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Maa Brahmacharini Puja Muhurat 2026 : विधि, मंत्र और कथा

Maa Brahmacharini Puja Muhurat 2026 जानें। 12 अक्टूबर की पूजा विधि, मंत्र, भोग, व्रत कथा और दिल्ली-मुंबई सहित प्रमुख शहरों के शुभ समय की जानकारी पढ़ें।

Maa Brahmacharini Puja Muhurat 2026 12 अक्टूबर 2026: मां ब्रह्मचारिणी पूजा मुहूर्त, विधि और कथा; दिल्ली, मुंबई सहित प्रमुख शहरों का समय

 

शारदीय नवरात्रि 2026 के दूसरे दिन Maa Brahmacharini Puja Muhurat मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को भक्त मां ब्रह्मचारिणी की आराधना कर धैर्य, संयम, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का आशीर्वाद मांगते हैं।

Maa Brahmacharini Puja Muhurat धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी तपस्या, त्याग और साधना की प्रतीक हैं। उनकी पूजा में सफेद फूल, अक्षत, चंदन, दीपक और मिश्री या चीनी का भोग अर्पित करने की परंपरा है।

अगर आप भी नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने जा रहे हैं, तो जानिए Maa Brahmacharini Puja Muhurat 2026, पूजा की विधि, मंत्र, भोग, व्रत कथा, आरती और प्रमुख शहरों में शुभ समय की जानकारी। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु या विदेश में रहने वाले भक्तों के लिए भी यह जानना जरूरी है कि पंचांग के कुछ समय स्थानीय सूर्योदय के अनुसार बदलते हैं।

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा कब है? जानें तारीख और महत्व

शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन यानी 12 अक्टूबर 2026, सोमवार को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जा रही है। Maa Brahmacharini Puja Muhurat मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में दूसरे स्वरूप को ब्रह्मचारिणी कहा जाता है। यह नाम तप, साधना और ब्रह्मचर्य के पालन से जुड़ा है।

नवरात्रि के दूसरे दिन भक्त सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं, पूजा स्थल की सफाई करते हैं और मां दुर्गा के सामने दीपक जलाकर मंत्रों का जाप करते हैं। कुछ श्रद्धालु नौ दिनों का व्रत रखते हैं, जबकि अन्य अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार पूजा-अर्चना करते हैं।

मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप साधक को यह संदेश देता है कि जीवन में किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए धैर्य, अनुशासन और निरंतर प्रयास जरूरी हैं।

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Maa Brahmacharini Puja Muhurat 2026: पूजा का शुभ समय

12 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के पंचांग के अनुसार, शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि रात 10:13 बजे तक है। इसके बाद तृतीया तिथि आरंभ होगी। दिन के शुभ समय में अभिजीत मुहूर्त सुबह के बाद दोपहर में आता है, जिसे कई धार्मिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।

तारीख

सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन

सूर्योदय

सुबह 6:20 बजे

नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार

अभिजीत

सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक

नई दिल्ली के लिए गणना

द्वितीया

रात 10:13 बजे तक

इसके बाद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि

समय Drik Panchang के नई दिल्ली पंचांग पर आधारित हैं। अभिजीत मुहूर्त दिन का सामान्य शुभ काल है, इसे मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के लिए एकमात्र अनिवार्य मुहूर्त न समझें। स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में अंतर हो सकता है।

Maa Brahmacharini Puja Muhurat 2026
Maa Brahmacharini Puja Muhurat 2026

क्या Maa Brahmacharini Puja Muhurat की पूजा सुबह ही करनी चाहिए?

परंपरागत रूप से नवरात्रि में सुबह स्नान के बाद पूजा करना शुभ माना जाता है। यदि सुबह पूजा संभव न हो, तो भक्त अपनी सुविधा, स्थानीय पंचांग और पारिवारिक परंपरा के अनुसार भी मां की आराधना कर सकते हैं। पूजा में समय से अधिक श्रद्धा, स्वच्छता और मन की एकाग्रता को महत्व दिया जाता है।

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और अन्य शहरों में पूजा का शुभ समय

भारत के अलग-अलग शहरों में सूर्योदय, सूर्यास्त और दिन के मुहूर्त अलग हो सकते हैं। इसलिए दिल्ली का समय पूरे देश पर लागू मानना सही नहीं होगा।

