राज्यों की खबरेंbreaking_newsअन्य ताजा खबरेंअपराधदेशदेश की अन्य ताजा खबरें

Delhi Journalist ACP Case : महिला पत्रकार से कथित दुर्व्यवहार पर दिल्ली में बवाल! ACP पर आरोप, FIR क्यों नहीं? जानें 3 अक्टूबर की पूरी कहानी

Delhi Journalist ACP Case में महिला पत्रकार ने ACP विवेक भगत पर कथित दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। 3 अक्टूबर की घटना, शिकायत, FIR और Crime Branch जांच की पूरी जानकारी जानें।

Table of Contents

Delhi Journalist ACP Case दिल्ली में महिला पत्रकार और ACP के बीच कथित दुर्व्यवहार का मामला: 3 अक्टूबर के प्रदर्शन से शुरू हुआ विवाद, शिकायत Crime Branch को भेजी गई

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 3 अक्टूबर 2026 को हुए प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों और पुलिस के बीच कथित दुर्व्यवहार का मामला अब गंभीर विवाद में बदल गया है। Delhi Journalist ACP Case एक महिला पत्रकार ने ACP विवेक भगत पर कथित तौर पर अभद्र/यौन दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा दो अन्य महिलाओं ने भी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कथित दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न की शिकायतें दी हैं।

दिल्ली पुलिस ने तीनों शिकायतों को निष्पक्ष जांच के लिए Crime Branch को भेज दिया है। Delhi Journalist ACP Case पुलिस का कहना है कि शिकायतें प्राप्त हुई हैं, मेडिकल जांच कराई गई है और अब संबंधित लोगों के बयान तथा उपलब्ध CCTV/वीडियो फुटेज की जांच की जाएगी।

हालांकि, 5 अक्टूबर 2026 तक इस मामले में ACP के खिलाफ FIR दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है। यही मुद्दा अब विवाद का बड़ा केंद्र बन गया है।

महत्वपूर्ण: इस पूरे लेख में महिला पत्रकार और पुलिस अधिकारी से जुड़े आरोपों को आरोप/शिकायत के रूप में ही बताया जा रहा है। जांच पूरी होने से पहले किसी आरोप को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।

Delhi Journalist ACP Case घटना कब हुई ?

यह विवाद 3 अक्टूबर 2026, शनिवार को दिल्ली के नई दिल्ली इलाके में हुए प्रदर्शन के दौरान सामने आया।

यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग उनके इस्तीफे से जुड़ी थी। प्रदर्शन के दौरान Special Intensive Revision यानी SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों, कार्यकर्ताओं और नागरिक समूहों ने विरोध किया था।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस की बड़ी संख्या में तैनाती की गई थी।

इसी दौरान पत्रकार प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई की कवरेज कर रहे थे। पुलिस की कार्रवाई के दौरान कुछ महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित अभद्र व्यवहार और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए।

Delhi Journalist ACP Case विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

मामले में सबसे प्रमुख शिकायत एक स्वतंत्र महिला पत्रकार की है।

रिपोर्टों के अनुसार, वह AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की हिरासत की कार्रवाई को रिकॉर्ड कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों से पूछा कि हिरासत की कार्रवाई के समय महिला पुलिसकर्मी क्यों मौजूद नहीं हैं।

Delhi Journalist ACP Case पत्रकार के आरोप के मुताबिक, इसी बातचीत के दौरान ACP विवेक भगत ने उनके साथ अनुचित तरीके से व्यवहार किया और उन्हें पीछे धकेला।

कुछ रिपोर्टों में पत्रकार की शिकायत के हवाले से इससे अधिक गंभीर शारीरिक संपर्क का आरोप भी प्रकाशित हुआ है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है।

महिला पत्रकार ने पुलिस पर क्या आरोप लगाया?

