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Dhanteras 2026 का त्योहार 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा।
दीपावली से पहले आने वाले इस खास पर्व पर सोना-चांदी खरीदने, नए बर्तन लाने और भगवान धन्वंतरि की पूजा करने की परंपरा है।
अगर आप भी इस साल Dhanteras 2026 पर सोने के सिक्के, चांदी के आभूषण या बर्तन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले शुभ मुहूर्त जरूर जान लें।
यहां हम आपको धनतेरस ( Dhanteras 2026 ) की सही तारीख, दिल्ली सहित प्रमुख शहरों में पूजा का शुभ समय, सोना-चांदी खरीदने के मुहूर्त, पूजा विधि, यम दीपदान और इस दिन खरीदी जाने वाली शुभ वस्तुओं की पूरी जानकारी दे रहे हैं।
Dhanteras 2026: धनतेरस कल 6 नवंबर को, जानें सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और क्या खरीदना रहेगा शुभ?
धनतेरस का त्योहार इस साल 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। दीपावली से पहले आने वाला यह पर्व खरीदारी, धन्वंतरि पूजा और सुख-समृद्धि की कामना से जुड़ा है। इस दिन सोना-चांदी, बर्तन और दूसरी शुभ वस्तुएं खरीदने की परंपरा है। लेकिन खरीदारी का शुभ समय क्या है, धनतेरस की पूजा कब करनी चाहिए और अगर सोना-चांदी खरीदना संभव न हो तो कौन-सी चीजें खरीदी जा सकती हैं? इस लेख में जानिए धनतेरस 2026 की तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, खरीदारी के विकल्प और जरूरी धार्मिक मान्यताएं।
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Dhanteras 2026 : तारीख और तिथि को लेकर दूर करें कन्फ्यूजन
धनतेरस को धनत्रयोदशी भी कहा जाता है। यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से जुड़ा पर्व है। साल 2026 में त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह लगभग 10:30 बजे शुरू होकर 7 नवंबर को सुबह लगभग 10:47 बजे तक रहेगी। इसी वजह से कुछ लोगों के मन में सवाल है कि Dhanteras 2026 6 नवंबर को मनाई जाएगी या 7 नवंबर को।
द्रिक पंचांग के अनुसार, दिल्ली में धनतेरस का मुख्य पर्व और शाम की लक्ष्मी-कुबेर पूजा शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को होगी। इसलिए धनतेरस की पूजा और पारंपरिक उत्सव 6 नवंबर को ही मनाना उचित रहेगा। तिथि अगले दिन सुबह तक रहने का अर्थ यह नहीं है कि मुख्य पूजा भी 7 नवंबर को होगी।
Dhanteras 2026 शुभ मुहूर्त: दिल्ली में कब करें पूजा?
धनतेरस की शाम भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करने की परंपरा है। दिल्ली के लिए द्रिक पंचांग में दिया गया मुख्य पूजा मुहूर्त इस प्रकार है:
शाम 6:02 से 7:57 बजे तक
धनतेरस पूजा मुहूर्त — नई दिल्ली
तारीख
6 नवंबर 2026, शुक्रवार
प्रदोष काल
शाम 5:32 से 8:09 बजे
वृषभ काल
शाम 6:02 से 7:57 बजे
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ
सुबह 10:30 बजे
त्रयोदशी तिथि समाप्त
7 नवंबर, सुबह 10:47 बजे
समय नई दिल्ली के स्थानीय पंचांग पर आधारित है। दूसरे शहरों में मुहूर्त अलग हो सकता है।
Dhanteras 2026 की पूजा सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में करना परंपरागत रूप से शुभ माना जाता है। पूजा की तैयारी पहले से कर लें, ताकि निर्धारित समय में दीप प्रज्वलित करके विधि-विधान से पूजन कर सकें।
Dhanteras 2026 पर सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर सोना और चांदी खरीदना समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग सोने के सिक्के, चांदी के सिक्के, आभूषण, बर्तन और अन्य कीमती वस्तुएं खरीदते हैं। हालांकि, सोना-चांदी खरीदने का समय और शाम की पूजा का मुहूर्त अलग-अलग हो सकता है।
