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मुंबई : इस बॉलिवुड एक्ट्रेस के मर्डर के लिए 2 को उम्रकैद, जानें कैसे हुआ मर्डर 

मुंबई : बॉलिवुड एक्ट्रेस के मर्डर के लिए 2 को उम्रकैद

मुंबई, 11 मई : मुंबई की एक सत्र अदालत ने नेपाली मूल की नवोदित अभिनेत्री व मॉडल मीनाक्षी थापा की हत्या के जुर्म में शुक्रवार को बॉलीवुड के दो जूनियर कलाकारों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

विशेष लोक अभियोजक उज्जवल निकम ने मीडिया से कहा, “सत्र न्यायाधीश एस.जी. शेटे ने दोनों को थापा के अपहरण, फिरौती व हत्या का दोषी पाया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।” 

इससे पहले बुधवार को न्यायाधीश शेटे ने अमित कुमार जायसवाल (40) व उसकी महिला मित्र प्रीति सुरिन (36) को 27 साल की अभिनेत्री की हत्या का दोषी पाया था। अभिनेत्री की हत्या उत्तर प्रदेश में 2012 में की गई थी।

सजा की मात्रा पर बहस के दौरान उज्जवल निकम ने इसे हत्या का दुर्लभतम मामला बताया और दोनों के लिए मौत की सजा की मांग की।

कैसे हुआ मर्डर

बॉलीवुड में बड़ा नाम कमाने की उम्मीद लेकर अभिनेत्री देहरादून से 2011 में मुंबई आई थी और ‘404’, ‘हीरोइन’, ‘सेहरा’ व ‘पकाऊ’ जैसी फिल्मों में छोटी-छोटी भूमिकाएं निभाई। इसके अलावा उसने मॉडलिंग भी किया।

थापा ने एक संपन्न परिवार से होने का दावा करते हुए बॉलीवुड निर्देशक मधुर भंडारकर की फिल्म ‘हीरोइन’ के सेट पर जायसवाल व सुरिन से मुलाकात की। उसने फिल्मों में अपना करियर बनाने की महत्वाकांक्षा जाहिर की।

मामले की जांच के अनुसार, मीनाक्षी थापा के कथित तौर पर समृद्ध पृष्ठभूमि से प्रभावित होकर जायसवाल व सुरिन ने उसके करियर को फिल्मों में बढ़ावा देने के अलावा परिवार से पैसा ऐंठने की साजिश रची।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, दोनों थापा को मार्च 2012 में मॉडलिंग के एक आकर्षक प्रस्ताव व एक भोजपुरी फिल्म में प्रमुख भूमिका का लालच देकर इलाहाबाद ले गए।

उन्होंने इलाहाबाद पहुंचने के बाद थापा को बंधक बना लिया और उसकी मां से 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी।

लेकिन, थापा का परिवार सिर्फ 60,000 रुपये भेज पाने में सफल रहा। इसके बाद जायसवाल व सुरिन ने थापा का काम तमाम करने का फैसला किया। थापा के परिवार में उसके माता-पिता देहरादून में केंद्र सरकार के उपक्रमों में काम करते थे और उसका एक भाई भारतीय सेना में कार्यरत था।

उन्होंने एक हास्टल के स्टाफ क्र्वाटर में थापा की नृशंस हत्या कर दी। इस हॉस्टल में सुरिन के पिता चौकीदार के तौर पर काम करते थे।

इसके बाद उन्होंने उसके शव के छोटे-छोटे टुकड़े कर डाले और उसे पास के एक सेप्टिक टैंक में डाल दिया। वे उसके सिर को लेकर एक बस से लखनऊ पहुंचे और हत्या में शामिल हथियार को वहां फेंक दिया।

उसके बाद वे जौनपुर के लिए एक दूसरी बस में सवार हुए और एक बैग में रखे थापा के सिर को इलाहाबाद से करीब 100 किमी की दूरी पर रास्ते में एक सुनसान जगह पर फेंक दिया।

थापा के शव को निपटाने से पहले आरोपियों ने थापा का मोबाइल, बैंक डेबिट कार्ड ले लिया था। उन्होंने थापा की मां को संदेश देकर फिरौती की रकम अपने बेटी के बैंक खाते में जमा करने के लिए कहा। ऐसा नहीं करने पर उन्होंने उसकी पोर्न फिल्म बनाने व उसे सार्वजनिक करने की धमकी दी।

मोबाइल सिम कार्ड व बैंक एटीएम डेबिट कार्ड के ट्रैकिंग के जरिए जांचकर्ता आरोपियों के 14 अप्रैल को मुंबई पहुंचने पर उन्हें दबोचने में सफल हो सके। आरोपियों ने थापा के खाते से बांद्रा के निकट पैसे निकालने की कोशिश की थी।

मुकदमे के दौरान निकम ने 35 गवाहों से जिरह की। इसमें प्रमुख आरोपी सुरिन के पिता शामिल थे। सुरिन के पिता ने थापा के साथ जायसवाल व सुरिन को इलाहाबाद में हत्या से पहले देखा था।

 

–आईएएनएस

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