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Independence Day 2026 Live: देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए भारत के भविष्य का बड़ा रोडमैप सामने रखा।
तिरंगा फहराने के बाद पीएम मोदी ने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया। PM Modi Independence Day Speech 2026 अपने भाषण में उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्वदेशी’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ पर विशेष जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों की विकास यात्रा का जिक्र करते हुए रक्षा उत्पादन, खादी एवं ग्रामोद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, आधुनिक रेलवे कोच और मोबाइल फोन उत्पादन में हुई बढ़ोतरी के आंकड़े सामने रखे।
डिजिटल इंडिया की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने इंटरनेट उपयोगकर्ताओं, पेटेंट और डिजिटल लेनदेन में वृद्धि की बात कही। साथ ही ऊर्जा सुरक्षा के लिए 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य और इस दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की घोषणा भी की।
| समय | भाषण की प्रमुख बात | पीएम मोदी का संदेश / घोषणा |
|---|---|---|
| 07:41 AM | लाल किले से संबोधन शुरू | पीएम मोदी ने तिरंगा फहराया और देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। |
| 07:46 AM | स्वतंत्रता सेनानियों को नमन | महात्मा गांधी, स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी। |
| 07:50 AM | बाढ़ प्रभावितों का जिक्र | बाढ़ से प्रभावित परिवारों को भरोसा दिया कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है। |
| 07:54 AM | विकसित भारत का संकल्प | कहा कि 2047 तक विकसित भारत का संकल्प अब अधूरा नहीं रह सकता। |
| 07:56 AM | बड़े सपनों का आह्वान | पीएम मोदी ने कहा कि अब छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा, देश को बड़े सपने देखने होंगे। |
| 08:00 AM | राष्ट्र निर्माण में हर वर्ग की भूमिका | गरीब, मध्यम वर्ग, युवा, महिलाएं, किसान, आदिवासी और हर क्षेत्र के नागरिकों के योगदान को सराहा। |
| 08:03 AM | 2047 का बड़ा लक्ष्य | आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को विकसित देश बनाने का लक्ष्य दोहराया। |
| 08:08 AM | आत्मनिर्भर भारत | ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्वदेशी’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर दिया। |
| 08:10 AM | परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य | 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य; इस दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की बात कही। |
| भाषण के दौरान | रक्षा उत्पादन | पिछले 12 वर्षों में रक्षा उत्पादन लगभग 4 गुना बढ़ने की बात कही। |
| भाषण के दौरान | खादी और ग्रामोद्योग | उत्पादन लगभग 5 गुना बढ़ने का उल्लेख किया। |
| भाषण के दौरान | इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग | इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन लगभग 7 गुना बढ़ने की बात कही। |
| भाषण के दौरान | आधुनिक रेलवे कोच | आधुनिक रेलवे कोच का उत्पादन लगभग 21 गुना बढ़ने का दावा किया। |
| भाषण के दौरान | मोबाइल फोन उत्पादन | मोबाइल फोन का उत्पादन लगभग 33 गुना बढ़ने की बात कही। |
| भाषण के दौरान | डिजिटल इंडिया | इंटरनेट उपयोगकर्ता लगभग 4 गुना, पेटेंट ग्रांट लगभग 4 गुना और डिजिटल लेनदेन लगभग 100 गुना बढ़ने का उल्लेख किया। |
| समारोह | ‘वंदे मातरम्’ | लाल किले पर आयोजित समारोह में पहली बार ‘वंदे मातरम्’ के गायन का उल्लेखनीय क्षण रहा। |
Independence Day 2026 Live: लाल किले से PM मोदी का बड़ा संबोधन, रक्षा उत्पादन से मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग तक भारत की बड़ी छलांग
नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026: देश आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराकर देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और राष्ट्र को संबोधित किया। यह प्रधानमंत्री मोदी का लाल किले से 13वां लगातार स्वतंत्रता दिवस संबोधन है। इस दौरान उन्होंने भारत की विकास यात्रा, आत्मनिर्भरता, रक्षा उत्पादन, मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऊर्जा सुरक्षा और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर विस्तार से बात की।
इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक खास ऐतिहासिक क्षण भी देखने को मिला। लाल किले की प्राचीर से आयोजित समारोह में पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत अब छोटे सपनों के साथ आगे नहीं बढ़ सकता। देश को बड़े लक्ष्य तय करने होंगे और उन्हें पूरा करने के लिए सामूहिक प्रयास करना होगा। उनका सबसे बड़ा विजन 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है।