द्रिक पंचांग के अनुसार, दिल्ली में त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10:30 बजे से 7 नवंबर को सुबह 10:47 बजे तक है। खरीदारी के लिए शहर के अनुसार शुभ चौघड़िया और स्थानीय पंचांग देखना बेहतर रहेगा। दिल्ली के लिए उपलब्ध शुभ खरीदारी समय में ये प्रमुख अवधि शामिल हैं:
| खरीदारी का समय | अवधि |
|---|---|
| शुभ चौघड़िया | दोपहर 12:05 से 1:27 बजे |
| चर चौघड़िया | शाम 4:11 से 5:33 बजे |
| लाभ चौघड़िया | रात 8:49 से 10:27 बजे |
| अगले दिन शुभ चौघड़िया | 7 नवंबर, सुबह 7:59 से 9:21 बजे |
ये समय नई दिल्ली के लिए प्रकाशित चौघड़िया गणना पर आधारित हैं। अलग-अलग पंचांगों में गणना के तरीके के कारण कुछ मिनटों का अंतर मिल सकता है।
खास बात: सोना खरीदने के लिए दुकान पर जाने से पहले अपने शहर का स्थानीय मुहूर्त देख लें। शाम की धनतेरस पूजा का समय सोना खरीदने का एकमात्र शुभ समय नहीं है।
Dhanteras 2026 : प्रमुख शहरों में पूजा का शुभ मुहूर्त
दिल्ली के अलावा देश के दूसरे बड़े शहरों में भी Dhanteras 2026 की पूजा के समय में अंतर रहेगा। द्रिक पंचांग के अनुसार प्रमुख शहरों के लिए प्रकाशित मुहूर्त इस प्रकार हैं:
| शहर | पूजा का शुभ मुहूर्त |
|---|---|
| नई दिल्ली | शाम 6:02–7:57 बजे |
| मुंबई | शाम 6:35–8:35 बजे |
| पुणे | शाम 6:32–8:31 बजे |
| कोलकाता | शाम 5:28–7:26 बजे |
| चेन्नई | शाम 6:14–8:10 बजे |
| जयपुर | शाम 6:11–8:07 बजे |
| हैदराबाद | शाम 6:15–8:13 बजे |
| गुरुग्राम | शाम 6:03–7:59 बजे |
| चंडीगढ़ | शाम 6:00–7:54 बजे |
| नोएडा | शाम 6:01–7:57 बजे |
| बेंगलुरु | शाम 6:25–8:20 बजे |
| अहमदाबाद | शाम 6:30–8:28 बजे |
ये समय स्थानीय शहरों के अनुसार हैं। पूजा करने से पहले अपने क्षेत्र के पंचांग या पुरोहित से समय की पुष्टि कर लें।
Dhanteras 2026 पर क्या खरीदना चाहिए? जानें 10 शुभ चीजें
Dhanteras 2026 पर खरीदारी को सुख, समृद्धि और नए आरंभ का प्रतीक माना जाता है। जरूरी नहीं कि हर परिवार सोना या चांदी ही खरीदे। अपनी जरूरत और बजट के अनुसार दूसरी उपयोगी वस्तुएं भी खरीदी जा सकती हैं।
1. सोने के सिक्के या आभूषण
सोना समृद्धि और संपन्नता का प्रतीक माना जाता है। बजट के अनुसार छोटा सिक्का या आभूषण खरीद सकते हैं।
2. चांदी के सिक्के
चांदी के सिक्के, लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा या छोटी चांदी की वस्तुएं खरीदने की परंपरा है।
3. पीतल या तांबे के बर्तन
पूजा और रसोई में इस्तेमाल होने वाले बर्तन खरीदना भी शुभ माना जाता है।
4. स्टील के बर्तन
कम बजट में उपयोगी बर्तन खरीदने का यह अच्छा विकल्प हो सकता है।
5. झाड़ू
झाड़ू को साफ-सफाई और घर से नकारात्मकता दूर करने की पारंपरिक मान्यता से जोड़ा जाता है।
6. लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा
दीपावली की पूजा के लिए नई प्रतिमा खरीदने की परंपरा कई परिवारों में प्रचलित है।
7. मिट्टी के दीपक
दीपक प्रकाश, शुभता और सकारात्मकता के प्रतीक हैं। धनतेरस पर दीपक खरीदकर दीपावली की तैयारी कर सकते हैं।
8. घर के उपयोग का नया सामान
जरूरत के अनुसार मिक्सर, किचन उपकरण या कोई उपयोगी घरेलू वस्तु खरीद सकते हैं।
9. लक्ष्मी-कुबेर यंत्र
कुछ परिवार धन-समृद्धि की कामना से लक्ष्मी-कुबेर यंत्र खरीदकर उसकी पूजा करते हैं।
10. नया बही-खाता
व्यापारी वर्ग नए बही-खाते की शुरुआत को शुभ मानता है। इसे नए कारोबारी वर्ष और अच्छी शुरुआत से जोड़ा जाता है।
