
Lohri-2026-Date-Muhurat-Importance Nri-Celebration-Guide लोहड़ी 2026 – तिथि, मुहूर्त, महत्व और NRI सेलिब्रेशन गाइड l
1लोहड़ी सिर्फ एक त्यौहार नहीं, बल्कि पंजाब की मिट्टी की खुशबू और नई फसल का जश्न है। साल 2026 में लोहड़ी की तारीख को लेकर कुछ उलझनें हैं,
लेकिन इस लेख में हम आपको सटीक शुभ मुहूर्त और परंपराओं के बारे में बताएंगे। विशेषकर कनाडा और यूके में बसे हमारे NRI भाइयों के लिए यह लेख बहुत महत्वपूर्ण है।
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2. लोहड़ी 2026 की सटीक तारीख और शुभ मुहूर्त
तारीख: 13 जनवरी 2026 (मंगलवार)।
अग्नि प्रज्वलित करने का समय: शाम 05:45 से 07:15 के बीच।
3. लोहड़ी का महत्व (Why we celebrate Lohri)
लोहड़ी को ‘तिलोड़ी’ भी कहा जाता है। यह मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, दुल्ला भट्टी ने कैसे गरीब लड़कियों की मदद की थी, यह कहानी आज भी हर पंजाबी घर में सुनाई जाती है।
4. लोहड़ी की रस्में (The Traditions)
अग्नि पूजा: सूखी लकड़ियों और उपलों की आग जलाई जाती है।
प्रसाद: रेवड़ी, मूंगफली, मक्का और तिल की आहुति दी जाती है।
गीत और नृत्य: गिद्दा और भांगड़ा के बिना लोहड़ी अधूरी है।
5. विशेष: ‘पहली लोहड़ी’ का महत्व
जिस घर में नई शादी हुई हो या बच्चा हुआ हो, वहां की पहली लोहड़ी (Pehli Lohri) का उत्सव बड़े पैमाने पर मनाया जाता है।
6. NRI स्पेशल: विदेशों में लोहड़ी सेलिब्रेशन
कनाडा (Brampton, Surrey), यूके और ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय इस त्यौहार को अपनी जड़ों से जुड़ने का मौका मानते हैं। सर्दियों में आग जलाकर अपनों के साथ वक्त बिताना एक अलग अनुभव है।
🔥 लोहड़ी 2026 – तिथि, मुहूर्त, महत्व और NRI Celebration Guide
(Lohri 2026 Date, Muhurat, Significance & Global Punjabi Celebration Guide)
🌾 लोहड़ी 2026: सिर्फ त्योहार नहीं, पंजाब की आत्मा
लोहड़ी 2026 भारत के सबसे ऊर्जावान और पारंपरिक त्योहारों में से एक है, जो खासतौर पर पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और उत्तर भारत में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। यह पर्व सर्दियों के अंत और फसल कटाई के मौसम की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
हर साल की तरह लोहड़ी 2026 भी न सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों में बसे NRIs (Non-Resident Indians) के बीच भी खास आकर्षण का केंद्र बनने वाली है। अलाव, गीत, ढोल, गिद्दा-भांगड़ा और पारंपरिक प्रसाद—सब मिलकर इसे एक वैश्विक उत्सव बना देते हैं।
📅 लोहड़ी 2026 की तिथि (Lohri 2026 Date)
- तारीख: 🔥 13 जनवरी 2026 (मंगलवार)
- दिन: मंगलवार
- उत्सव का समय: सूर्यास्त के बाद
लोहड़ी 2026 हर साल 13 जनवरी को मनाई जाती है, चाहे पंचांग बदले या नहीं—इसकी तारीख स्थिर रहती है।
⏰ लोहड़ी 2026 का शुभ मुहूर्त (Lohri 2026 Muhurat)
लोहड़ी मुख्य रूप से संध्या काल में मनाई जाती है, जब लोग अलाव जलाकर उसकी परिक्रमा करते हैं।
अनुमानित शुभ समय:
- शाम 5:30 बजे से रात 9:00 बजे तक
- सूर्यास्त के बाद अलाव जलाना शुभ माना जाता है
ध्यान रहे: लोहड़ी 2026 में पंचांग से ज्यादा लोक परंपरा को महत्व दिया जाता है।
🔥 लोहड़ी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
लोहड़ी 2026 सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति, अग्नि और नई शुरुआत का उत्सव है।
✨ 1. अग्नि देव की पूजा
अलाव को अग्नि देव का स्वरूप मानकर उसमें तिल, मूंगफली, रेवड़ी अर्पित की जाती है।
🌾 2. नई फसल का स्वागत
यह पर्व रबी फसल (खासतौर पर गेहूं) के आने की खुशी में मनाया जाता है।
👶 3. नवविवाहित और नवजात शिशु
लोहड़ी 2026 उन परिवारों के लिए खास होती है जिनके घर में:
- नई शादी हुई हो
- पहला बच्चा जन्मा हो
🕺💃 लोहड़ी 2026 कैसे मनाई जाती है? (Traditional Celebration)
🔸 अलाव (Bonfire)
- लकड़ियां, उपले, गन्ना डालकर अलाव जलाया जाता है
- लोग अलाव के चारों ओर परिक्रमा करते हैं
🔸 पारंपरिक गीत
- “सुंदर मुंदरिए हो!”
