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5th Day Ganesh Visarjan 2026: विसर्जन के बाद क्या करें? जानें 7th Day Visarjan

5th Day Ganesh Visarjan 2026 आज है। जानें विसर्जन के बाद पूजा सामग्री का क्या करें, 7th Day Visarjan 20 सितंबर का मुहूर्त और पूरी विधि।

5th Day Ganesh Visarjan 2026: गणपति विसर्जन के बाद क्या करें? जानें 5वें और 7वें दिन का मुहूर्त, पूजा विधि और पूजा सामग्री का क्या करना चाहिए

5th Day Ganesh Visarjan 2026: गणपति बप्पा की स्थापना के बाद अब भक्तों की नजर गणेश विसर्जन की तारीख और शुभ मुहूर्त पर है।

गणेश चतुर्थी 2026 का मुख्य पर्व 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाया गया था। इसके बाद परिवार की परंपरा के अनुसार कई भक्त डेढ़ दिन, 3 दिन, 5 दिन, 7 दिन या अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति बप्पा का विसर्जन करते हैं।

अगर आपने गणपति की स्थापना 14 सितंबर को की थी और 5 दिन के गणपति रखे हैं तो 18 सितंबर 2026, शुक्रवार को विसर्जन किया जाएगा। वहीं 14 सितंबर को पहला दिन मानकर सातवें दिन विसर्जन करने वाले भक्त 20 सितंबर 2026, रविवार को बप्पा को विदाई दे सकते हैं।

लेकिन गणपति विसर्जन को लेकर सिर्फ तारीख और मुहूर्त ही नहीं, बल्कि यह सवाल भी बहुत महत्वपूर्ण है कि विसर्जन से पहले क्या करें? विसर्जन के बाद फूल, दूर्वा, नारियल, कलावा और पूजा की दूसरी चीजों का क्या करें? क्या गणपति की मूर्ति घर में विसर्जित कर सकते हैं? और विसर्जन के समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए?

आइए जानते हैं 5th Day Ganesh Visarjan 2026 की पूरी जानकारी

5th Day Ganesh Visarjan 2026 कब है?

2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई गई। मुख्य गणपति विसर्जन अनंत चतुर्दशी, 25 सितंबर 2026 को होगा। हालांकि घरों में स्थापित गणपति का विसर्जन परिवार की परंपरा के अनुसार पहले भी किया जा सकता है।

5th Day Ganesh Visarjan 2026 की प्रमुख तारीखें:

विसर्जनतारीखदिन
3rd Day Visarjan16 सितंबर 2026बुधवार
5th Day Visarjan18 सितंबर 2026शुक्रवार
7th Day Visarjan20 सितंबर 2026रविवार
मुख्य विसर्जन/अनंत चतुर्दशी25 सितंबर 2026शुक्रवार

अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में गणपति को रखने की अवधि अलग हो सकती है। इसलिए स्थापना के समय तय की गई पारिवारिक परंपरा को प्राथमिकता देना उचित है।

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5th Day Ganpati Visarjan 2026 कब है?

अगर गणपति बप्पा को 14 सितंबर को स्थापित किया गया था और पांचवें दिन विसर्जन की परंपरा है, तो 18 सितंबर 2026, शुक्रवार को Ganesh Visarjan किया जाएगा।

New Delhi के पंचांग में 18 सितंबर को सूर्योदय सुबह 6:07 बजे और सूर्यास्त शाम 6:23 बजे है। इस दिन के चौघड़िया में सुबह 6:07 से 10:43 तक चर, लाभ और अमृत के समय आते हैं; दोपहर 12:15 से 1:47 तक शुभ और शाम 4:51 से 6:23 तक चर चौघड़िया है।

5th Day Ganesh Visarjan 2026 शुभ समय — दिल्ली

18 सितंबर 2026, शुक्रवार

  • सुबह: 6:07 AM से 10:43 AM
  • दोपहर: 12:15 PM से 1:47 PM
  • शाम: 4:51 PM से 6:23 PM
  • रात: 9:19 PM से 10:47 PM

इनमें सुबह का चर-लाभ-अमृत और दोपहर का शुभ समय विशेष रूप से उपलब्ध चौघड़िया खंड हैं।

ध्यान दें कि राहु काल 10:43 AM से 12:15 PM है। धार्मिक मुहूर्त मानने वाले लोग इस अवधि में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की परंपरा रखते हैं।

7th Day Ganpati Visarjan 2026 कब है?

