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Republic Day 2021:देश ने मनाया 72वां गणतंत्र दिवस,परेड का समापन,जानें सबकुछ

आज ही के दिन 1971 की जंग के 50 साल पूरे हो गए है...

Republic Day 2021 Parade Live update highlights Hindi

नई दिल्ली:देश आज अपना 72वां गणतंत्र दिवस (72 Republic Day 2021) मना रहा है।कोरोनावायरस के चलते इस वर्ष गणतंत्र दिवस(Republic Day) का सेलिब्रेशन थोड़ा अलग होने जा रहा है।

पहली बार गणतंत्र दिवस परेड(Republic Day 2021 Parade)थोड़ी छोटी रहेगी और इस साल कोई विदेशी मेहमान भी कोरोना के कारण गणतंत्र दिवस के अतिथि के रूप में शामिल नहीं होगा।

इतना ही नहीं, सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए दर्शकों की संख्या भी कम रखी गई है।

 

चलिए बताते है कि भारत के 72वें गणतंत्र दिवस में क्या-क्या खास  हुआ:

Republic Day 2021 Parade Live update highlights Hindi:

-गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत सुबह पीएम मोदी द्वारा नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि देकर हो गई है। इस दौरान उनके साथ तीनों सेना प्रमुख व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उपस्थित थे। 

-इसके बाद देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद(President Ramnath Kovind) का राजपथ पर आगमन हुआ,लेकिन राष्ट्रपति से पहले 46सजीले घुड़सवार अंगरक्षक मौजूद थे। प्रेसिडेंट बॉडीगार्ड का 1773 में गठन किया गया।

-उनके बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) भी राजपथ पहुंचे। उनका स्वागत रक्षामंत्री और तीनों सेना प्रमुखों ने किया। सीडीएस भी इस अवसर पर अभिनंदन करने के लिए उपस्थित थे।

-उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का भी आगमन।

-राष्ट्रति रामनाथ कोविंद को तीनों सेनाओं ने राष्ट्रगान बजाकर 21तोपों के साथ सलामी दी। तीनों सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति ही होते है।

-राजपथ पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तिरंगा फहरा दिया है। 

-इसके बाद गणतंत्र दिवस की परेड शुरू हो चुकी है। आज ही के दिन 1971 की जंग के 50 साल पूरे हो गए है।

-राजपथ पर पहली बार बांग्लादेश की सशस्त्र सेनाओं के 122 सैनिकों का मार्चिंग दस्ते ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।

-सबसे पहले हेलिकॉप्टरों ने दर्शकों पर पुष्प बरसा कीऔर उसके बाद पूर्व सैनिकों ने राष्ट्रपति को सलामी दी है।

सबसे पहले राजपथ पर युद्धक टैंक टी-90 (भीष्म) ने अपना जलवा बिखेरा. यह मुख्य युद्धक टैंक, हंटर-किलर सिद्धांत पर कार्य करता है. यह 125 मिमी की शक्तिशाली स्मूथ बोर गन, 7.62 मिमी को-एक्सिल मशीन गन और 12.7 मिमी वायुयानरोधी गन से लैस है।

राजपथ पर उन्नत या अपग्रेडेड शिल्का हथियार प्रणाली की झांकी निकली. इसकी कमान 140 वायु रक्षा रेजिमेंट (सेल्फ प्रोपेल्ड) की कैप्टन प्रीति चौधरी ने संभाली.  शिल्का हथियार प्रणाली आधुनिक रेडार और डिजिटल फायर कंप्यूटर से लैस है और लो लेवल एयर डिफेंस के लिए सभी हालातों में लक्ष्य को साधते हुए दुश्मन को तबाह करने में सक्षम है. इन प्रभावी वर्तमान प्रदर्शनों के परिणास्वरूप रेजिमेंट को भारतीय सेना में अहम स्थान दिया गया है।

हथियारों के बाद अब रेजिमेंट की झांकी शुरू हो गई है. सबसे पहले जाट रेजिमेंट ने अपनी परेड की, उसके बाद गढ़वाल रेजिमेंट के जवानों ने अपना जज्बा दिखाया. महार रेजिमेंट ने अभी अपना जज्बा राजपथ पर दिखाया, जिसका युद्धघोष है बोलो हिंदुस्तान की जय।

बोट्स द्वारा कराची बंदरगाह पर हमले को दर्शाया गया. झांकी के दोनों तरफ हमलावर यूनिटों द्वारा अपनाए गए मार्ग को दर्शाया गया. झांकी में 1971 के युद्ध में नौसेना के प्रमुख योद्धाओं की प्रदर्शन मंजूषा को दिखाया गया है. आईएनस विक्रांत को सी हॉक और अलाइज एयरक्राफ्ट के साथ फ्लाइंग ऑपरेशन में भाग लेते हुए दिखाया गया है. झांकी के अन्य भाग में युद्ध के दौरान महावीर चक्र विजेताओं के चित्र दिखाए गए हैं। झांकी की दोनों तरफ आत्मसमर्पण समारोह समय के भित्ति चित्र दिखाए गए हैं।

