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Ashadha Gupt Navratri 2026 Kab Se Shuru Hai? कब से शुरु गुप्त नवरात्रि,जानें 9 दिनों का पूरा कार्यक्रम

Ashadha Gupt Navratri 2026 Date: गुप्त नवरात्रि की तारीखें आईं, जानें कब होगी घटस्थापना और नवमी

Ashadha Gupt Navratri 2026 Kab Se Shuru Hai? अगर आपके मन में भी यह सवाल उठ रहा है तो आज हम इसका आपके लिए जवाब लाएं है। नवरात्रि का पावन पर्व मां दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित होता है। सनातन धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है। जहां चैत्र और शारदीय नवरात्रि पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती हैं, वहीं गुप्त नवरात्रि मुख्य रूप से साधकों, तांत्रिक उपासकों और देवी भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि इस बार Ashadha Gupt Navratri 2026 Kab Se Shuru Hai?

दरअसल, हर वर्ष आषाढ़ और माघ माह में गुप्त नवरात्रि आती है, जिसमें मां दुर्गा के साथ-साथ दस महाविद्याओं की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।

ऐसे में श्रद्धालुओं के मन के इस सबसे बड़ा सवाल है Ashadha Gupt Navratri 2026 Kab Se Shuru Hai का हम आज जवाब लेकर आएं है।आपको बता दें कि वर्ष 2026 में आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 26 जून 2026, शुक्रवार से शुरू होगी और 4 जुलाई 2026, शनिवार को नवमी तिथि के साथ समाप्त होगी।

इन नौ दिनों में मां शक्ति के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाएगी और साधक विशेष साधनाओं के माध्यम से देवी की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करेंगे।


Ashadha Gupt Navratri 2026 Kab Se Shuru Hai? 

Ashadha Gupt Navratri 2026 Kab Se Shuru Hai featuring Navdurga ke 9 swaroop aur Das Mahavidya ki divya chhavi
Ashadha Gupt Navratri 2026 26 जून से शुरू होगी। जानें नवरात्रि की तिथियां, 9 दुर्गा स्वरूप और 10 महाविद्याओं का महत्व।

हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्रि का आरंभ होता है। अब अगर आप भी जानना चाहते है कि Ashadha Gupt Navratri 2026 Kab Se Shuru Hai तो वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 26 जून से शुरू होकर 4 जुलाई तक चलेगा।

Ashadha Gupt Navratri 2026 Kab Se Shuru Hai है जानने के साथ यह भी याद रखें कि गुप्त नवरात्रि का पहला दिन घटस्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा के लिए समर्पित रहेगा। वहीं अंतिम दिन नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री की पूजा और व्रत पारण किया जाएगा।

धार्मिक मान्यता है कि इस दौरान मां दुर्गा की उपासना करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

 

 


Ashadha Gupt Navratri 2026 की प्रमुख तिथियां

दिनतारीखपूजा
प्रथम दिन26 जून 2026घटस्थापना, मां शैलपुत्री
दूसरा दिन27 जून 2026मां ब्रह्मचारिणी
तीसरा दिन28 जून 2026मां चंद्रघंटा
चौथा दिन29 जून 2026मां कूष्मांडा
पांचवां दिन30 जून 2026मां स्कंदमाता
छठा दिन1 जुलाई 2026मां कात्यायनी
सातवां दिन2 जुलाई 2026मां कालरात्रि (दुर्गाष्टमी)
आठवां दिन3 जुलाई 2026मां महागौरी
नौवां दिन4 जुलाई 2026मां सिद्धिदात्री, नवमी, पारण

Ashadha Gupt Navratri 2026 Kab Se Shuru Haiआषाढ़ गुप्त नवरात्रि क्या है?

बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं कि गुप्त नवरात्रि को “गुप्त” क्यों कहा जाता है।

दरअसल, सामान्य Navratri की तरह इस पर्व में बड़े सार्वजनिक आयोजन कम होते हैं। इस दौरान साधक एकांत में रहकर देवी साधना, मंत्र जाप और तांत्रिक अनुष्ठान करते हैं। इसलिए इसे गुप्त नवरात्रि कहा जाता है।

यह नवरात्रि विशेष रूप से आध्यात्मिक उन्नति, साधना, आत्मबल और देवी कृपा प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसलिए भक्तों और साधु-संतों को विशेष रूप से जिज्ञासा रहती है कि Ashadha Gupt Navratri 2026 Kab Se Shuru Hai

Ashadha Gupt Navratri 2026 Kab Se Shuru Hai
Gupt Navratri 2026

 

Ashadha Gupt Navratri 2026 का धार्मिक महत्व

Ashadha Gupt Navratri 2026 Kab Se Shuru Hai जानने के साथ-साथ इसका महत्व जानना भी जरूरी है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान किए गए जप, तप, व्रत और साधना का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है। देवी भगवती की आराधना करने से—

  • नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
  • मानसिक शांति प्राप्त होती है।
  • करियर और व्यापार में सफलता मिलती है।
  • आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है।
  • परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
  • जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।

दस महाविद्याओं की पूजा का विशेष महत्व

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि को दस महाविद्याओं की साधना का श्रेष्ठ समय माना गया है।

दस महाविद्याएं हैं—

  1. मां काली
  2. मां तारा
  3. मां त्रिपुर सुंदरी
  4. मां भुवनेश्वरी
  5. मां छिन्नमस्ता
  6. मां त्रिपुर भैरवी
  7. मां धूमावती
  8. मां बगलामुखी
  9. मां मातंगी
  10. मां कमला

मान्यता है कि इन महाविद्याओं की उपासना से साधक को विशेष सिद्धियां और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है।


Ashadha Gupt Navratri 2026 Kab Se Shuru Hai?-गुप्त नवरात्रि में घटस्थापना का महत्व

नवरात्रि का पहला दिन घटस्थापना के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

कलश स्थापना देवी शक्ति के आवाहन का प्रतीक है। पूजा स्थल पर मिट्टी बिछाकर उसमें जौ बोए जाते हैं। इसके बाद जल से भरा कलश स्थापित कर नारियल रखा जाता है।

घटस्थापना के साथ ही नौ दिनों तक चलने वाली देवी आराधना की शुरुआत होती है।

 

यह भी पढ़े: Gupt Navratri 2023: शुरू हो गई है गुप्त नवरात्रि, जानें पूजा विधि और उपाय


Ashadha Gupt Navratri 2026 में पूजा कैसे करें?

यदि आप इस वर्ष गुप्त नवरात्रि का व्रत रखने की योजना बना रहे हैं तो निम्न विधि का पालन कर सकते हैं।

-ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

-पूजा स्थान तैयार करें

घर के मंदिर या पूजा स्थल को साफ-सुथरा रखें।

-कलश स्थापना करें

शुभ मुहूर्त में कलश स्थापित कर देवी का आवाहन करें।

-अखंड ज्योति जलाएं

नवरात्रि के दौरान अखंड दीपक जलाना शुभ माना जाता है।

-दुर्गा सप्तशती का पाठ करें

प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती, देवी कवच और अन्य स्तोत्रों का पाठ करें।

-मंत्र जाप करें

“ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना जाता है।

-कन्या पूजन करें

अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन अवश्य करें।

गुप्त नवरात्रि में क्या करें?-Ashadha Gupt Navratri 2026 Kab Se Shuru Hai

  • प्रतिदिन माता दुर्गा की पूजा करें।
  • सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • जरूरतमंदों को दान दें।
  • गायत्री मंत्र का जाप करें।
  • ध्यान और योग करें।
  • क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।

गुप्त नवरात्रि में क्या नहीं करना चाहिए?

  • मांसाहार और शराब का सेवन न करें।
  • झूठ बोलने से बचें।
  • किसी का अपमान न करें।
  • अनावश्यक विवाद से दूर रहें।
  • पूजा के नियमों का उल्लंघन न करें।

 

दुर्गाष्टमी और नवमी का महत्व

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में दुर्गाष्टमी का विशेष महत्व होता है। वर्ष 2026 में दुर्गाष्टमी 2 जुलाई को मनाई जाएगी।

इस दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। माना जाता है कि मां कालरात्रि अपने भक्तों को भय और संकट से मुक्ति प्रदान करती हैं।

वहीं 4 जुलाई 2026 को महानवमी मनाई जाएगी। इस दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा कर व्रत का पारण किया जाएगा।

 

यह भी पढ़े: Gupt Navratri 2022:गुप्त नवरात्रि आज से शुरु,जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत विधि


गुप्त नवरात्रि और गायत्री साधना

आषाढ़ Gupt Navratri को गायत्री नवरात्रि भी कहा जाता है। इस दौरान गायत्री मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना गया है।

गायत्री मंत्र का नियमित जाप करने से—

  • बुद्धि का विकास होता है।
  • मन शांत रहता है।
  • आत्मविश्वास बढ़ता है।
  • सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

Ashadha Gupt Navratri 2026 क्यों है खास?