अगर 14 सितंबर को गणपति स्थापना का पहला दिन मानकर सातवें दिन विसर्जन किया जा रहा है, तो 20 सितंबर 2026, रविवार को गणपति विसर्जन होगा।

हालांकि यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। अलग-अलग पंचांग परंपराओं में गणना और विसर्जन-दिन की labeling अलग तरीके से दिखाई दे सकती है। कुछ पंचांग 7वें दिन की गणना अलग आधार पर करते हैं और कुछ अनंत चतुर्दशी को प्रमुख विसर्जन के रूप में अलग से दर्शाते हैं। इसलिए आपके परिवार में जिस अवधि के लिए गणपति स्थापित किए गए हैं, उसी परंपरा के अनुसार विसर्जन करें।

7th Day Visarjan के लिए क्या ध्यान रखें?

20 सितंबर को विसर्जन करने वाले भक्तों को अपने शहर के स्थानीय पंचांग में उस दिन का चौघड़िया और शुभ समय देखना चाहिए।

दिल्ली, मुंबई, पुणे, जयपुर, लखनऊ, पटना और अन्य शहरों में सूर्योदय-सूर्यास्त अलग होने के कारण मुहूर्त भी अलग हो सकते हैं। इसलिए इंटरनेट पर किसी दूसरे शहर का समय देखकर सीधे अपने शहर में लागू न करें।

यह खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि पंचांग मूल रूप से स्थान आधारित गणना है। New Delhi के लिए 18 सितंबर के पंचांग में सूर्योदय 6:07 AM और सूर्यास्त 6:23 PM दिया गया है।

5th Day Ganesh Visarjan 2026 : गणपति विसर्जन कब होगा? 1.5, 3, 5, 7 और 10 दिन के विसर्जन की पूरी तारीखें

25 सितंबर को होगा मुख्य Ganesh Visarjan

गणेश उत्सव का सबसे प्रमुख विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन माना जाता है। 2026 में अनंत चतुर्दशी और मुख्य Ganesh Visarjan 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को होगा।

इसलिए अगर आपके घर में गणपति को 10 या 11 दिनों की परंपरा के अनुसार रखा गया है, तो 25 सितंबर का दिन विशेष महत्व रखता है।

गणपति विसर्जन से पहले क्या करना चाहिए?

5th Day Ganesh Visarjan 2026 गणपति विसर्जन सिर्फ प्रतिमा को लेकर नदी, तालाब या कृत्रिम विसर्जन स्थल तक जाने की प्रक्रिया नहीं है। सामान्य धार्मिक परंपरा में विसर्जन से पहले गणपति बप्पा की अंतिम पूजा और आरती की जाती है।

विसर्जन से पहले आप ये काम कर सकते हैं:

  1. पूजा स्थान को अच्छी तरह साफ करें।
  2. गणपति जी के सामने दीपक जलाएं।
  3. धूप या अगरबत्ती अर्पित करें।
  4. फूल और दूर्वा चढ़ाएं।
  5. मोदक या उपलब्ध नैवेद्य अर्पित करें।
  6. गणेश जी की आरती करें।
  7. परिवार के सभी सदस्य बप्पा का आशीर्वाद लें।
  8. पूजा में हुई भूल के लिए क्षमा प्रार्थना करें।
  9. गणपति जी को विसर्जन के लिए तैयार करें।
  10. परिवार और भक्तों के साथ जयकारा लगाते हुए विसर्जन स्थल की ओर जाएं।

गणपति विसर्जन की सरल पूजा विधि

5th Day Ganesh Visarjan 2026 विसर्जन के दिन सबसे पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। इसके बाद पूजा स्थान की सफाई करके गणपति जी के सामने दीपक जलाएं।

गणेश जी को फूल, दूर्वा, अक्षत और नैवेद्य अर्पित करें। इसके बाद गणपति मंत्र का जाप करें और आरती करें।

आरती के बाद परिवार के सभी सदस्य गणपति जी से अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मंगल की प्रार्थना कर सकते हैं।

इसके बाद प्रतिमा को सम्मानपूर्वक उठाकर विसर्जन स्थल की ओर ले जाएं।

गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारे के साथ बप्पा को विदाई दी जाती है।

गणपति विसर्जन के समय कौन सा मंत्र बोलें?

