
Delhi-BSES-Water-health-workers-march-today-on-Kejriwal’s-residence-against-thekedari-Pratha
आज,मंगलवार 31 अक्टूबर 2023 की सुबह 11 बजे हजारों संविदा कर्मचारी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास की ओर कूच कर(Delhi-BSES-Water-health-workers-march-today-on-Kejriwal’s-residence-against-thekedari-Pratha-Call-by-THRSM)गए।
लेकिन दिल्ली पुलिस(Delhi Police)ने उन्हें सिविल लाइन्स पर ही रोक दिया।
जिससे बीएसईएस(BSES) और स्वास्थ्य संविदा कर्मचारी जिनमें आशा वर्कर्स भी शामिल थी,ने अपना विरोध-प्रदर्शन और तेज कर दिया है।
ठेकेदारी हटाओं राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा के इस आंदोलन की लाइव और एक्सक्लूसिव कवरेज कर रहे समयधारा के रिपोर्टर धर्मेश जैन को हजारों संविदा कर्मचारियों ने बताया कि उनके साथ केजरीवाल सरकार ने नियमित वेतन और पक्की नौकरी पर वादा खिलाफी की(Delhi-BSES-Water-health-workers-march-today-on-Kejriwal’s-residence-against-thekedari-Pratha)है।
मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री डी.सी.कपिल(D.C. Kapil) ने समयधारा के साथ अपनी एक्सक्लूसिव बातचीत में स्पष्ट किया कि ‘वह देशभर के अनुसूचित जाति,जनजाति,अन्य पिछड़ा वर्ग सहित सभी संविदा कर्मचारी
फिर चाहे वह बिजली विभाग से जुड़े हो,दिल्ली जल बोर्ड से या फिर स्वास्थ्य-सफाई से,सभी के हक की आवाज उठाते हुए ठेकेदारी प्रथा के खिलाफ आंदोलन कर रहे है।’
‘नियमित वेतन सहित अन्य मांगों और ठेकेदारी प्रथा(Thekedari Pratha)के खिलाफ सभी संविदा कर्मचारी राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा (Thekedari Hatao Rashtriya Sanyukt Morcha) के आव्हान पर आज 31 अक्टूबर को एकजुट हुए है।’
दिल्ली में बिजली,पानी और सफाई- स्वास्थ्य विभाग सहित कई सरकारी विभागों में संविदा कर्मचारियों की पक्की नौकरी और उन्हें नियमित वेतन दिलाने के केजरीवाल सरकार के वादों के खिलाफ यह कर्मचारी दिल्ली के मुख्यमंत्रीअरविंद केजरीवाल के(Delhi CM Kejriwal)आवास की ओर कूच किया,जहां उन्होंने अपनी मांगे सौंपी(Delhi-BSES-Water-health-workers-march-today-on-Kejriwal’s-residence-against-thekedari-Pratha).
‘ठेकेदारी हटाओ राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा’ (Thekedari Hatao Rashtriya Sanyukt Morcha)’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डी़.सी कपिल के नेतृत्व में बिजली,स्वास्थ्य संविदा कर्मचारियों का जनसैलाब उमड़ा।
जहां डीसी कपिल ने देशभर के अनुसूचित जाति,जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के संविदा कर्मचारियों को उनके हक,आत्मसम्मान और गरिमापूर्ण जीवन यापन के लिए प्रेरित करते हुए संबोधित किया और कहा कि ठेकेदारी प्रथा सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि आधुनिक भारत के लिए अभिशाप है।
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ठेकेदारी प्रथा के खिलाफ देश के हर युवा वर्ग को आवाज उठानी चाहिए। यह उनकी काबिलियत के लिए अभिशाप है। यह प्रथा मौजूदा पीढ़ी ही नहीं बल्कि भावी पीढ़ी के भविष्य को अंधकार में ढकेलने की सराकरी नीति है।
इससे प्रभावित सर्वाधिक अनुसूचित जाति,जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग है। ठेकेदारी प्रथा SC/ST/OBC वर्ग के युवाओं को आरक्षण(Reservation)से वंचित करने और आरक्षण को जड़ से खत्म करने की एक सुनियोजित षड्यंत्र है।
इस प्रथा के अंतर्गत राजनेताओं, अधिकारियों और ठेकदारों की तिगड़ी मिलकर, निरीह ठेकाकर्मियों को मिलने वाले वेतन को सरेआम लूटते है। उनका शोषण करते है।
आपको बता दें कि राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा (Thekedari Hatao Rashtriya Sanyukt Morcha)ने संविदा कर्मचारियों (Contract Workers) के नियमित वेतन सहित अन्य मांगों और ठेकेदारी प्रथा(Thekedari)के खिलाफ शनिवार, 28 अक्टूबर 2023 को ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।
जिसमें उन्होंने प्रेस के समक्ष दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उनके चुनावी वादे याद दिलाते हुए अल्टीमेटम दिया था