पत्रकार का आरोप है कि वह प्रदर्शन के दौरान पुलिस की हिरासत कार्रवाई को रिकॉर्ड कर रही थीं।

उनके अनुसार, उन्होंने पुलिस से महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बारे में सवाल किया। इसी दौरान ACP विवेक भगत के साथ कथित तौर पर विवाद हुआ और उन्होंने आरोप लगाया कि ACP ने उनके साथ अनुचित शारीरिक व्यवहार किया।

से बातचीत में पत्रकार ने दावा किया कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने अपनी सहयोगी को बताया कि उनके साथ क्या हुआ। Delhi Journalist ACP Case इसके बाद वह शिकायत दर्ज कराने के लिए Parliament Street Police Station पहुंचीं।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये शिकायतकर्ता के आरोप हैं, जिनकी जांच अभी पूरी नहीं हुई है।

Gold Price Today 6 October 2026 : सोना फिर महंगा या सस्ता? 24K Gold Rate, Silver Price और NRI के लिए नई कीमत 

शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने पहुंची पत्रकार

रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के बाद पत्रकार और उनके साथ मौजूद लोग करीब शाम 6 बजे Parliament Street Police Station पहुंचे।

शिकायतकर्ता ने पुलिस के सामने अपनी शिकायत रखी।

उनका आरोप है कि FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया में उन्हें कई घंटे इंतजार करना पड़ा।

मामले में शामिल वकीलों और समर्थकों ने सवाल उठाया कि शिकायत के बावजूद तत्काल FIR क्यों नहीं दर्ज की गई।

दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त की गई, मेडिकल जांच कराई गई और मामले को निष्पक्ष जांच के लिए Crime Branch को भेज दिया गया।

FIR को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?

Delhi Journalist ACP Case इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल अब FIR को लेकर है।

5 अक्टूबर तक प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, ACP विवेक भगत के खिलाफ FIR दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई थी। शिकायत को Crime Branch में भेजे जाने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

शिकायतकर्ता के वकीलों और समर्थकों का तर्क है कि जांच को Crime Branch को भेजना और FIR दर्ज करना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।

वहीं पुलिस का कहना है कि शिकायतों को Crime Branch में भेजने का उद्देश्य मामले की fair and impartial inquiry सुनिश्चित करना है।

दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

Delhi Journalist ACP Case दिल्ली पुलिस के अनुसार, तीन महिलाओं ने शिकायतें दी हैं, जिन्होंने खुद को पत्रकार बताया है।

इन शिकायतों में प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर कथित manhandling और sexual harassment के आरोप लगाए गए हैं।

नई दिल्ली जिला पुलिस ने इन शिकायतों को Crime Branch को सौंप दिया है।

पुलिस के मुताबिक Crime Branch:

  • शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज करेगी
  • संबंधित लोगों के बयान लेगी
  • उपलब्ध CCTV फुटेज की जांच करेगी
  • अन्य वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों को देखेगी
  • घटना के पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी

दिल्ली पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि उनके पास घटना से संबंधित कोई वीडियो फुटेज है तो उसे जांच एजेंसी को उपलब्ध कराया जाए।

Delhi Journalist ACP Case 2
Delhi Journalist ACP Case 2

क्या तीन महिला पत्रकारों ने शिकायत की है?

हां।

दिल्ली पुलिस के अनुसार तीन महिलाओं ने शिकायतें दी हैं, Delhi Journalist ACP Case जिन्होंने खुद को पत्रकार बताया है।

इन शिकायतों में पुलिसकर्मियों पर कथित यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के आरोप हैं। Delhi Journalist ACP Case एक शिकायत विशेष रूप से ACP विवेक भगत से जुड़ी बताई जा रही है।

इसलिए यह केवल एक महिला पत्रकार और एक पुलिस अधिकारी के बीच विवाद तक सीमित नहीं रह गया है। अब Crime Branch के सामने तीन शिकायतों की जांच का मामला है।

दूसरी महिला पत्रकार ने क्या आरोप लगाया Delhi Journalist ACP Case ?

रिपोर्टों के अनुसार एक अन्य पत्रकार ने भी प्रदर्शन की कवरेज के दौरान पुलिसकर्मी द्वारा अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया।

उन्होंने बताया कि वह प्रदर्शनकारियों की हिरासत की रिकॉर्डिंग कर रही थीं। इसी दौरान उन्हें किसी व्यक्ति के द्वारा अनुचित तरीके से छुए जाने का अनुभव हुआ।

उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो एक पुलिस अधिकारी बहुत करीब खड़ा था और उन्होंने इस व्यवहार पर आपत्ति जताई।

यह शिकायत भी उन मामलों में शामिल है जिन्हें Crime Branch को भेजा गया है।

तीसरी शिकायत में क्या आरोप हैं?