विसर्जन के समय सरल रूप से इस मंत्र का जाप किया जा सकता है:

ॐ गं गणपतये नमः।

इसके साथ भक्त:

गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ।

का जयकारा भी लगा सकते हैं।

मंत्रों और जयकारों का उद्देश्य श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान गणेश को विदाई देना है।

Ganesh Visarjan के बाद पूजा की चीजों का क्या करें?

यह सवाल हर साल बहुत से भक्तों के मन में आता है।

गणपति विसर्जन के बाद पूजा में इस्तेमाल हुए फूल, दूर्वा, नारियल, अक्षत, कलावा, कपड़ा और अन्य वस्तुओं को सीधे सामान्य कूड़े में डालने के बजाय जैविक और गैर-जैविक सामग्री अलग करना बेहतर है।

धार्मिक परंपराएं परिवार और क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकती हैं, इसलिए अपनी पारिवारिक परंपरा का भी ध्यान रखें।

फूल और दूर्वा का क्या करें?

5th Day Ganesh Visarjan 2026 गणपति पूजा में इस्तेमाल किए गए फूल और दूर्वा जैविक सामग्री हैं।

यदि इनमें प्लास्टिक, ग्लिटर, तार, फोम या अन्य सजावटी सामग्री नहीं मिली है तो इन्हें:

  • मिट्टी में मिलाया जा सकता है
  • कम्पोस्ट में डाला जा सकता है
  • पौधों के लिए जैविक सामग्री के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है

लेकिन फूलों के साथ लगी प्लास्टिक की पन्नी, तार या सजावट को अलग कर दें।

गणपति को चढ़ाया नारियल क्या करें?

पूजा में चढ़ाया गया नारियल प्रसाद के रूप में घर के सदस्यों में बांटा जा सकता है।

यदि नारियल पूजा के दौरान विशेष रूप से स्थापित किया गया था, तो परिवार की परंपरा के अनुसार उसे कुछ समय के लिए मंदिर में रखा जा सकता है।

पूजा के चावल यानी अक्षत का क्या करें 5th Day Ganesh Visarjan 2026?

गणपति पूजा में इस्तेमाल किए गए अक्षत को भी सम्मानपूर्वक रखा जा सकता है।

यदि चावल साफ और खाने योग्य हैं तो कई परिवार उन्हें प्रसाद या धार्मिक परंपरा के अनुसार उपयोग करते हैं। यदि वे अन्य सामग्री के साथ मिल गए हैं तो उन्हें जैविक कचरे/कम्पोस्ट के लिए अलग किया जा सकता है।

कलावा या मौली का क्या करें?

गणपति पूजा में इस्तेमाल की गई मौली या कलावा को सामान्य कूड़े में फेंकने के बजाय परिवार की परंपरा के अनुसार संभालकर रखा जा सकता है।

यदि उसे कहीं धार्मिक स्थान पर रखने की परंपरा हो तो स्थानीय परंपरा के अनुसार ऐसा किया जा सकता है।

गणपति की सजावट का क्या करें?

गणपति की सजावट में अक्सर फूल, कपड़ा, प्लास्टिक, थर्मोकोल, ग्लिटर और अन्य सामग्री इस्तेमाल होती है।

विसर्जन से पहले इन्हें अलग-अलग करना बेहतर है।

फूल → जैविक कचरा/कम्पोस्ट

कपड़ा → धोकर पुन: उपयोग

प्लास्टिक → अलग कचरा

धातु/सजावटी सामान → पुन: उपयोग

इससे पूजा के साथ-साथ पर्यावरण का भी ध्यान रखा जा सकता है।

गणपति की मूर्ति के कपड़े और आभूषणों का क्या करें?