राजपथ पर मंगलवार को अर्द्ध सैनिक और अन्य सहायक बलों की परेड भी निकली. इस दौरान भारतीय तटरक्षक बल, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, दिल्ली पुलिस का बैंड, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस का बैंड, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के जवानों ने अपनी ताकत को दिखाया।

राजपथ पर ‘‘ब्लैक कैट कमांडोज‘‘ के नाम से लोकप्रिय राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के मार्चिंग दस्ते ने अपना जोश दिखाया. यह बल 1984 से अस्तित्व में आया एवं इस बल में भारतीय सेना एवं अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से सर्वोत्तम अधिकारियों/जवानों को चुना जाता है. दस्ते के जवान इस वक्त एनएसजी गीत ‘हम हैं न, हैं न हिंदुस्तान‘, हम रंग-रंग हैं, फिर भी संग है तीन रंग का एक निशान गाते हुए राजपथ पर मार्च किया।

 

देश के विभिन्न राज्यों की झांकियां अब निकलनी शुरू हो गई है। सबसे पहले देश के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की झांकी।

गुजरात: सूर्य मंदिर मोढ़ेरा की झांकी।

असम: अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार चाय। असम के बाद तमिलनाडु की झांकी। इसमें शोर मंदिर और पल्लव कालीन की झलक।

महाराष्ट्र: की झांकी मे्ं संतों का समागम, छक्षपति शिवाजी महाराज की झलक।

उत्तराखंड की झांकी में केदारनाथ की झलक।

छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़िया लोक संगीत और संस्कृति की झलक। 

पंजाब: श्रीगुरु तेगबहादुर जी का 400वां जन्मदिन को दर्शाया गया है।

त्रिपुरा: पर्यावरण अनुकूल आत्मनिर्भरता को दर्शाया गया है।

पश्चिम बंगाल: की झांकी की थीम है बदलाव का चक्र सबुज साथी।

सिक्किम:  पैंग लाहाबसोल महोत्सव के रंग झांकी में झलके।

उत्तर प्रदेश: राज्य की सांस्कृतिक धरोहर। अयोध्या के राम मंदिर की झलक। 

दिल्ली: की झांकी में शाहजनाबाद पुननिर्माण। लाल किले की झलक के साथ दिल्ली बनने की कथा।

कर्नाटक: की झांकी में विजय नगर- विजय का शहर।

केरल: उद्योग की नई दिशा कॉयर थीम।

आंध्र प्रदेश: लेपाक्षी-अद्भुत एकाश्म वास्तुकला की झलक।

अरुणाचल प्रदेश: पूरब और पश्चिम का मिलन झांकी में दर्शाया गया।

इलेक्ट्रोनिक और सूचना प्रोद्दोगिकी मंत्रालय की झांकी में डिजिटल भारत और आत्मनिर्भर भारत की झलक।

श्रम एंव रोजगार मंत्रालय: चार श्रम कोड की झांकी।

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की झांकी।

आयुष मंत्रालय: इम्यून इंडिया, एक्टिव इंडिया की झांकी। काढ़ा बनाते लोग।

CRPF: प्रोफेशनल फोर्स और मानवीय संवेदना। सरदार वल्लभ भाई पटेल और सीआरपीएफ के जवान।

बायोटेक्नोलॉजी विभाग: आत्मनिर्भर भारत। कोविड-19 की दवाई की झलक।

भारत तट रक्षक बल की झांकी।

सूचना-प्रसारण मंत्रालय: वोकल फॉर लोकल।

सीमा सड़क संगठन- कनेक्टिंग प्लेसेस एंड पिपुल की झलक।

सीपीडब्ल्यूडी: की झांकी में अमर जवान ज्योति इंडिया गेट की झलक।

संस्कृति मंत्रालय: भारतीय स्वतंत्रता के 75 साल।

चार स्कूलों के बच्चों का मनोहारी सांस्कृतिक नृत्य। दिल्ली तमिल एसोसिएशन स्कूल की झांकी।

सलामी मंच के सामने सरकारी गर्ल्स सेंकेंडरी स्कूल बी-2,यमुना विहार का नृत्य प्रदर्शन।

माउंट आबू पब्लिक स्कूल, सेक्टर-5, रोहिणी के बच्चे नृत्य करते हुए।

इसके बाद भारतीय वायुसेना ने आसमान में अपना गौरव दिखाया। राजपथ के आसमान पर पहली बार राफेल फाइटर जेट ने अपनी कलाबाजियां दिखाई।

21 हेलिकॉप्टरों  के करतब।

अंत में राष्ट्रगान की धुन के साथ गणतंत्र दिवस परेड समारोह का समापन हुआ।

 

इससे पहले,

चलिए बताते है कि भारत के 72वें गणतंत्र दिवस में क्या-क्या खास होने जा रहा है:

Republic Day 2021 Parade Live update highlights Hindi

महामारी के खतरे के मद्देनजर इस बार गणतंत्र दिवस परेड विजय चौक से शुरू होकर नेशनल स्टेडियम तक जाएगी जबकि हर बार परेड राजपथ से शुरू होकर लाल किले तक जाती थी. इस वजह से इसकी लंबाई करीब 8 किलोमीटर की बजाय महज़ साढ़े तीन किलोमीटर के आसपास ही होगी।