2047 तक विकसित भारत का बड़ा लक्ष्य
लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने एक बड़ा सपना देखा है और इस सपने को पक्के इरादे, मेहनत और नई ऊंचाइयों को छूने की इच्छा के साथ पूरा किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री के अनुसार, जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब तक देश को एक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य है।
उन्होंने देश के 140 करोड़ नागरिकों की सामूहिक शक्ति को इस लक्ष्य की सबसे बड़ी ताकत बताया। उनका कहना था कि जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लेता है, तो यह उसके आत्मविश्वास और सामर्थ्य को दर्शाता है।
2047 का लक्ष्य प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधनों में लगातार प्रमुख विषय रहा है। इस बार भी उन्होंने इसे केवल सरकार का नहीं बल्कि पूरे देश का संकल्प बताया।
पिछले 12 वर्षों की विकास यात्रा का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में पिछले 12 वर्षों में भारत में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कई महत्वपूर्ण आंकड़े सामने रखे।
उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में समाज के हर वर्ग ने योगदान दिया है। इसमें गरीब, मध्यम वर्ग, युवा, महिलाएं, किसान, मजदूर, आदिवासी, ग्रामीण और शहरी नागरिक सभी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विकास यात्रा किसी एक वर्ग या क्षेत्र की वजह से नहीं बल्कि करोड़ों भारतीयों के प्रयासों से आगे बढ़ी है।
उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों और अलग-अलग सामाजिक वर्गों के लोगों के योगदान को सम्मान देते हुए कहा कि भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सभी की भूमिका रही है।
रक्षा उत्पादन करीब चार गुना बढ़ा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता का विशेष रूप से उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश का रक्षा उत्पादन लगभग चार गुना बढ़ा है।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए प्रधानमंत्री ने ‘मेक इन इंडिया’ और स्वदेशी उत्पादन की दिशा में हुए बदलावों को रेखांकित किया।
इसका व्यापक संदेश यह रहा कि भारत अब रक्षा उपकरणों और तकनीक के लिए पूरी तरह दूसरे देशों पर निर्भर रहने के बजाय घरेलू उत्पादन और तकनीकी क्षमता को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
खादी और ग्रामोद्योगों में भी बड़ा उछाल
प्रधानमंत्री ने खादी और ग्रामोद्योगों की प्रगति का भी उल्लेख किया।
उनके मुताबिक पिछले 12 वर्षों में खादी और ग्रामोद्योगों का उत्पादन लगभग पांच गुना बढ़ा है।
खादी को केवल स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत के रूप में नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार और स्थानीय उत्पादन से जोड़कर देखने की जरूरत है। प्रधानमंत्री के संबोधन में इसका उल्लेख ‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भरता की व्यापक सोच के हिस्से के रूप में सामने आया।
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग लगभग सात गुना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में हुई वृद्धि को भी रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग लगभग सात गुना बढ़ी है।
भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन का विस्तार देश की मैन्युफैक्चरिंग अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने इसी बदलाव को आत्मनिर्भर भारत की बड़ी उपलब्धियों में शामिल किया।
रेलवे कोच उत्पादन में 21 गुना बढ़ोतरी
प्रधानमंत्री मोदी ने आधुनिक रेलवे कोच के उत्पादन का आंकड़ा भी सामने रखा।
उन्होंने कहा कि आधुनिक रेलवे कोच का उत्पादन लगभग 21 गुना बढ़ा है।
रेलवे भारत की अर्थव्यवस्था और रोजमर्रा की जिंदगी दोनों से जुड़ा हुआ क्षेत्र है। इसलिए रेलवे उत्पादन में वृद्धि को उन्होंने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में हो रहे बदलाव के उदाहरण के रूप में पेश किया।
मोबाइल फोन उत्पादन 33 गुना बढ़ा
स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने मोबाइल फोन उत्पादन को भी बड़ी उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि भारत में मोबाइल फोन का उत्पादन लगभग 33 गुना बढ़ गया है।
यह आंकड़ा भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के विस्तार को रेखांकित करता है। प्रधानमंत्री के भाषण में यह बात खास तौर पर सामने आई कि भारत केवल एक बड़ा बाजार बनने के बजाय उत्पादन और मैन्युफैक्चरिंग का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की दिशा में बढ़ रहा है।
डिजिटल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में भारत की पहचान