Delhi Journalist ACP Case तीसरी महिला ने भी प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा कथित दुर्व्यवहार की शिकायत की है।

फिलहाल इन तीनों शिकायतों के आरोपों की अंतिम सत्यता जांच का विषय है।

दिल्ली पुलिस ने भी इन्हें गंभीरता से लेते हुए मामले को जिला पुलिस के स्तर से Crime Branch को स्थानांतरित किया है।

Parliament Street थाने के बाहर क्या हुआ?

Delhi Journalist ACP Case शिकायतों के बाद पत्रकारों, समर्थकों और कुछ अन्य लोगों ने Parliament Street Police Station के बाहर रातभर मौजूद रहकर FIR दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की।

रिपोर्टों के मुताबिक करीब 17 लोग वहां रात से मौजूद थे।

सोमवार सुबह पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और Delhi Cantt Police Station ले जाया गया।

पुलिस का कहना था कि वहां निषेधात्मक आदेश लागू थे और लोगों को वहां से हटने की चेतावनी दी गई थी। पुलिस के अनुसार चेतावनी के बावजूद लोग वहां मौजूद रहे, जिसके बाद हिरासत में लिया गया।

क्या हिरासत में लिए गए लोगों से मारपीट हुई?

Delhi Journalist ACP Case यह भी विवाद का हिस्सा बन गया है।

समर्थकों और कुछ वकीलों की ओर से आरोप लगाया गया कि हिरासत के दौरान कुछ लोगों के साथ पुलिस ने मारपीट की।

दूसरी ओर, पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि लोगों को बस तक ले जाने के दौरान कुछ ने विरोध किया था।

इसलिए इस हिस्से की भी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

Crime Branch को जांच क्यों सौंपी गई?

Delhi Journalist ACP Case दिल्ली पुलिस ने कहा है कि शिकायतों को fair and impartial inquiry के लिए Crime Branch को सौंपा गया है।

यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आरोप स्वयं दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ हैं।

नई दिल्ली जिला पुलिस द्वारा मामले को Crime Branch को भेजे जाने से जांच को दूसरे स्तर पर ले जाया गया है।

अब Crime Branch के सामने यह पता लगाने की जिम्मेदारी होगी कि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

CCTV और वीडियो फुटेज क्यों महत्वपूर्ण हैं?

Delhi Journalist ACP Case यह पूरा मामला काफी हद तक वीडियो और CCTV फुटेज पर निर्भर कर सकता है।

घटना सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान हुई थी और वहां बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, प्रदर्शनकारी तथा पत्रकार मौजूद थे।

इसके अलावा कई लोग मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे।

पुलिस ने भी उपलब्ध footage की जांच की बात कही है।

इसी कारण जांच में यह देखा जा सकता है कि:

  • पत्रकार उस समय कहां खड़ी थीं?
  • पुलिस अधिकारी कहां मौजूद थे?
  • बातचीत किस परिस्थिति में हुई?
  • कथित शारीरिक संपर्क हुआ या नहीं?
  • आसपास मौजूद लोगों ने क्या देखा?
  • घटना से पहले और बाद में क्या हुआ?

इन सवालों के जवाब जांच के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

वायरल वीडियो और AI फुटेज को लेकर भी चेतावनी

Delhi Journalist ACP Case इस मामले के बीच सोशल मीडिया पर कुछ कथित CCTV/वीडियो सामग्री भी वायरल हुई।

कुछ रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली पुलिस ने एक वायरल visual को AI-generated/manipulated बताया और लोगों को ऐसे कंटेंट को बिना सत्यापन के साझा नहीं करने की चेतावनी दी। Organiser

इसलिए इस मामले में सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो को वास्तविक CCTV मान लेना उचित नहीं होगा।

Original source, metadata और जांच एजेंसी की पुष्टि बेहद महत्वपूर्ण है।

Press Club of India ने क्या कहा?

