गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन अशुभ होता है। बाद में जब चंद्रमा ने क्षमा माँगी, तो गणेशजी ने श्राप को कम कर दिया और कहा कि केवल गणेश चतुर्थी के दिन ही चंद्र दर्शन अशुभ माने जाएँगे।
🌙 इसी वजह से आज भी लोग इस दिन चंद्र दर्शन से बचते हैं और इसे गणेशजी के श्राप से जोड़ते हैं। यह कथा हमें यह भी सिखाती है कि अहंकार और उपहास से बचना चाहिए, क्योंकि यह हमें बड़ी मुश्किल में डाल सकता है।
🙏 गणेशजी और चंद्रमा की यह कथा सिर्फ़ धार्मिक महत्व ही नहीं रखती बल्कि जीवन का गहरा संदेश भी देती है। इसलिए इस रहस्यमयी कहानी को जानना और समझना हम सबके लिए आवश्यक है।
(4) गणेशजी प्रथम पूजनीय क्यों कहलाए? सम्पूर्ण कथा 🙏 l Ganesh Kartikeya Katha l
“क्या आप जानते हैं कि भगवान गणेशजी को प्रथम पूजनीय क्यों कहा जाता है? 🙏
इस रोचक कथा में बताया गया है कि जब देवताओं ने तय किया कि जो भी पूरी पृथ्वी का चक्कर सबसे पहले लगाएगा, वही प्रथम पूजनीय कहलाएगा।
कार्तिकेय जी अपने मोर पर बैठकर तुरंत निकल पड़े, लेकिन गणेशजी ने माता-पिता भगवान शिव और माता पार्वती की परिक्रमा करके यह सिद्ध कर दिया कि माता-पिता ही संपूर्ण जगत हैं।
🌍✨ इसीलिए गणेशजी को प्रथम पूजनीय माना गया। \
🚩 इस वीडियो में देखें यह प्रेरक कथा और जानें क्यों हम हर शुभ कार्य की शुरुआत गणपति बप्पा के नाम से करते हैं।
❤️ 🙏 गणपति बप्पा मोरया 🙏”
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(5) गणेशजी क्यों कहलाए एकदंत.? महाभारत और गणेशजी का टूटा दाँत | Ganesha Story Ekdant Katha | #shortsfeed 🙏 **गणेशजी एकदंत कथा** 🙏
भगवान गणेश को “एकदंत” नाम से भी जाना जाता है। इसका कारण उनके टूटी हुई एक दाँत से जुड़ा है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, कई घटनाओं में भगवान गणेश का दाँत टूटा – एक कथा के अनुसार, जब परशुराम जी ने क्रोध में आकर अपने फरसे से वार किया, तब गणेशजी का एक दाँत टूट गया। वहीं दूसरी कथा में, जब वेदव्यास जी महाभारत की रचना कर रहे थे और गणेशजी ने बिना रुके लिखने की शर्त रखी, तब लेखन में बाधा न आए, इसलिए गणेशजी ने अपना एक दाँत तोड़कर कलम के रूप में इस्तेमाल किया। इसलिए गणेशजी को “एकदंत” कहा गया। “एक” का अर्थ है – एक और “दंत” का अर्थ है – दाँत। यह नाम केवल एक घटना नहीं बल्कि गहरी शिक्षा भी देता है। यह हमें त्याग, समर्पण और ज्ञान की ओर प्रेरित करता है।
कथा का महत्व:
✨ यह हमें सिखाती है कि जब जीवन में कठिन परिस्थितियाँ आएँ, तो बुद्धि और त्याग से उसका समाधान निकालना चाहिए।
✨ भगवान गणेश हमें बताते हैं कि सच्ची भक्ति और कर्तव्य के लिए व्यक्तिगत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
✨ “एकदंत” नाम यह दर्शाता है कि बुद्धि और विवेक सबसे बड़ी ताकत हैं।
भक्ति का संदेश:
गणपति बप्पा की यह कथा केवल एक पौराणिक प्रसंग नहीं, बल्कि जीवन जीने का सूत्र है। गणेश चतुर्थी और अन्य पर्वों पर जब भक्त “एकदंताय नमः” का जाप करते हैं, तो वे इसी त्याग और ज्ञान के स्वरूप को स्मरण करते हैं।
🙏 आइए, गणेशजी की इन प्रेरक कथा को सुनकर हम भी जीवन में ज्ञान, त्याग और भक्ति का पालन करें।
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