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हीरो-मुंजाल, डाबर-बर्मन के निवेश को Fortis बोर्ड की मंजूरी

नई दिल्ली/गुरुग्राम, 11 मई :  फोर्टिस हेल्थकेयर बोर्ड ने अपने व्यावसायिक सौदे में अपने शेयरधारकों से हीरो और मुंजाल परिवार समूह के प्रस्ताव की सिफारिश करने का फैसला लिया है।

फोर्टिस के डायरेक्टर ब्रायन टेम्पेस्ट ने शुक्रवार को कहा कि अधिक सक्षम तरीके से तरलता का प्रवाह बनाए रखने के मद्देनजर यह फैसला लिया गया।

हालांकि इस प्रस्ताव पर सौदे के अन्य दावेदारों ने निराशा जाहिर की है।

फोर्टिस ने गुरुवार को यहां बोर्ड की बैठक में लिए गए फैसले के संबंध में बताया कि बोर्ड ने अपने हितधारकों को हीरो इंटरप्राइजेज इन्वेस्टमेंट और बर्मन परिवार के कार्यालयों से मिले प्रस्तावों की सिफारिश करने का फैसला लिया। 

टेम्पेस्ट ने संवाददाताओं को बताया, “कंपनी में तरलता का प्रवाह बने रहने की निश्चितता के मद्देनजर बोर्ड ने बहुमत के साथ हितधारकों को हीरो-बर्मन परिवार के प्रस्ताव की सिफारिश करने का फैसला लिया।”

उधर, मणिपाल समूह के सीईओ रंजन पई ने एक बयान में कहा, “फोर्टिस के साथ कई महीने वचनबद्धता व तत्परता के बाद बोर्ड के इस निष्कर्ष से हमें निराशा हुई। मणिपाल का मानना था कि फोर्टिस के लिए हमारा प्रस्ताव उचित, छोटा और लंबी अवधि की योजना वाला है और यह हितधारकों व शेयरधारकों के लिए फायदेमंद है।”

उन्होंने कहा, “हीरो-डाबर के पास हेल्थकेयर में 30-40 निवेशक हैं और एक अस्पताल है जिसमें नर्स ट्रेनिंग कॉलेज और दूसरा प्रशिक्षण अस्पताल है। हमें इस कारोबार में नियमित रूप से नर्स और डॉक्टरों की जरूरत होती है।”

फोर्टिस को चार निवेशकों की ओर से उचित प्रस्ताव मिले थे, जिनमें रेडियंट लाइफकेयर, आईएचएच हेल्थकेयर, मणिपाल-टीपीजी कंसोर्टियम और मुंजाल व बर्मन परिवार के दफ्तर शामिल थे। विजेता की पेशकश सबसे बड़ी नहीं थी। 

मुंजाल-बर्मन कंसोर्टियम के एक मई के संशोधित प्रस्ताव में वरीयता क्रम के आवंटन के जरिए 167 रुपये प्रति शेयर की दर से अग्रिम निवेश की रकम 800 करोड़ रुपये शामिल है। इसने आगे वरीयता क्रम के वारंट के जरिए 1,000 करोड़ रुपये की पेशकश की है। 

टेम्पेस्ट ने बताया कि बोर्ड के आठ सदस्यों में से पांच ने विजेता के पक्ष में वोट किया जबकि तीन ने अन्य के पक्ष में अपनी राय दी। 

फोर्टिस के मुताबिक, हीरो और बर्मन समूह का चयन एक स्वतंत्र विशेषज्ञ सलाहकार समिति (ईएसी) के माध्यम से किया गया।

इस समिति में पीडब्ल्यूसी (भारत) के पूर्व अध्यक्ष दीपक कपूर, इंडियन सोसायटी ऑफ लॉ फर्म्स के अध्यक्ष ललित भसीन के अलावा स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक और अर्पवुड कैपिटल जैसे दो सलाहकार शामिल थे। इसके अलावा सीरिल अमरचंद मंगलदा इसमें बतौर कानूनी परामर्शदाता शामिल थे। 

–आईएएनएस

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