मामला सामने आने के बाद Press Club of India ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और पत्रकारों के साथ कथित व्यवहार पर चिंता जताई।

Press Club ने कहा कि पत्रकारों को प्रदर्शन की कवरेज के दौरान अपना काम स्वतंत्र रूप से करने की अनुमति मिलनी चाहिए।

Delhi Journalist ACP Case संगठन ने महिला पत्रकार की शिकायत पर तत्काल उचित कार्रवाई की मांग भी की।

Press Club ने यह भी कहा कि पत्रकारों द्वारा press cards दिखाने के बावजूद कुछ मीडियाकर्मियों के साथ कथित आक्रामक व्यवहार हुआ और कुछ को प्रदर्शनकारियों के साथ हिरासत में लिया गया।

पत्रकार संगठनों ने क्यों जताई चिंता?

पत्रकार संगठनों के लिए यह मामला केवल एक पुलिस अधिकारी पर लगे आरोप तक सीमित नहीं है।

इसके तीन बड़े पहलू हैं—

पहला, महिला पत्रकार की सुरक्षा।

दूसरा, पुलिस कार्रवाई की निष्पक्षता।

तीसरा, विरोध प्रदर्शन की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने का अधिकार।

Press Club of India ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और press freedom से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया है।

क्या मामले में अभी FIR दर्ज हो चुकी है?

Delhi Journalist ACP Case 5 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार ACP विवेक भगत के खिलाफ FIR दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है।

यह स्थिति मामले का सबसे महत्वपूर्ण वर्तमान अपडेट है।

पुलिस ने शिकायतों को Crime Branch को भेज दिया है और जांच प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

शिकायतकर्ता पक्ष FIR की मांग कर रहा है, जबकि पुलिस जांच को Crime Branch के स्तर पर आगे बढ़ाने की बात कर रही है।

कानूनी तौर पर आगे क्या हो सकता है?

जांच में यदि आरोपों की पुष्टि के लिए पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो पुलिस कानून के अनुसार आगे कार्रवाई कर सकती है।

मामले में महिलाओं के खिलाफ कथित आपराधिक बल/हमले से संबंधित प्रावधान लागू हो सकते हैं, लेकिन कौन-सी धाराएं लगेंगी या FIR में क्या दर्ज होगा, यह जांच और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

इसलिए अभी किसी विशेष धारा को अंतिम रूप से लागू मानना उचित नहीं होगा।

इस मामले में अब तक की Timeline

तारीखघटनाक्रम
3 अक्टूबर 2026CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन
3 अक्टूबरप्रदर्शन की कवरेज के दौरान महिला पत्रकारों द्वारा पुलिस पर कथित दुर्व्यवहार के आरोप
3 अक्टूबर शामशिकायतकर्ता Parliament Street Police Station पहुंचीं
3 अक्टूबर रातFIR और कार्रवाई की मांग को लेकर थाने के बाहर लोग जुटे
4 अक्टूबरदिल्ली पुलिस ने तीन शिकायतों की पुष्टि की
4 अक्टूबरशिकायतों को Crime Branch को भेजा गया
4 अक्टूबरPress Club of India ने पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई
5 अक्टूबरFIR दर्ज न होने को लेकर विवाद जारी; Crime Branch जांच कर रही है
5 अक्टूबरहिरासत में लिए गए समर्थकों/पत्रकारों को लेकर भी विवाद सामने आया

अभी तक की सबसे बड़ी बातें

इस मामले में फिलहाल छह बातें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

1. घटना 3 अक्टूबर 2026 के दिल्ली प्रदर्शन के दौरान हुई।

2. एक महिला पत्रकार ने ACP विवेक भगत पर गंभीर दुर्व्यवहार/यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

3. दो अन्य महिलाओं ने भी पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतें दी हैं।

4. दिल्ली पुलिस ने तीनों शिकायतों को Crime Branch को भेज दिया है।

5. 5 अक्टूबर तक ACP के खिलाफ FIR दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई थी।

6. CCTV, वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जांच में महत्वपूर्ण होंगे।

मामले में अभी क्या साफ होना बाकी है?

सबसे महत्वपूर्ण सवाल अभी भी जांच के सामने हैं।

क्या कथित घटना उसी तरह हुई जैसी शिकायतकर्ता ने बताई है?

