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CBSE OSM Controversy Dharmendra Pradhan: OSM गड़बड़ी पर शिक्षा मंत्री ने ली जिम्मेदारी; जानें क्या है सिस्टम और क्यों मचा विवाद?

CBSE OSM Controversy: छात्रों के गुस्से के बीच Dharmendra Pradhan का बड़ा बयान

CBSE OSM Controversy Dharmendra Pradhan इस समय देशभर में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत के बीच सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है। CBSE के On-Screen Marking यानी OSM सिस्टम को लेकर लगातार शिकायतें सामने आने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। CBSE OSM Controversy Dharmendra Pradhan मामले में उन्होंने कहा कि वह पूरी जिम्मेदारी लेते हैं और अगर जांच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है, तो “किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।”

दरअसल, रिजल्ट के बाद शुरू हुई री-इवैल्यूएशन और स्कैन कॉपी देखने की प्रक्रिया के दौरान हजारों छात्रों ने तकनीकी दिक्कतों की शिकायत की थी। कई छात्रों ने दावा किया कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं के पेज धुंधले दिखाई दे रहे थे, कुछ उत्तर जांचे ही नहीं गए थे और कई जगह अंक जोड़ने में गड़बड़ी नजर आई। इसके बाद सोशल मीडिया पर CBSE OSM Controversy Dharmendra Pradhan तेजी से ट्रेंड करने लगा और मामला राजनीतिक बहस तक पहुंच गया।

दिल्ली में CBSE अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि OSM सिस्टम एक आधुनिक और पारदर्शी व्यवस्था है, जिसे छात्रों के हित में लागू किया गया है।  हालांकि उन्होंने CBSE OSM Controversy Dharmendra Pradhan मामले में यह भी माना कि तकनीकी समस्याओं के कारण छात्रों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर शिकायत की गंभीरता से जांच होगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 


क्या है CBSE का OSM सिस्टम?

CBSE OSM विवाद सामने आने के बाद कई लोग जानना चाहत है कि आखिर सीबीएसई का ओएसएम सिस्टम है क्या? चलिए सरल तरीके से बताते है। CBSE का OSM यानी On-Screen Marking System एक डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया है, जिसमें छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके ऑनलाइन जांचा जाता है। पहले परीक्षक फिजिकल कॉपी देखकर मार्किंग करते थे, लेकिन अब डिजिटल तकनीक के जरिए यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर की जाती है।

CBSE का कहना है कि यह सिस्टम पारदर्शिता बढ़ाने और मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज बनाने के लिए शुरू किया गया था।

OSM सिस्टम के तहत परीक्षा खत्म होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को हाई-क्वालिटी स्कैनर से स्कैन किया जाता है। इसके बाद परीक्षकों को एक सुरक्षित डिजिटल पोर्टल पर लॉगिन कर ऑनलाइन कॉपी जांचने की सुविधा दी जाती है।


OSM सिस्टम कैसे काम करता है?

CBSE OSM Controversy Dharmendra Pradhan इन्फोग्राफिक इमेज जिसमें OSM सिस्टम की स्कैनिंग, ऑनलाइन मूल्यांकन और डिजिटल मार्किंग प्रक्रिया दिखाई गई है।
CBSE OSM Controversy Dharmendra Pradhan: जानें कैसे काम करता है CBSE का OSM सिस्टम

1. Answer Sheet Scanning

परीक्षा के बाद छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन किया जाता है। हर पेज की डिजिटल इमेज तैयार की जाती है।

2. Secure Upload

स्कैन की गई कॉपियों को सुरक्षित सर्वर पर अपलोड किया जाता है, ताकि केवल अधिकृत परीक्षक ही उन्हें देख सकें।

3. Online Evaluation

परीक्षक अपने लॉगिन आईडी से पोर्टल पर जाकर डिजिटल कॉपी चेक करते हैं और ऑनलाइन नंबर देते हैं।

4. Automatic Data Saving

सिस्टम में दिए गए अंक डिजिटल रूप से सेव हो जाते हैं, जिससे रिकॉर्ड लंबे समय तक सुरक्षित रहता है।

5. Transparency Process

CBSE के अनुसार, जरूरत पड़ने पर छात्रों को उनकी स्कैन कॉपी दिखाना इस सिस्टम में आसान हो जाता है।


आखिर क्यों मचा CBSE OSM पर विवाद?

CBSE OSM Controversy Dharmendra Pradhan विवाद उस समय बढ़ गया जब हजारों छात्रों और अभिभावकों ने OSM सिस्टम में कई तकनीकी खामियों की शिकायत करनी शुरू कर दी।

छात्रों ने आरोप लगाया कि:

  • कई उत्तर पुस्तिकाओं के पेज धुंधले थे
  • कुछ सवालों की जांच नहीं हुई थी
  • कई जगह नंबर जोड़ने में गलती थी
  • पोर्टल बार-बार क्रैश हो रहा था
  • स्कैन कॉपी डाउनलोड करने में परेशानी हो रही थी
  • भुगतान के दौरान transaction fail हो रहे थे

सोशल मीडिया पर छात्रों ने स्क्रीनशॉट शेयर कर अपनी नाराजगी जताई। कुछ छात्रों ने दावा किया कि उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन नहीं हुआ।

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CBSE OSM Controversy Dharmendra Pradhan ने क्या कहा?

