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मोदी vs ममता : मुख्य सचिव हुए रिटायर, ममता ने बनाया अपना सलाहकार

Modi v Mamata : पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार के बीच टकराव के केंद्र में रहे राज्य के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय (Alapan Bandyopadhyay) रिटायर हो गए हैं। साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने उन्हें अपना मुख्य सलाहकार नियुक्त किया है।

Modi vs Mamata : west bengal chief secretary alapan bandyopadhyay retires now cm mamata banerjee special advisor

बंगाल (समयधारा) : ममता बनाम मोदी के बीच की कोल्ड वार थमने का नाम नहीं ले रहीl

मुख्य  सचिव बंदोपाध्याय को केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली बुलाया गयाl इस बीच ममता और विपक्ष ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई l 

पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार के बीच टकराव के केंद्र में रहे राज्य के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय (Alapan Bandyopadhyay) रिटायर हो गए हैं।

साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने उन्हें अपना मुख्य सलाहकार नियुक्त किया है।

बंदोपाध्याय को केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली बुलाए जाने के बाद खड़े हुए विवाद के बीच सोमवार को वे रिटायर हो गए।

बंदोपाध्याय को अब पश्चिम बंगाल सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सलाहकार बनाया जाएगा।

Modi vs Mamata : west bengal chief secretary alapan bandyopadhyay retires now cm mamata banerjee special advisor

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया था कि वह अपने राज्य के कोरोना की लड़ाई के बीच अलपन को केंद्र में ट्रांसफर करने के मोदी सरकार के आदेश का पालन नहीं करेंगी।

उन्होंने बताया कि बंदोपाध्याय के रिटायर होने के बाद हरिकृष्ण द्विवेदी बंगाल के नए मुख्य सचिव होंगे।

ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने कोई वजह नहीं दी थी। मैं हैरान हूं। मैंने फैसला किया है कि कोरोना के समय में हमें उनकी सेवाओं की जरूरत होगी।

चाहे वह कोरोना हो या फिर यास, वे गरीबों, राज्य और देश के लिए अपनी सेवाओं को जारी रखेंगे।

Modi vs Mamata : west bengal chief secretary alapan bandyopadhyay retires now cm mamata banerjee special advisor

सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सचिव को तीन महीने का एक्सटेंशन देने की अनुमति के लिए 10 मई पत्र को पत्र लिखा था।

कोरोना महामारी को देखते हुए अलपन बंदोपाध्याय को तीन महीने के विस्तार की अनुमति देने की अपील की गई थी।

केंद्र ने उन्हें अलपन को सोमवार सुबह 10 बजे दिल्ली स्थिति केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के ऑफिस में रिपोर्ट करना था,

लेकिन उन्होंने न जाने का फैसला लिया और ममता बनर्जी के साथ मीटिंग्स करते रहे।

इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से अनुशासनात्मक फैसला लिए जाने की चर्चा थी, जिसके पहले ही उन्होंने रिटायरमेंट की घोषणा कर दी।

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