5th Day Ganesh Visarjan 2026 यदि गणपति की प्रतिमा पर कपड़े, मुकुट, हार या अन्य सजावट लगाई गई है और उन्हें प्रतिमा के साथ विसर्जित करना आवश्यक नहीं है, तो विसर्जन से पहले उन्हें सम्मानपूर्वक अलग किया जा सकता है।

इनका अगले वर्ष फिर इस्तेमाल किया जा सकता है।

इससे हर साल नई सजावट खरीदने की आवश्यकता भी कम हो सकती है।

क्या गणपति की मूर्ति घर पर विसर्जित कर सकते हैं?

छोटी, प्राकृतिक मिट्टी की मूर्ति का घरेलू विसर्जन कुछ परिवारों में किया जाता है।

यदि घर में विसर्जन करना हो तो एक साफ बड़े पात्र या बाल्टी में पानी लेकर प्राकृतिक मिट्टी की प्रतिमा को उसमें विसर्जित किया जा सकता है।

मूर्ति के पूरी तरह घुलने के बाद बची प्राकृतिक मिट्टी को पौधों की मिट्टी में मिलाने की परंपरा अपनाई जा सकती है, बशर्ते मूर्ति में प्लास्टिक या अन्य गैर-जैविक सामग्री न हो।

बड़ी मूर्तियों के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित विसर्जन स्थल और नियमों का पालन करना चाहिए।

क्या गणपति की मूर्ति को नदी या तालाब में विसर्जित करना जरूरी है?

5th Day Ganesh Visarjan 2026 ऐसा जरूरी नहीं है कि हर भक्त प्राकृतिक जलाशय में ही विसर्जन करे।

कई शहरों में प्रशासन द्वारा कृत्रिम विसर्जन कुंड बनाए जाते हैं। बड़े सार्वजनिक विसर्जन के लिए स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

खासकर मूर्ति में यदि प्लास्टर, प्लास्टिक, रासायनिक रंग या अन्य गैर-जैविक सामग्री हो तो उसे प्राकृतिक जलाशय में डालना पर्यावरण के लिए समस्या पैदा कर सकता है।

गणपति विसर्जन में पर्यावरण का ध्यान कैसे रखें?

आजकल गणपति उत्सव में पर्यावरण-अनुकूल पूजा को लेकर भी जागरूकता बढ़ रही है।

आप इन छोटी बातों का ध्यान रख सकते हैं:

  • प्राकृतिक मिट्टी की मूर्ति चुनें।
  • प्लास्टिक की सजावट कम करें।
  • थर्मोकोल से बचें।
  • फूलों को अलग एकत्र करें।
  • प्लास्टिक और फूलों को एक साथ न फेंकें।
  • स्थानीय प्रशासन के अधिकृत विसर्जन स्थल का इस्तेमाल करें।
  • पूजा सामग्री को जलाशयों में अनावश्यक रूप से न डालें।
  • सजावट को अगले वर्ष दोबारा इस्तेमाल करें।

विसर्जन के बाद घर में क्या करना चाहिए?

5th Day Ganesh Visarjan 2026 गणपति विसर्जन से घर में उत्सव का एक चरण पूरा होता है। विसर्जन के बाद पूजा स्थान की सफाई कर सकते हैं।

यदि कलश स्थापित किया गया था तो परिवार की पूजा परंपरा के अनुसार उसका जल पौधों में डाल सकते हैं।

बचे हुए प्रसाद को परिवार और आसपास के लोगों में बांट सकते हैं।

पूजा स्थान को साफ करके वहां नियमित रूप से दीपक जलाना भी परिवार की परंपरा के अनुसार किया जा सकता है।

क्या विसर्जन के बाद गणपति की तस्वीर रख सकते हैं 5th Day Ganesh Visarjan 2026?

हां, गणपति उत्सव के बाद भगवान गणेश की तस्वीर या अन्य स्थायी पूजा प्रतिमा को घर के मंदिर में रखा जा सकता है।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि विसर्जन वाली अस्थायी मूर्ति और घर की स्थायी पूजा प्रतिमा अलग हो सकती हैं।

परिवार की पूजा परंपरा के अनुसार गणपति की तस्वीर या स्थायी प्रतिमा की पूजा जारी रखी जा सकती है।

क्या गणपति विसर्जन के बाद प्रसाद खा सकते हैं?