क्या उस समय का कोई स्पष्ट CCTV या मोबाइल वीडियो उपलब्ध है?

क्या आसपास मौजूद लोगों ने घटना देखी?

क्या पुलिस कार्रवाई के दौरान महिला पत्रकारों के साथ नियमों के मुताबिक व्यवहार हुआ?

क्या FIR दर्ज होगी?

और यदि FIR दर्ज होती है तो उसमें कौन-कौन सी धाराएं लगेंगी?

इन सवालों के जवाब Crime Branch की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से सामने आने की उम्मीद है।

दिल्ली पुलिस और पत्रकारों के बीच भरोसे का सवाल

Delhi Journalist ACP Case यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब दिल्ली में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और पुलिस को बड़े कानून-व्यवस्था प्रबंधन की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है।

लेकिन प्रदर्शन की कवरेज कर रहे पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्रता भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इसी कारण मामला केवल एक ACP पर लगाए गए आरोप तक सीमित नहीं है। यह सवाल भी उठ रहा है कि पुलिस और मीडिया के बीच तनाव की स्थिति में पत्रकारों के साथ किस तरह का व्यवहार होना चाहिए।

निष्कर्ष: जांच के नतीजे का इंतजार

Delhi Journalist ACP Case दिल्ली में 3 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों द्वारा दिल्ली पुलिसकर्मियों पर लगाए गए कथित दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न के आरोपों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

सबसे गंभीर आरोप ACP विवेक भगत के खिलाफ लगाया गया है। दिल्ली पुलिस ने शिकायत को खारिज करने के बजाय मामले को Crime Branch को निष्पक्ष जांच के लिए सौंप दिया है। वहीं शिकायतकर्ता और उनके समर्थक FIR दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं और न ही जांच पूरी हुई है। इसलिए इस पूरे मामले में अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले Crime Branch की जांच, CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों का इंतजार करना जरूरी है।

5 अक्टूबर 2026 तक सबसे ताजा स्थिति यही है कि तीन महिला पत्रकारों की शिकायतें Crime Branch के पास हैं और मामले की जांच जारी है।

❓ 7 FAQs

1. दिल्ली में महिला पत्रकार और ACP के बीच विवाद कब हुआ?

यह विवाद 3 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में हुए CEC विरोध प्रदर्शन की कवरेज के दौरान सामने आया। महिला पत्रकार ने पुलिस कार्रवाई के दौरान कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है।

2. महिला पत्रकार ने किस पुलिस अधिकारी पर आरोप लगाया है?

शिकायत में ACP विवेक भगत पर कथित अनुचित व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोपों की सत्यता अभी जांच का विषय है।

3. क्या ACP विवेक भगत के खिलाफ FIR दर्ज हुई है?

5 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध रिपोर्टों में FIR दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई थी। शिकायतों को निष्पक्ष जांच के लिए Crime Branch को भेजा गया है।

4. कितनी महिलाओं ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ शिकायत की है?

दिल्ली पुलिस के अनुसार तीन महिलाओं ने शिकायतें दी हैं, जिन्होंने खुद को पत्रकार बताया है। शिकायतों में पुलिसकर्मियों पर कथित दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं।

5. मामले की जांच कौन कर रहा है?

दिल्ली पुलिस ने शिकायतों को Crime Branch को सौंपा है। जांच में बयान, CCTV फुटेज और उपलब्ध वीडियो सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जा सकती है।

6. यह घटना कहां हुई थी?

घटना 3 अक्टूबर 2026 के दिल्ली विरोध प्रदर्शन के दौरान सामने आई। शिकायत के बाद पत्रकार Parliament Street Police Station भी पहुंचीं।

7. क्या महिला पत्रकार के आरोप साबित हो चुके हैं?

नहीं। फिलहाल ये शिकायत और आरोप हैं। Crime Branch की जांच पूरी होने के बाद ही उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।


आपको यह खबर कैसी लगी?

अगर आपको यह जानकारी पसंद आई है, तो इसे अपने WhatsApp दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।

ऐसी ही और ताज़ा खबरों के लिए 'समयधारा' (Samaydhara) से जुड़े रहें।


Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button