breaking_newsअन्य ताजा खबरेंफैशनलाइफस्टाइल

Thursday Thoughts : कल शीशा था, सब देख-देख कर जाते थे, आज टूट गया..,

...सब बच-बच कर जाते हैं. समय के साथ, देखने और इस्तेमाल का नजरिया बदल जाता है. : गुरूवार सुविचार

thursday-thoughts motivation-quote-in-hindi suvichar-suprbhat thought-of-the-day

कल शीशा था,
सब देख-देख कर जाते थे।
आज टूट गया,
सब बच-बच कर जाते हैं।
समय के साथ,
देखने और इस्तेमाल का
नजरिया बदल जाता है।

यह Thoughts भी पढ़े : 

Sunday Thoughts : सिर्फ शब्दों से न कीजिएगा किसी के वजूद की पहचान… 

Saturday Thought’s : मत कर यकीन किसी पर यहाँ पलभर की मुलाकात में…!!

Thoughts : उम्र में चाहे कोई बड़ा या छोटा हो, लेकिन वास्तव में बड़ा तो वही है

Thoughts : कोशिश करो “जिंदगी” का! हर “लम्हा” अच्छे से गुजरे क्योंकि “जिंदगी”…

Thoughts : कान की शोभा शास्त्र सुनने से है, कुंडल पहनने से नहीं…

Thursday Thoughts : दुनिया का सबसे खूबसूरत music आपकी heartbeat है…

Monday Thoughts : अच्छा दिखने के लिए नहीं, किन्तु अच्छा बनने के लिए जिओ....

Show More

Dropadi Kanojiya

द्रोपदी कनौजिया पेशे से टीचर रही है लेकिन अपने लेखन में रुचि के चलते समयधारा के साथ शुरू से ही जुड़ी है। शांत,सौम्य स्वभाव की द्रोपदी कनौजिया की मुख्य रूचि दार्शनिक,धार्मिक लेखन की ओर ज्यादा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1 × 2 =

Back to top button