ध्यान रखें कि ये धार्मिक और पारंपरिक मान्यताएं हैं। खरीदारी अपनी आर्थिक स्थिति और वास्तविक जरूरत के अनुसार ही करें।
Dhanteras 2026 पर सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
त्योहार के दौरान सोने-चांदी की दुकानों पर भीड़ रहती है। ऐसे में जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
हॉलमार्क जरूर देखें: सोने के आभूषण खरीदते समय BIS हॉलमार्क और HUID की जांच करें।
शुद्धता की पुष्टि करें: 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के अंतर को समझकर खरीदारी करें।
बिल लेना न भूलें: वजन, शुद्धता, मेकिंग चार्ज और GST की जानकारी वाले पक्के बिल के साथ ही खरीदारी करें।
मेकिंग चार्ज की तुलना करें: अलग-अलग दुकानों पर मेकिंग चार्ज अलग हो सकते हैं।
वापसी और एक्सचेंज नियम पूछें: खरीदारी से पहले दुकान की बायबैक और एक्सचेंज पॉलिसी समझ लें।
बजट तय करें: सिर्फ त्योहार की वजह से अपनी क्षमता से अधिक खर्च न करें।
Dhanteras 2026 पूजा विधि: घर में कैसे करें भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा?
धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा स्वास्थ्य और आरोग्य की कामना से की जाती है। माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा धन-धान्य तथा सुख-समृद्धि की कामना से की जाती है। घर में पूजा के लिए ये सामान्य विधि अपना सकते है
पूजा की तैयारी
घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें।
पूजा स्थान पर चौकी बिछाकर लाल या पीला कपड़ा रखें।
भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
दीपक, धूप, फूल, अक्षत, रोली, फल और मिठाई पूजा के लिए तैयार रखें।
संध्या के समय शुभ मुहूर्त में पूजा शुरू करें।
पूजा करने की सामान्य विधि
सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण करें।
भगवान धन्वंतरि को फूल, अक्षत और फल अर्पित करें।
माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर को पुष्प, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
परिवार के स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।
पूजा के बाद आरती करें और परिवार के सदस्यों में प्रसाद बांटें।
पूजा की विधि परिवार की परंपरा और स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार अलग हो सकती है।
Dhanteras 2026 पर यम दीपदान क्यों किया जाता है?
Dhanteras 2026 के दिन यम दीपदान की भी विशेष परंपरा है। मान्यता के अनुसार, इस दिन संध्या के समय घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर दीपक जलाकर भगवान यमराज से परिवार की सुख-शांति और अकाल मृत्यु से रक्षा की प्रार्थना की जाती है।
इसे यमदीप या यम दीपदान कहा जाता है। कई परिवार घर के मुख्य द्वार के बाहर दीपक जलाते हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार, 2026 में यम दीपदान 6 नवंबर, शुक्रवार को है।
Dhanteras 2026 से दीपावली तक: पांच दिनों का त्योहार कैलेंडर
धनतेरस के साथ दीपावली के पारंपरिक पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत होती है। साल 2026 में प्रमुख त्योहारों की तारीखें इस प्रकार हैं:
| त्योहार | तारीख |
|---|---|
| धनतेरस | 6 नवंबर, शुक्रवार |
| छोटी दिवाली / नरक चतुर्दशी | 7 नवंबर, शनिवार |
| दीपावली / लक्ष्मी पूजा | 8 नवंबर, रविवार |
| गोवर्धन पूजा | 9 नवंबर, सोमवार |
| भाई दूज | 10 नवंबर, मंगलवार |
Dhanteras 2026 : अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. Dhanteras 2026 कब है?