इस बार की परेड बांग्लादेशी सेना की 122 सदस्यीय कॉन्टिंजेंट के साथ शुरू होगी, जिसका नेतृत्व कर्नल मोहतसिम हैदर चौधरी करेंगे।

पहली छह कतारें थल सेना, बाकी चार में नेवी और वायु सेना के जवान होंगे. PTI के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ‘बांग्लादेश की कॉन्टिजेंसी बांग्लादेश को 1971 में आजाद करने वाले ऐतिहासिक मुक्तिजोद्धाओं की गाथा को दिखाएगा।’

आर्मी, नेवी और वायुसेना के मार्चिंग दल भी परेड में हिस्सा लेंगे, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के पालन के लिए उनकी संख्या कम होगी. आर्मी और नेवी में 144 जवानों की बजाय 96 जवान होंगे, वहीं वायुसेना से 94 जवान परेड करेंगे. आर्मी के छह मार्चिंग दल होंगे, वहीं नेवी और एयरफोर्स के एक-एक बैंड और एक-एक मार्चिंग दल होंगे. इस बार परेड में सेना और अर्द्धसैनिक बलों के कुल 18 दस्ते हिस्सा लेंगे. इस बार भूतपूर्व सैनिकों का दस्ता नहीं होगा।

देश की थल सेना परेड में तीसरी पीढ़ी की रशियन T-90 बैटल टैंक, T-72 ब्रिज लेयर टैंक, जवानों को कैरी करने वाली सशस्त्र BMP-2 और पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सहित ब्रह्मोस के कई अलग वेरियंट के साथ उतरेगी. भारत का नया फाइटर जेट राफेल भी इस बार उड़ान भरेगा और वर्टिकल चार्ली फॉर्मेशन में फ्लाई पास्ट करेगा. साथ ही सुखोई और जगुआर जैसे लड़ाकू विमान भी अपना जौहर दिखाएंगे।

इस बार देश एक और इतिहास रचेगा, जब कॉम्बैट मिशन में फाइटर जेट उड़ाने के लिए क्वालिफाई करने वाली पहली महिला फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कांत फ्लाई पास्ट में हिस्सा लेंगी. फ्लाई पास्ट में 38 एयरफोर्स और चार आर्मी के एयरक्राफ्ट हिस्सा लेंगे. वायु सेना के फ्लाई पास्ट हल्के लड़ाकू विमान एलसीए, हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर एलसीएच और सुखोई -30 लड़ाकू विमानों का एक मॉक-अप प्रदर्शन होगा.

नेवी का टैब्लू INS विक्रांत का मॉडल शोकेस करेगा. वहीं 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में जो नवल ऑपरेशन किए गए थे, उसका डिस्प्ले भी किया जाएगा. टैब्लू में आगे कराची हार्बर पर हमला दिखाया जाएगा, वहीं, पिछले हिस्से में आईएनएस विक्रांत के युद्ध में योगदान को दिखाया जाएगा।

कोविड सेफ्टी प्रोटोकॉल के तहत, आर्मी के जवानों को बायो बबल्स में रखा गया है, जहां पर किसी को भी प्रवेश या निकासी की अनुमति नहीं हैं. इस बार राजपथ की परेड में शामिल होने वाले हमेशा की तरह 1.15 लाख लोगों की जगह महज 25,000 लोग रहेंगे, जिनमें सभी लोगों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी. स्कूली बच्चों की संख्या पिछले साल के 600 से घटाकर महज 160 कर दी गई है, वो भी 15 साल से कम के बच्चे इस बार शामिल नहीं होंगे. दर्शकों और परेड में हिस्सा ले रहे सभी लोगों को फेस मास्क पहनना जरूरी होगा।

परेड में शामिल हो रही झांकियों में से एक उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के मॉडल का भी होगा. वहीं. भारत का नया केंद्रशासित प्रदेश- लद्दाख – भी अपनी झांकी शामिल करेगा, जिसमें थिकसे मॉनेस्ट्री और प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों को दिखाया जाएगा. नौवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के बेमिसाल और सर्वोच्च बलिदान को पंजाब की झांकी में गणतंत्र दिवस पर दर्शाया जाएगा.

बता दें कि इस बार की परेड में कोई मुख्य अतिथि नहीं है. पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को बुलाया गया था लेकिन यूके कोरोनावायरस का नया स्ट्रेन मिलने के बाद यह यात्रा रद्द कर दी दई. बता दें कि पिछले साल गणतंत्र दिवस पर ब्राज़ील के राष्ट्रपति जेयर बोलसनारो को बुलाया गया था।

इस बार की परेड के साथ एक और अलग चीज है. यह परेड तब हो रही है, जब देश के कई राज्यों के किसान दिल्ली में इसके समानांतर में किसान ट्रैक्टर रैली निकाल रहे हैं. परेड खत्म होने के बाद कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान अपनी रैली निकालेंगे. इसके लिए उन्हें दिल्ली पुलिस से अनुमति मिली हुई है।

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