CBSE OSM Controversy Dharmendra Pradhan फीचर इमेज जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, CBSE OSM सिस्टम और परेशान छात्र दिखाई दे रहे हैं।
CBSE OSM Controversy Dharmendra Pradhan: OSM गड़बड़ी पर शिक्षा मंत्री ने ली जिम्मेदारी

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस पूरे मामले पर कहा:

“मैं जिम्मेदारी लेता हूं। इसका समाधान निकाला जाएगा।”

उन्होंने बताया कि इस साल करीब 17 लाख छात्रों की लगभग 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं को संभाला गया। हर उत्तर पुस्तिका में करीब 40 पेज थे, यानी कुल मिलाकर लगभग 40 करोड़ स्कैन पेज तैयार किए गए।

उन्होंने OSM सिस्टम को “student-centric” और “progressive” बताते हुए कहा कि दुनिया की कई बड़ी संस्थाएं भी इसी तरह के डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल कर रही हैं।

हालांकि उन्होंने यह भी माना कि छात्रों की चिंता और मानसिक तनाव को कम करना फिलहाल सबसे जरूरी है।

 


CBSE OSM पर राहुल गांधी ने भी उठाए सवाल

इस पूरे विवाद के बाद विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी CBSE OSM Controversy Dharmendra Pradhan और CBSE की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने छात्रों की परेशानियों को गंभीर बताते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की।

इसके जवाब में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कुछ लोग हमेशा “Digital India” और तकनीकी बदलावों का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति बाद में भी हो सकती है, लेकिन फिलहाल छात्रों का मानसिक तनाव कम करना सबसे ज्यादा जरूरी है।

CBSE बोर्ड परीक्षा के दौरान क्लासरूम में बैठे छात्र उत्तर पुस्तिका लिखते हुए दिखाई दे रहे हैं।
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CBSE ने क्या कदम उठाए?

विवाद बढ़ने के बाद CBSE ने कई अहम कदम उठाए:

  • स्कैन कॉपी आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाई
  • छात्रों से घबराने की जरूरत नहीं बताई
  • Subject experts द्वारा शिकायतों की समीक्षा शुरू की
  • तकनीकी टीम को पोर्टल सुधारने का निर्देश दिया
  • री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने की बात कही

CBSE ने साफ कहा कि genuine शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।


क्या OSM सिस्टम भविष्य है?

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में डिजिटल मूल्यांकन ही भविष्य बनने वाला है। इससे रिकॉर्ड सुरक्षित रखना आसान होता है और मूल्यांकन प्रक्रिया भी तेज हो जाती है।

लेकिन भारत जैसे बड़े देश में, जहां करोड़ों उत्तर पुस्तिकाओं को संभालना होता है, वहां मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद जरूरी है। अगर सिस्टम में तकनीकी खामियां हों, तो उसका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ सकता है।

यही कारण है कि CBSE OSM Controversy Dharmendra Pradhan अब केवल तकनीकी मामला नहीं रह गया, बल्कि यह छात्रों के भरोसे और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है।


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CBSE OSM Controversy Dharmendra Pradhan विवाद में छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी बातें

  • घबराने के बजाय आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें
  • री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया समय पर पूरी करें
  • सभी payment receipts और screenshots संभालकर रखें
  • किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत शिकायत दर्ज करें
  • सोशल मीडिया अफवाहों से बचें

 

FAQs-CBSE OSM Controversy Dharmendra Pradhan

1. CBSE OSM क्या है?

OSM यानी On-Screen Marking System, जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं की ऑनलाइन जांच की जाती है।

2. CBSE OSM Controversy Dharmendra Pradhan क्यों चर्चा में है?

OSM सिस्टम में आई तकनीकी गड़बड़ियों और छात्रों की शिकायतों के कारण यह मामला चर्चा में है।

3. धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा?

उन्होंने कहा कि वह जिम्मेदारी लेते हैं और गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई होगी।

4. छात्रों ने क्या शिकायतें कीं?

धुंधली कॉपी, unchecked answers, portal crash और payment issues जैसी शिकायतें सामने आईं।

5. क्या CBSE ने कार्रवाई की है?

हाँ, CBSE ने आवेदन की तारीख बढ़ाई और शिकायतों की समीक्षा शुरू की है।

6. क्या राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए?

हाँ, उन्होंने छात्रों की परेशानियों को लेकर सरकार से जवाब मांगा।

7. क्या OSM सिस्टम भविष्य में जारी रहेगा?

CBSE का कहना है कि यह आधुनिक और पारदर्शी व्यवस्था है, इसलिए सुधार के साथ इसे जारी रखा जा सकता है।


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Reena Arya

रीना आर्य www.samaydhara.com की फाउंडर और एडिटर-इन-चीफ है। रीना आर्य ने पत्रकारिता के महज 6-7 साल के भीतर ही अपने काम के दम पर न केवल बड़े-बड़े ब्रांड्स में अपनी पहचान बनाई बल्कि तमाम चुनौतियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए समयधारा.कॉम की नींंव रखी। हर मुद्दे पर अपनी ज्वलंत और बेबाक राय रखने वाली रीना आर्य एक पत्रकार, कंटेंट राइटर,एंकर और एडिटर की भूमिका निभा चुकी है।

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