Dhanteras 2026 शुक्रवार, 6 नवंबर को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाएगी।
2. Dhanteras 2026 पर पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
नई दिल्ली में धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक है। दूसरे शहरों में समय अलग हो सकता है।
3. Dhanteras 2026 पर सोना खरीदने का शुभ समय क्या है?
दिल्ली में 6 नवंबर को दोपहर 12:05 से 1:27 बजे, शाम 4:11 से 5:33 बजे और रात 8:49 से 10:27 बजे के चौघड़िया समय खरीदारी के लिए अनुकूल बताए गए हैं। स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
4. क्या Dhanteras 2026 पर चांदी खरीदना शुभ माना जाता है?
हां, धार्मिक मान्यताओं में धनतेरस पर चांदी के सिक्के, बर्तन और आभूषण खरीदना शुभ माना जाता है।
5. क्या Dhanteras 2026 पर सोना खरीदना जरूरी है?
नहीं। सोना खरीदना अनिवार्य नहीं है। आप अपनी क्षमता के अनुसार चांदी, बर्तन, दीपक या घर की जरूरत की कोई उपयोगी वस्तु खरीद सकते हैं।
6. Dhanteras 2026 पर भगवान धन्वंतरि की पूजा क्यों होती है?
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और आरोग्य का देवता माना जाता है। उनकी पूजा स्वास्थ्य और अच्छे जीवन की कामना से की जाती है।
7. Dhanteras 2026 पर यम दीपदान कब करना चाहिए?
धनतेरस की शाम प्रदोष काल में यम दीपदान करने की परंपरा है। 2026 में यह 6 नवंबर को है।
8. Dhanteras 2026 पर त्रयोदशी तिथि कब से कब तक रहेगी?
नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह लगभग 10:30 बजे शुरू होकर 7 नवंबर को सुबह लगभग 10:47 बजे समाप्त होगी।
9. Dhanteras 2026 पर कौन-सी चीजें नहीं खरीदनी चाहिए?
कुछ पारंपरिक मान्यताओं में इस दिन धारदार वस्तुएं, कांच और नकारात्मकता से जुड़ी वस्तुएं खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, ये क्षेत्रीय और पारिवारिक मान्यताएं हैं, कोई सार्वभौमिक धार्मिक नियम नहीं।
10. क्या धनतेरस की पूजा 7 नवंबर को भी कर सकते हैं?
मुख्य धनतेरस पूजा 6 नवंबर की शाम को निर्धारित है। त्रयोदशी तिथि 7 नवंबर की सुबह तक रहने के बावजूद मुख्य पूजा के लिए दिल्ली का प्रकाशित मुहूर्त 6 नवंबर को ही है।
निष्कर्ष
Dhanteras 2026 केवल सोना-चांदी खरीदने का त्योहार नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, सुख, समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक भी है। 6 नवंबर 2026 को भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा के साथ इस पर्व को मनाएं। खरीदारी के लिए अपने शहर का शुभ मुहूर्त देखें और अपनी जरूरत तथा बजट को ध्यान में रखकर ही कोई वस्तु खरीदें।
Samaydhara की ओर से आप सभी को Dhanteras 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं!
संपादकीय नोट: ऊपर दिए गए पूजा और खरीदारी के मुहूर्त नई दिल्ली के पंचांग पर आधारित हैं। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय, सूर्यास्त और स्थानीय गणना के कारण समय में अंतर हो सकता है। धार्मिक मुहूर्त को स्थानीय पंचांग से मिलाना उचित है।
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