लाइफस्टाइलbreaking_newsअन्य ताजा खबरेंदेशदेश की अन्य ताजा खबरें
Trending

नवरात्र 7वां दिन : पा नी हो महामारी से मुक्ति, तो करों माँ कालरात्रि की भक्ति

नवरात्रि सप्तमी : संकटमोचक माँ कालरात्रि-आपके भूत-वर्तमान-भविष्य काल की रखवाली करती है.

navratri-7th-day saptmi-maa-kaalratri puja-vidhi-in-hindi

नई दिल्ली, (समयधारा) :  कोरोना वायरस का सबसे बड़ा असर इस बार नवरात्र पर पड़ा है l 

देखते ही देखते नवरात्र के 6 दिन गुजर गए l आज नवरात्र का सातवाँ दिन है l माँ कालरात्रि की पूजा नवरात्र के 7वें दिन की जाती है l 

संकटमोचक माँ कालरात्रि-आपके भूत-वर्तमान-भविष्य काल की रखवाली करती है l  संसार में कालों का नाश करने वाली देवी ‘कालरात्री’ ही है l

कहते हैं इनकी पूजा करने से सभी दु:ख, तकलीफ दूर हो जाती है l

दुश्मनों का नाश करती है तथा मनोवांछित फल देती हैंl यह संसार के सभी कालों को हर लेती है l

अगर कोई विपदा आने वाली है l तो इस देवी का ध्यान तन मन धन से करे तुरंत इच्छा पूर्ण होती है l

दुखों का नाश करने वाली माँ कालरात्रि की माया व इनका तेज एक अलग ही रूप का हमें अवलोकन करवाता है l

इनका ध्यान मात्र ही दुखों से हमें छुटकारा दिलाता है l navratri-7th-day saptmi-maa-kalratri puja-vidhi-in-hindi

देवी कालरात्रि का शरीर रात के अंधकार की तरह काला हैl इनके बाल बिखरे हुए हैं

और इनके गले में विधुत की माला हैl इनके चार हाथ है l

navratri-7th-day saptmi-maa-kalratri puja-vidhi-archana, नवरात्र 7वां दिन : कोरोना जैसी महामारी से पानी हो मुक्ति, तो करों माँ कालरात्रि की भक्ति

जिसमें इन्होंने एक हाथ में कटार तथा एक हाथ में लोहे कांटा धारण किया हुआ है l

इसके अलावा इनके दो हाथ वरमुद्रा और अभय मुद्रा में है l

इनके तीन नेत्र है और इनके श्वास से अग्नि निकलती है l कालरात्रि का वाहन गर्दभ (गधा) है l 

मां दुर्गा के सातवें रूप या शक्ति को कालरात्रि कहा जाता है, दुर्गा-पूजा के सातवें दिन मां काल रात्रि की उपासना का विधान हैl

मां कालरात्रि का स्वरूप देखने में अत्यंत भयानक है l इनका वर्ण अंधकार की तरह काला है l

केश बिखरे हुए हैं l कंठ में विद्युत की चमक वाली माला है l

मां कालरात्रि के तीन नेत्र ब्रह्माण्ड की तरह विशाल और गोल हैं l जिनमें से बिजली की तरह किरणें निकलती रहती हैं l 

माता कालरात्रि का मंत्र
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता, लम्बोष्टी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी।
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा, वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥

(साभार सोशल मीडिया)

navratri-7th-day saptmi-maa-kaalratri puja-vidhi-in-hindi


आपको यह खबर कैसी लगी?

अगर आपको यह जानकारी पसंद आई है, तो इसे अपने WhatsApp दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।

ऐसी ही और ताज़ा खबरों के लिए 'समयधारा' (Samaydhara) से जुड़े रहें।


Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button