Thoughts : मनुष्य ना टूटता है, ना बिखरता है, बस थक जाता है,कभी स्वयं से-कभी भाग्य से तो कभी अपनों से
Thoughts Suvichar Suprabhat Quotes in hindi मनुष्य ना टूटता है ना बिखरता है बस थक जाता है कभी स्वयं से कभी भाग्य से तो कभी अपनों से अपमान करना किसी के “स्वभाव” में हो सकता है, पर सम्मान करना हमारे संस्कार में होना चाहिए !! और महिलाएं इसका एक आदर्श उदाहारण है… परख से परे … Continue reading Thoughts : मनुष्य ना टूटता है, ना बिखरता है, बस थक जाता है,कभी स्वयं से-कभी भाग्य से तो कभी अपनों से
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