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की डिजिटल यात्रा का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि डिजिटल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में भारत ने अपनी अलग पहचान बनाई है।
उनके मुताबिक देश में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग चार गुना हुई है।
इसी तरह पेटेंट ग्रांट में भी लगभग चार गुना वृद्धि हुई है। डिजिटल लेनदेन में तो लगभग 100 गुना बढ़ोतरी का उल्लेख प्रधानमंत्री ने किया।
यह हिस्सा खास तौर पर भारत के डिजिटल बदलाव को दिखाता है, जहां मोबाइल इंटरनेट, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सेवाओं ने आम नागरिकों के जीवन को काफी हद तक बदल दिया है।
डिजिटल लेनदेन में 100 गुना बढ़ोतरी का दावा
प्रधानमंत्री ने डिजिटल लेनदेन की बढ़ती संख्या को भारत के डिजिटल परिवर्तन की बड़ी मिसाल के रूप में पेश किया।
उन्होंने कहा कि डिजिटल लेनदेन लगभग 100 गुना बढ़े हैं।
भारत में डिजिटल भुगतान के विस्तार ने छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबार तक भुगतान के तरीके को बदल दिया है। UPI जैसे डिजिटल माध्यमों ने रोजमर्रा के लेनदेन को तेज और आसान बनाया है।
प्रधानमंत्री ने इस डिजिटल परिवर्तन को भारत की तकनीकी क्षमता और नवाचार से जोड़ते हुए देश की बदलती पहचान का हिस्सा बताया।
2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में ऊर्जा सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा समय की मांग है और भारत 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इस दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य है।
ऊर्जा सुरक्षा को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि भविष्य की भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए विश्वसनीय और पर्याप्त ऊर्जा आपूर्ति बेहद महत्वपूर्ण होगी।
आत्मनिर्भर भारत पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में एक बार फिर आत्मनिर्भर भारत की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनना होगा और अपने हितों की रक्षा करनी होगी।
उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्वदेशी’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज देश का आम नागरिक भी इन अभियानों से जुड़ रहा है।
यह संदेश भारत की आर्थिक और रणनीतिक स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है। प्रधानमंत्री के मुताबिक विकसित भारत बनाने के लिए देश को महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी निर्भरता कम करनी होगी।
छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि अब छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा।
उन्होंने बड़े सपने देखने और बड़े लक्ष्य तय करने की जरूरत पर जोर दिया।
उनके अनुसार बड़े सपने देश की सोच के क्षितिज को भी विस्तार देते हैं। भारत को अगर 2047 तक विकसित राष्ट्र बनना है तो उसके लिए केवल वर्तमान उपलब्धियों से संतुष्ट होना पर्याप्त नहीं होगा।
प्रधानमंत्री का संदेश स्पष्ट था—भारत को आने वाले वर्षों में विकास की गति और बढ़ानी होगी।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ खड़े होने का भरोसा
स्वतंत्रता दिवस के भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने हाल के दिनों में देश के कुछ हिस्सों में आई बाढ़ का भी उल्लेख किया।
उन्होंने बाढ़ से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और भरोसा दिलाया कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों का उल्लेख इस बात की ओर भी संकेत करता है कि राष्ट्रीय विकास के साथ-साथ संकट के समय नागरिकों की सहायता भी सरकार की प्राथमिकता है।
स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को नमन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों को श्रद्धांजलि देकर की।
उन्होंने महात्मा गांधी, स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को नमन किया।
उन्होंने कहा कि आज का स्वतंत्र भारत उन अनगिनत लोगों के त्याग और बलिदान का परिणाम है जिन्होंने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया।
स्वतंत्रता दिवस का यह भावनात्मक पक्ष प्रधानमंत्री के भाषण में राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के भविष्य के साथ जोड़ा गया।
लाल किले पर ‘वंदे मातरम्’ का ऐतिहासिक क्षण
इस साल के स्वतंत्रता दिवस समारोह की एक खास विशेषता ‘वंदे मातरम्’ का लाल किले की प्राचीर से पहली बार गाया जाना रहा।
यह समारोह का महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहलू रहा।
‘वंदे मातरम्’ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से गहराई से जुड़ा राष्ट्रीय गीत है। इसलिए 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में इसका विशेष रूप से प्रस्तुत होना समारोह की प्रमुख घटनाओं में शामिल रहा।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी का संदेश क्या रहा?