हां, पूजा में चढ़ाया गया साफ और उचित रूप से रखा हुआ नैवेद्य सामान्यतः प्रसाद के रूप में परिवार और भक्तों में बांटा जाता है।

मोदक, लड्डू, फल और अन्य प्रसाद को समय पर वितरित करना बेहतर है।

क्या गणपति विसर्जन के दिन उपवास जरूरी है?

5th Day Ganesh Visarjan 2026 गणपति विसर्जन के दिन उपवास रखना सभी के लिए अनिवार्य नहीं है। व्रत और भोजन की परंपरा परिवार तथा क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकती है।

यदि आपके घर में विसर्जन के दिन उपवास या सात्त्विक भोजन की परंपरा है तो उसका पालन किया जा सकता है।

Ganesh Visarjan में किन गलतियों से बचें?

विसर्जन के दौरान कुछ व्यावहारिक सावधानियां जरूरी हैं।

पहली, पूजा सामग्री को प्लास्टिक के साथ जलाशय में न डालें।

दूसरी, भीड़ वाले विसर्जन स्थल पर बच्चों का विशेष ध्यान रखें।

तीसरी, प्रशासन द्वारा निर्धारित रास्ते और विसर्जन स्थल का इस्तेमाल करें।

चौथी, मूर्ति उठाते समय पर्याप्त लोगों की सहायता लें।

पांचवीं, पूजा सामग्री और सजावट को विसर्जन से पहले अलग कर लें।

छठी, स्थानीय ट्रैफिक और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

5th Day और 7th Day Visarjan में क्या अंतर है?

5वें और 7वें दिन विसर्जन का मुख्य अंतर गणपति को घर में रखने की अवधि का है।

यदि गणपति 14 सितंबर को स्थापित किए गए हैं तो पांचवें दिन का विसर्जन 18 सितंबर को आता है, जबकि सातवें दिन का विसर्जन 20 सितंबर को आता है।

किस दिन विसर्जन करना है, यह परिवार की परंपरा और स्थापना के समय तय अवधि पर निर्भर करता है।

इसलिए किसी दूसरे परिवार को देखकर अपनी विसर्जन तारीख बदलना आवश्यक नहीं है।

5th Day Ganesh Visarjan 2026: महत्वपूर्ण तारीखें एक नजर में

जानकारीतारीख
Ganesh Chaturthi14 सितंबर 2026
3rd Day Visarjan16 सितंबर
5th Day Visarjan18 सितंबर
7th Day Visarjan20 सितंबर
Anant Chaturdashi25 सितंबर
मुख्य Ganesh Visarjan25 सितंबर

Ganesh Chaturthi 2026 की मुख्य तारीख 14 सितंबर और अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर है।

18 सितंबर 2026 Ganesh Visarjan Muhurat — New Delhi

समयचौघड़िया
6:07 AM–7:39 AMचर
7:39 AM–9:11 AMलाभ
9:11 AM–10:43 AMअमृत
12:15 PM–1:47 PMशुभ
4:51 PM–6:23 PMचर
9:19 PM–10:47 PMलाभ

ये समय New Delhi के 18 सितंबर 2026 के चौघड़िया पर आधारित हैं।

Ganesh Visarjan के समय क्या बोलें?

5th Day Ganesh Visarjan 2026 विसर्जन के समय पूरा परिवार मिलकर श्रद्धा से बोल सकता है:

“गणपति बप्पा मोरया!”

“मंगल मूर्ति मोरया!”

“अगले बरस तू जल्दी आ!”

इसके साथ:

ॐ गं गणपतये नमः

का जाप भी किया जा सकता है।

5th Day Ganesh Visarjan 2026 FAQs

5th Day Ganesh Visarjan 2026 में 5वें दिन कब है?

