
Makar Sankranti 2026 हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन पर्व है, जिसे सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस दिन से सूर्य उत्तरायण होता है, जिसे शुभता, सकारात्मक ऊर्जा और पुण्यकाल की शुरुआत माना जाता है।
भारत के अलग-अलग हिस्सों में यह पर्व विभिन्न नामों और परंपराओं के साथ मनाया जाता है, लेकिन इसका आध्यात्मिक महत्व पूरे देश में समान है।
इस लेख में आप जानेंगे—
👉 मकर संक्रांति 2026 की सही तारीख
👉 शुभ मुहूर्त और पुण्यकाल
👉 स्नान और दान का महत्व
👉 सूर्य उत्तरायण का आध्यात्मिक अर्थ
👉 क्या करें और क्या न करें
👉 और अंत में सभी ज़रूरी वो सवाल जो आपके मन में उमड़ रहे है.? FAQs
₹50,00,000 की FD पर Zero Tax! बजट 2026 से पहले सरकार का बड़ा तोहफा? मध्यम वर्ग के लिए राहत की खबर
₹50,00,000 की FD पर Zero Tax! बजट 2026 से पहले सरकार का बड़ा तोहफा? मध्यम वर्ग के लिए राहत की खबर
📅 Makar Sankranti 2026 Date: मकर संक्रांति कब है?
✅ मकर संक्रांति 2026 की सही तारीख
👉 14 जनवरी 2026 (बुधवार)
मकर संक्रांति हर साल लगभग 14 जनवरी को ही आती है, क्योंकि यह पर्व सूर्य की खगोलीय स्थिति पर आधारित है, न कि चंद्र तिथि पर।

⏰ Makar Sankranti 2026 Shubh Muhurat & Punya Kaal
🕉️ शुभ मुहूर्त (उत्तर भारत के अनुसार)
| विवरण | समय |
|---|---|
| सूर्य का मकर राशि में प्रवेश | 14 जनवरी 2026 |
| पुण्यकाल | सुबह 7:15 AM – 5:45 PM |
| महापुण्यकाल | सुबह 7:15 AM – 9:00 AM |
📌 महापुण्यकाल में स्नान और दान करने से विशेष फल मिलता है।
☀️ सूर्य उत्तरायण क्या है? (Importance of Surya Uttarayan)
मकर संक्रांति से सूर्य दक्षिणायन से निकलकर उत्तरायण हो जाता है।
शास्त्रों में उत्तरायण को—
- देवताओं का दिन
- शुभ काल
- आत्मिक उन्नति का समय
माना गया है।
👉 भीष्म पितामह ने भी उत्तरायण का इंतजार कर प्राण त्यागे थे।
🚿 मकर संक्रांति पर स्नान का महत्व (Makar Sankranti 2026)
🌊 पवित्र स्नान क्यों ज़रूरी है?
माना जाता है कि मकर संक्रांति के दिन—
- गंगा, यमुना, सरस्वती में स्नान
- या घर पर पवित्र जल से स्नान
करने से—
✔ पापों का नाश
✔ रोगों से मुक्ति
✔ पुण्य की प्राप्ति
होती है।
📍 प्रमुख स्नान स्थल:
- प्रयागराज संगम
- हरिद्वार
- गंगासागर (पश्चिम बंगाल)
🎁 Makar Sankranti 2026 Daan: क्या दान करें?
दान मकर संक्रांति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
✅ दान की प्रमुख वस्तुएं: (Makar Sankranti 2026 )
- तिल
- गुड़
- चावल
- कंबल
- ऊनी वस्त्र
- तांबा
- गाय को चारा
👉 तिल और गुड़ का दान शनि दोष और सूर्य दोष को शांत करता है।
🍲 मकर संक्रांति पर क्या खाया जाता है?
भारत के अलग-अलग हिस्सों में—
| क्षेत्र | परंपरागत भोजन |
|---|---|
| उत्तर भारत | तिल-गुड़ के लड्डू, खिचड़ी |
| महाराष्ट्र | तिलगुल |
| गुजरात | उंधियू |
| बंगाल | पिठा |
| दक्षिण भारत | पोंगल |
🌾 मकर संक्रांति का कृषि से संबंध
यह पर्व—
- रबी फसल की कटाई
- किसानों की मेहनत का उत्सव
भी है।
👉 इसलिए इसे Harvest Festival भी कहा जाता है।
🌍 भारत में मकर संक्रांति के अलग-अलग नाम
| राज्य | नाम |
|---|---|
| पंजाब | माघी |
| तमिलनाडु | पोंगल |
| असम | भोगाली बिहू |
| गुजरात | उत्तरायण |
| पश्चिम बंगाल | गंगासागर मेला |
❌ मकर संक्रांति पर क्या न करें?
- झूठ और छल से बचें
- नकारात्मक विचार न रखें
- क्रोध और विवाद से दूर रहें
- मदिरा सेवन से बचें
🧘♂️ आध्यात्मिक लाभ
- सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि
- मानसिक शांति
- आत्मिक उन्नति
- ग्रह दोषों में कमी
❓ Makar Sankranti 2026 FAQs (People Also Ask)
Q1. Makar Sankranti 2026 कब है?
👉 14 जनवरी 2026 (बुधवार)
Q2. मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त क्या है?
👉 सुबह 7:15 से 5:45 बजे तक
Q3. महापुण्यकाल कब है?
👉 सुबह 7:15 से 9:00 बजे तक
Q4. क्या मकर संक्रांति तिथि बदलती है?
👉 नहीं, यह सूर्य पर आधारित है
Q5. इस दिन कौन सा दान श्रेष्ठ है?
👉 तिल, गुड़, कंबल
Q6. क्या इस दिन विवाह शुभ होता है?
👉 हां, उत्तरायण शुभ माना जाता है
Q7. मकर संक्रांति क्यों विशेष है?
👉 सूर्य उत्तरायण और पुण्यकाल की शुरुआत
🏁 निष्कर्ष (Conclusion)
Makar Sankranti 2026 केवल एक पर्व नहीं, बल्कि—
- सूर्य उपासना
- दान और सेवा
- आत्मिक शुद्धि
का महापर्व है।
अगर आप इस दिन स्नान, दान और सूर्य पूजन करते हैं, तो पूरा वर्ष सकारात्मक और शुभ फल देने वाला माना जाता है।
Makar Sankranti 2026
👉 अगर आपने यह पोस्ट पढ़ ली है, तो हमारी अगली पोस्ट ज़रूर पढ़ें:
➡️ “Lohri 2026 Shubh Muhurat: कब है लोहड़ी और क्या है सही पूजा समय?”
आपको यह खबर कैसी लगी?
अगर आपको यह जानकारी पसंद आई है, तो इसे अपने WhatsApp दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।
ऐसी ही और ताज़ा खबरों के लिए 'समयधारा' (Samaydhara) से जुड़े रहें।