2026 की आषाढ़ गुप्त नवरात्रि उन भक्तों के लिए विशेष अवसर लेकर आ रही है जो आध्यात्मिक उन्नति और देवी साधना में रुचि रखते हैं।

नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।

जो लोग जीवन में सफलता, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की तलाश कर रहे हैं, उनके लिए यह समय साधना और आत्मचिंतन का बेहतरीन अवसर माना जाता है। इसलिए Ashadha Gupt Navratri 2026 Kab Se Shuru Hai की तिथि का ध्यान रखें।

निष्कर्ष:Ashadha Gupt Navratri 2026 Kab Se Shuru Hai

यदि आप जानना चाहते थे कि Ashadha Gupt Navratri 2026 Kab Se Shuru Hai, तो इसका उत्तर है कि यह पावन पर्व 26 जून 2026 से शुरू होकर 4 जुलाई 2026 तक चलेगा। नौ दिनों तक चलने वाली यह गुप्त Navratri देवी शक्ति की आराधना, दस महाविद्याओं की साधना और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा से मां भगवती की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

 

यह भी पढ़े: Navratri 2025 नवरात्रि आज से शुरू? जानें नवरात्रि तिथियां, घटस्थापना शुभ मुहूर्त, पूजा विधि


FAQs – Ashadha Gupt Navratri 2026 Kab Se Shuru Hai

1. Ashadha Gupt Navratri 2026 Kab Se Shuru Hai?

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 26 जून 2026 से शुरू होगी।

2. Ashadha Gupt Navratri 2026 कब समाप्त होगी?

यह 4 जुलाई 2026 को नवमी तिथि के साथ समाप्त होगी।

3. गुप्त नवरात्रि में किस देवी की पूजा की जाती है?

मां दुर्गा और दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है।

4. आषाढ़ गुप्त नवरात्रि को गायत्री नवरात्रि क्यों कहा जाता है?

इस दौरान गायत्री मंत्र और साधना का विशेष महत्व होने के कारण इसे गायत्री नवरात्रि कहा जाता है।

5. दुर्गाष्टमी 2026 में कब होगी?

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की दुर्गाष्टमी 2 जुलाई 2026 को मनाई जाएगी।

6. गुप्त नवरात्रि में कन्या पूजन कब किया जाता है?

अष्टमी या नवमी तिथि पर कन्या पूजन किया जाता है।

7. गुप्त नवरात्रि का मुख्य महत्व क्या है?

यह पर्व देवी साधना, आध्यात्मिक उन्नति, मंत्र जाप और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।


🙏 क्या आप Ashadha Gupt Navratri 2026 में व्रत और माता रानी की पूजा करने वाले हैं? कमेंट में “जय माता दी” जरूर लिखें। साथ ही यह जानकारी अपने परिवार, दोस्तों और अन्य श्रद्धालुओं के साथ शेयर करें ताकि वे भी आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की सही तिथियों और महत्व के बारे में जान सकें। 🚩🌺

जय माता दी! 🙏✨

 

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Reena Arya

रीना आर्य www.samaydhara.com की फाउंडर और एडिटर-इन-चीफ है। रीना आर्य ने पत्रकारिता के महज 6-7 साल के भीतर ही अपने काम के दम पर न केवल बड़े-बड़े ब्रांड्स में अपनी पहचान बनाई बल्कि तमाम चुनौतियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए समयधारा.कॉम की नींंव रखी। हर मुद्दे पर अपनी ज्वलंत और बेबाक राय रखने वाली रीना आर्य एक पत्रकार, कंटेंट राइटर,एंकर और एडिटर की भूमिका निभा चुकी है।

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