अगर प्रधानमंत्री मोदी के पूरे संबोधन को कुछ प्रमुख बिंदुओं में समझें, तो उनका संदेश मुख्य रूप से इन मुद्दों के आसपास रहा—
- 2047 तक विकसित भारत
- आत्मनिर्भर भारत
- रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता
- मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार
- मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन
- आधुनिक रेलवे
- डिजिटल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन
- ऊर्जा सुरक्षा
- 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा
- स्वदेशी और वोकल फॉर लोकल
- देश के हर वर्ग की भागीदारी
- स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद रखना
भारत के लिए आगे की चुनौती क्या है?
प्रधानमंत्री मोदी ने जिन उपलब्धियों का उल्लेख किया, वे भारत की विकास यात्रा की तस्वीर पेश करती हैं। लेकिन 2047 का लक्ष्य अपने आप में बहुत बड़ा है।
विकसित राष्ट्र बनने के लिए भारत को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, रक्षा, तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग और वैश्विक प्रतिस्पर्धा जैसे कई मोर्चों पर लगातार काम करना होगा।
यही कारण है कि प्रधानमंत्री के भाषण में उपलब्धियों के साथ-साथ बड़े लक्ष्यों और बड़े सपनों पर जोर दिखाई दिया।
भारत की अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ाने के साथ-साथ प्रति व्यक्ति आय, मानव विकास, रोजगार और जीवन की गुणवत्ता में सुधार भी विकसित भारत की परिभाषा का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
PM Modi Independence Day Speech 2026: एक नजर में बड़ी बातें
रक्षा उत्पादन: लगभग 4 गुना
खादी और ग्रामोद्योग उत्पादन: लगभग 5 गुना
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग: लगभग 7 गुना
आधुनिक रेलवे कोच उत्पादन: लगभग 21 गुना
मोबाइल फोन उत्पादन: लगभग 33 गुना
इंटरनेट उपयोगकर्ता: लगभग 4 गुना
पेटेंट ग्रांट: लगभग 4 गुना
डिजिटल लेनदेन: लगभग 100 गुना
परमाणु ऊर्जा लक्ष्य: 2047 तक 100 GW
विकसित भारत का लक्ष्य: 2047
निष्कर्ष: 15 अगस्त 2026 पर लाल किले से भविष्य का रोडमैप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 80वें स्वतंत्रता दिवस का संबोधन केवल स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रहा। भाषण में भारत की पिछली विकास यात्रा, वर्तमान उपलब्धियों और 2047 के लक्ष्य को एक साथ जोड़ने की कोशिश दिखाई दी।
रक्षा उत्पादन से लेकर मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, रेलवे से लेकर डिजिटल टेक्नोलॉजी और परमाणु ऊर्जा से लेकर आत्मनिर्भरता तक प्रधानमंत्री ने अलग-अलग क्षेत्रों के आंकड़ों के जरिए भारत में आए बदलावों को सामने रखा।
सबसे बड़ा लक्ष्य 2047 तक विकसित भारत बनाना है। प्रधानमंत्री ने इसे 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक प्रयास से पूरा करने की बात कही।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से दिया गया यह संदेश आने वाले वर्षों के लिए भारत की विकास यात्रा का एक बड़ा राजनीतिक और आर्थिक विजन प्रस्तुत करता है।
नोट: यह लाइव अपडेट 15 अगस्त 2026 को उपलब्ध जानकारी और प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान सामने आए प्रमुख बिंदुओं के आधार पर तैयार किया गया है। भाषण आगे बढ़ने के साथ इसमें और घोषणाएं या महत्वपूर्ण बातें जुड़ सकती हैं। प्रधानमंत्री के भाषण से जुड़े ताजा आधिकारिक अपडेट PIB और PMO के माध्यम से भी जारी किए जा सकते हैं।
जय हिंद! 🇮🇳
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