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Breaking MP फ्लोर टेस्ट : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, कल सुबह होगी सुनवाई

बहुमत परिक्षण पर अब कल होगा फैसला, सुप्रीम कोर्ट का मध्यप्रदेश सरकार, स्पीकर व राज्यपाल सरकार को नोटिस

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नई दिल्ली, (सरकार) : MP फ्लोर टेस्ट –  सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, कल सुबह होगी सुनवाई l 
बहुमत परिक्षण पर अब कल होगा फैसला, सुप्रीम कोर्ट का मध्यप्रदेश सरकार, स्पीकर व राज्यपाल सरकार को नोटिस l 
सुप्रीम कोर्ट ने शिवराज चौहान की अर्जी पर फैसला कल तक टाल दिया l सुप्रीम कोर्ट ने कहा की दूसरे पक्ष की भी बात सुनेंगे l 
कुल मिलाकर अब यह मामला कल तक टल गया l 
इस बीच कांग्रेस के बागी विधायकों ने बेंगलूर से एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि उन्हें बंधक नहीं बनाया गया है l 
उन्होंने अपने मर्जी से इस्तीफा दिया है l उनके साथ कोई जोर-जबरदस्ती नहीं की गयी है l
अगर उन्हें केंद्र सुरक्षा प्रदान करें तो वह भोपाल आने को भी तैयार है l कमलनाथ जी सरासर झूठ कह रहे है l 
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मध्य प्रदेश के MLA गोविंद सिंह राजपूत बेंगलुरु में हैं। उन्होंने कहा कि कमलनाथ ने कभी उन्हें 15 मिनट से ज्यादा नहीं सुना। तो वह अपने क्षेत्र के विकास के लिए किससे बात करते। उन्होंने कहा कि सिंधिया ही उनके नेता हैं।
सुप्रीम कोर्ट आज BJP की याचिका पर सुनवाई करेगी। BJP ने 26 मार्च तक विधानसभा स्थगित करने के खिलाफ याचिका दायर की है।
इससे पहले गवर्नर ने कहा था कि सोमवार को जैसे ही उनका अधिभाषण खत्म होगा कमलनाथ को बहुमत साबित करना होगा।
लेकिन सोमवार को अभिभाषण खत्म होते ही स्पीकर ने विधानसभा 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया।
वहीं इस मामले पर आज BJP की ओर से दायर की गई याचिका पर सुनवाई होनी है।
BJP ने अपनी याचिका में अदालत को बहुमत परीक्षण कराने का निर्देश देने को कहा है।
जिस पर अदालत सुनवाई के लिए तैयार है और आज कोई अहम फैसला सुना सकती है।
ऐसे में प्रदेश के लिए आज का दिन काफी अहम साबित हो सकता है। मध्य प्रदेश पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और बहुमत परीक्षण पर देश भर की नजरें टिकी रहेंगी।
राज्यपाल ने कमलनाथ को तीसरी बार पत्र लिखा है जिसमें कहा गया है कि कि दुख की बात है कि
आपने मेरे द्वारा दी गई समयावधि में बहुमत परीक्षण नहीं किया। आपसे फिर से निवेदन है कि सैंविधानिक और लोकतंत्रीय मान्यताओं का सम्मान करते हुए
17 मार्च तक बहुमत सिद्ध करे, नहीं तो माना जाएगा कि वास्तव में आपको विधानसभा में बहुमत प्राप्त नहीं है।
इधर सोमवार को फिर से कमलनाथ राजभवन पहुंचे। इसके बाद उन्होंने कहा कि अगर कोई यह कहता है कि हमारे पास नंबर नहीं है,
तो वे अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं। मुझे क्यों फ्लोर टेस्ट देना? कमलनाथ ने कहा कि 16 विधायकों का इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है और उन्हें समाने आना चाहिए।
अब आज सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई और फैसले से पता चलेगा कि राज्यपाल का आदेश भारी होगा या कमलनाथ सरकार का फैसला।
जाहिर है कि अगर विधानसभा में फ्लोर टेस्ट हुआ तो कमलनाथ सरकार के गिरने में देर नहीं लगेगी।
(इनपुट एजेंसी से भी)

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