18 सितंबर 2026, शुक्रवार को 5वें दिन का गणपति विसर्जन किया जा सकता है। स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त में थोड़ा अंतर हो सकता है।

7th Day Ganpati Visarjan 2026 कब है?

यदि 14 सितंबर को स्थापना का पहला दिन मानकर सातवें दिन विसर्जन किया जा रहा है, तो तारीख 20 सितंबर 2026, रविवार होगी।

5th Day Ganesh Visarjan 2026 का मुख्य दिन कौन सा है?

25 सितंबर 2026, शुक्रवार, अनंत चतुर्दशी, मुख्य गणपति विसर्जन का प्रमुख दिन है।

क्या 5वें दिन गणपति विसर्जन कर सकते हैं?

हां। कई परिवारों में गणपति को पांच दिनों तक रखने के बाद विसर्जन करने की परंपरा है।

क्या 7वें दिन गणपति विसर्जन कर सकते हैं?

हां, कई परिवारों में सात दिनों तक गणपति रखने की परंपरा है। हालांकि तारीख और मुहूर्त स्थानीय पंचांग तथा परिवार की परंपरा के अनुसार देखें।

Ganesh Visarjan के बाद फूलों का क्या करें?

फूल और दूर्वा जैसी जैविक सामग्री को प्लास्टिक और अन्य गैर-जैविक सामग्री से अलग करके कम्पोस्ट या मिट्टी में मिलाया जा सकता है।

गणपति पूजा का नारियल क्या करें?

नारियल को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जा सकता है या परिवार की धार्मिक परंपरा के अनुसार रखा जा सकता है।

क्या गणपति की मूर्ति घर में विसर्जित कर सकते हैं?

छोटी, प्राकृतिक मिट्टी की प्रतिमा का घरेलू विसर्जन कुछ परिवारों में किया जाता है। बड़ी प्रतिमा के लिए स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

Ganesh Visarjan के बाद क्या करें?

विसर्जन के बाद पूजा स्थान साफ करें, बची पूजा सामग्री को सम्मानपूर्वक अलग करें और प्रसाद परिवार व भक्तों में बांटें।

क्या विसर्जन के बाद गणपति की तस्वीर रख सकते हैं?

हां। विसर्जित की जाने वाली अस्थायी प्रतिमा और घर की स्थायी पूजा तस्वीर/प्रतिमा अलग होती है।

Ganesh Visarjan के लिए कौन सा मंत्र बोलें?

“ॐ गं गणपतये नमः” का जाप किया जा सकता है। विसर्जन के समय “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” का जयकारा भी लगाया जाता है।

निष्कर्ष

5th Day Ganesh Visarjan 2026 भक्तों के लिए भावनात्मक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण अवसर है। 2026 में 5वें दिन का विसर्जन 18 सितंबर, सातवें दिन का विसर्जन 20 सितंबर और अनंत चतुर्दशी का मुख्य विसर्जन 25 सितंबर को है।

विसर्जन से पहले गणपति बप्पा की अंतिम पूजा, आरती और नैवेद्य अर्पित करें। इसके बाद श्रद्धा के साथ बप्पा को विदाई दें। फूल, दूर्वा और दूसरी जैविक पूजा सामग्री को सम्मानपूर्वक अलग करें तथा प्लास्टिक और गैर-जैविक सजावट को जलाशयों में डालने से बचें।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Ganesh Visarjan का मुहूर्त शहर के अनुसार बदल सकता है। उदाहरण के लिए New Delhi में 18 सितंबर को सूर्योदय 6:07 AM और सूर्यास्त 6:23 PM है और उसी के आधार पर वहां का चौघड़िया निर्धारित होता है।

इसलिए अगर आप दिल्ली के अलावा किसी दूसरे शहर में हैं, तो अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार अंतिम समय जरूर जांचें।

नोट: गणपति विसर्जन की पूजा-विधि, कितने दिन गणपति रखने हैं और पूजा सामग्री के निस्तारण की परंपरा परिवार, क्षेत्र और संप्रदाय के अनुसार अलग हो सकती है। विशेष धार्मिक अनुष्ठान के लिए अपने स्थानीय पंचांग या पुरोहित की सलाह को प्राथमिकता दें।

 


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