- “हो!” की गूंज माहौल को जीवंत बना देती है
🔸 भांगड़ा और गिद्दा
ढोल की थाप पर पंजाबी लोकनृत्य पूरे जोश से किया जाता है।
🍿 लोहड़ी 2026 का पारंपरिक प्रसाद
- रेवड़ी
- मूंगफली
- तिल के लड्डू
- पॉपकॉर्न
- गजक
- मक्का, गन्ना
लोहड़ी 2026 में तिल और गुड़ का विशेष महत्व है, जो ठंड में शरीर को ऊर्जा देते हैं।
🌍 NRI Celebration Guide – विदेशों में लोहड़ी 2026 कैसे मनाएं?
आज लोहड़ी 2026 सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। कनाडा, यूके, यूएसए, ऑस्ट्रेलिया, दुबई जैसे देशों में इसे बड़े स्तर पर मनाया जाता है।
🌐 NRI लोहड़ी सेलिब्रेशन टिप्स:
- Community Halls या Parks में Bonfire (अनुमति के साथ)
- Punjabi DJ Nights / Live Dhol
- Virtual Lohri Celebrations (Zoom/YouTube Live)
- Traditional Dress Code – फुलकारी, कुर्ता-पायजामा
- Punjabi Food Potluck Party
🎉 लोहड़ी 2026 और सोशल मीडिया ट्रेंड्स
लोहड़ी 2026 सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड करने वाला है।
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🧿 लोहड़ी 2026 में क्या करें और क्या न करें
✔️ क्या करें:
- बुजुर्गों का आशीर्वाद लें
- जरूरतमंदों को दान करें
- परिवार के साथ समय बिताएं
❌ क्या न करें:
- प्लास्टिक या खतरनाक चीजें आग में न डालें
- बच्चों को अलाव के पास अकेला न छोड़ें
🌟 लोहड़ी 2026 का ज्योतिषीय संकेत
लोहड़ी सूर्य के मकर राशि में प्रवेश से ठीक पहले मनाई जाती है, इसलिए इसे उत्तरायण का स्वागत पर्व भी कहा जाता है।
- सकारात्मक ऊर्जा
- नई शुरुआत
- समृद्धि और स्वास्थ्य का संकेत
❓ FAQ – लोहड़ी 2026 से जुड़े 7 जरूरी सवाल
1️⃣ लोहड़ी 2026 कब है?
👉 13 जनवरी 2026 (मंगलवार)
2️⃣ लोहड़ी 2026 का शुभ समय क्या है?
👉 सूर्यास्त के बाद शाम का समय सबसे शुभ माना जाता है।
3️⃣ क्या लोहड़ी सिर्फ पंजाब में मनाई जाती है?
👉 नहीं, लोहड़ी 2026 पूरे उत्तर भारत और विदेशों में भी मनाई जाती है।
4️⃣ लोहड़ी पर क्या प्रसाद चढ़ाया जाता है?
👉 रेवड़ी, मूंगफली, तिल, पॉपकॉर्न, गजक।
5️⃣ NRI लोग लोहड़ी 2026 कैसे मनाएं?
👉 Community Events, Virtual Celebrations और Punjabi Theme Parties के जरिए।
6️⃣ लोहड़ी और मकर संक्रांति में क्या अंतर है?
👉 लोहड़ी 13 जनवरी को और मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाती है।
7️⃣ क्या लोहड़ी 2026 बच्चों के लिए खास है?
👉 हां, नवजात शिशु वाले परिवारों के लिए यह बेहद शुभ पर्व है।
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🌸 निष्कर्ष (Conclusion) Lohri-2026-Date-Muhurat-Importance Nri-Celebration-Guide
लोहड़ी 2026 परंपरा, प्रकृति और परिवार के मिलन का पर्व है। यह हमें सिखाता है कि आग सिर्फ जलाती नहीं, बल्कि जोड़ती भी है—लोगों को, रिश्तों को और संस्कृतियों को।
चाहे आप भारत में हों या विदेश में, लोहड़ी 2026 आपको अपनी जड़ों से जोड़ने का एक खूबसूरत मौका देती है।
🔥 Happy Lohri 2026! 🔥
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