कि बिजली,स्वास्थ्य विभाग के देशभर के संविदा कर्मचारी 31 अक्टूबर,मंगलवार को केजरीवाल आवास की ओर कूच करेंगे और उन्हें ज्ञापन दिया जाएगा
कि अगर नवंबर के पहले हफ्ते में ठेकेदारी हटाओ राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा (Thekedari Hatao Rashtriya Sanyukt Morcha) से जुड़े देशभर के हजारों कर्मचारियों की मांगो को नहीं माना गया तो इस दिवाली पूरी दिल्ली में अंधकार छा जायेगा और आने वाले दिनों में दिल्लीवासी बिजली,पानी और सफाई के लिए तरस जाएंगे।
इस अव्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की होगी,जिसने वादा किया था कि वह संविदा कर्मचारियों को नियमित वेतन देगी और कच्ची नौकरी वालों को पक्का किया जाएगा।
T.H.R.S.M. के राष्ट्रीय अध्यक्ष डी.सी, कपिल सहित राष्ट्रीय चेयरमैन राजकुमार धिंगान,राष्ट्रीय महासचिव हाफिज गुलाम सरवर ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए 31 अक्टूबर 2023,मंगलवार को आंदोलन करने की खुली चुनौती दे दी थी।
जिसके फलस्वरूप,बिजली,पानी और स्वास्थ्य व सफाई संविदा कर्मचारी आज,मंगलवार 31 अक्टूबर 2023 एकजुट हुए और विरोध-प्रदर्शन करते हुए दिल्ली के सीएम केजरीवाल के आवास की और कूच कर((Delhi-BSES-Water-health-workers-march-today-on-Kejriwal’s-residence-against-thekedari-Pratha)गए।

आपको बता दें कि BSES का एक डिपार्टमेंट है – मीटर मैनेजमेंट ग्रुप (Meter Management Group – MMG) जिनके 480 कर्मचारी पिछले 22 जून से बिना काम के बैठे हुए हैl
हाईकोर्ट के मौखिक आदेश के बावजूद भी कंपनी हर तारीख पर कह देती है हम ले लेंगे लेकिन आज तक भी उनको ड्यूटी पर नहीं लिया गया l
यह हड़ताल कर्मचारियों का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है जिसे अलग करके नहीं रखा जा सकता l

ठेकेदारी हटाओं राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा की मुख्य मांगें
- दिल्ली सरकार विधान सभा का विशेष सत्र बुलाकर दिल्ली के सभी संविदा कर्मचारियों को पक्का करने का प्रस्ताव पास करें।
- नियमित करने में होने वाले विलम्ब तक माननीय सर्वोच्च न्यायालय की स्थापित गाइड लाइन के अनुसार, “समान कार्य का समान वेतन ” लागू करें।
- एक अगस्त से स्वास्थ्य निदेशालय के मुख्यालय पर अनिश्चित कालीन धरने पर बैठे 585 डेली वेजेर्स कोरोना वॉरियर्स को ड्यूटी पर लिया जाये और नियमित किया जाये।
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में क्षेत्रफल और आबादी के अनुपात में सफाई कर्मचारियों की भर्ती खोली जाये ताकि राजधानी में सफाई व्यवस्था को दुरूस्त किया जा सके।
- सफाई कर्मचारियों को तकनीकी ग्रेड कर्मचारी घोषित किया जाए।
- कोरोना काल में बिजली,पानी,शिक्षा,स्वास्थ्य और यातायात जैसे अनिवार्य सेवा वाले विभागों में शहीद हुए कर्मचारी के आश्रित परिवारों को एक करोड़ और परिवार के एक सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी दी जाये।
- दिल्ली में बिजली विभाग में स्मार्ट मीटर लगाने से पहले मीटर बिजनेस से जुड़े हुए हजारों कर्माचरियों की नौकरी की सुरक्षा की गारंटी लिखित में सुनिश्चित की जाये।
- बिजली और सिविर जैसे खतरनाक कार्य में कर्मचारी की मृत्यु पर शहीद का आश्रित और एक करोड़ रूपये का मुआवजा एंव परिवार के एक सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी दी जाएं।
- दिल्ली के पावर सेक्टर की बिजली वितरण कंपनी बीएसईएस(BSES)के कर्मचारियों के 22 सूत्रीय मांग पत्र सभी मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार और समुचित समाधान किया जाये।
- अनिवार्य सेवा वाले बिजली विभाग में प्रशासनिक नियंत्रण सीधे रूप से बीएसईएस प्रशासन के हाथों में है, वहां से ठेकेदारों को हटाकर संविदा कर्मचारियों को सीधा कंपनी रोल पर लिया जाए।
उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली सरकार उपरोक्त मांगों को नंवबर के प्रथम सप्ताह तक नहीं मान लेती है,तो दिल्ली के बिजली,पानी,यातायात,शिक्षा,स्वास्थ्य और सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जायेंगे।
हड़ताल होने से राजधानी की औद्दोगिक शांति अगर भंग होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी दिल्ली सरकारी की होगी।
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