Maa Brahmacharini Puja Muhurat के लिए उपलब्ध पंचांग गणना में प्रमुख शहरों के अभिजीत मुहूर्त का समय इस प्रकार है। ये सामान्य शुभ समय हैं, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के लिए अलग से निर्धारित अनिवार्य मुहूर्त नहीं।

शहरअभिजीत मुहूर्त
दिल्लीसुबह 11:44 से दोपहर 12:30 बजे के आसपास
मुंबईदोपहर 12:01 से 12:48 बजे के आसपास
बेंगलुरुसुबह 11:42 से दोपहर 12:29 बजे के आसपास
हैदराबादसुबह 11:38 से दोपहर 12:26 बजे के आसपास
अहमदाबाददोपहर 12:02 से 12:49 बजे के आसपास
चेन्नईसुबह 11:31 से दोपहर 12:19 बजे के आसपास
कोलकातासुबह 10:59 से 11:46 बजे के आसपास

शहरों के समय स्थानीय पंचांग गणना पर आधारित हैं। पूजा का सटीक समय तय करने से पहले अपने शहर का दैनिक पंचांग देख लें।

Maa Brahmacharini Puja Muhurat

विदेश में रहने वाले भक्त कब करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा?

अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य देशों में रहने वाले भारतीय परिवार भी नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करते हैं। विदेश में पूजा करते समय भारत के समय को सीधे लागू करने के बजाय स्थानीय शहर का पंचांग देखना बेहतर है।

स्थानीय सूर्योदय और समय क्षेत्र के कारण पूजा के लिए अनुकूल समय भारत से अलग हो सकता है। यदि आप विदेश में हैं, तो अपने शहर के अनुसार नवरात्रि कैलेंडर और पंचांग की पुष्टि करें। इससे पूजा का समय तय करने में सुविधा होगी।

मां ब्रह्मचारिणी कौन हैं? जानिए उनके स्वरूप का महत्व

Maa Brahmacharini Puja Muhurat मां ब्रह्मचारिणी मां दुर्गा का दूसरा स्वरूप हैं। धार्मिक चित्रण में उन्हें शांत, तेजस्वी और तपस्विनी रूप में दिखाया जाता है। उनके एक हाथ में जपमाला और दूसरे हाथ में कमंडल होता है।

जपमाला निरंतर साधना, मंत्र-जाप और आध्यात्मिक एकाग्रता का प्रतीक मानी जाती है। कमंडल सादगी, संयम और तपस्वी जीवन का संदेश देता है। मां का शांत स्वरूप भक्तों को कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा देता है।

नवरात्रि के दूसरे दिन उनकी पूजा करने का धार्मिक महत्व यह है कि भक्त अपने जीवन में अनुशासन, आत्मसंयम और दृढ़ निश्चय को अपनाने का संकल्प लेते हैं।

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि: घर पर ऐसे करें पूजा

यदि आप घर पर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करना चाहते हैं, तो नीचे दी गई सामान्य विधि का पालन कर सकते हैं। अपनी पारिवारिक परंपरा या पुरोहित के निर्देशों के अनुसार विधि में बदलाव किया जा सकता है।

1. सुबह स्नान करके पूजा स्थल तैयार करें Maa Brahmacharini Puja Muhurat

सुबह उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें। पूजा स्थल को साफ करें। मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर के सामने स्वच्छ आसन बिछाएं। यदि घर में नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की गई है, तो उसकी नियमित पूजा भी करें।

2. दीपक जलाकर पूजा का संकल्प लें

मां के सामने दीपक जलाएं और हाथ जोड़कर अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा का संकल्प लें। मन में परिवार की सुख-शांति, स्वास्थ्य, सद्बुद्धि और जीवन में सही मार्ग पर चलने की प्रार्थना करें।

3. मां को फूल, अक्षत और चंदन अर्पित करें

मां ब्रह्मचारिणी को फूल, अक्षत, चंदन और अपनी परंपरा के अनुसार पूजन सामग्री अर्पित करें। पूजा में स्वच्छता बनाए रखें। कोई सामग्री उपलब्ध न होने पर परेशान होने के बजाय श्रद्धा से उपलब्ध सामग्री से पूजा करें।

Maa Brahmacharini Puja Muhurat 2026
Maa Brahmacharini Puja Muhurat 2026

4. मां ब्रह्मचारिणी के मंत्र का जाप करें

मां के ध्यान और मंत्र-जाप के लिए कुछ समय शांत बैठें। नीचे दिए गए प्रचलित मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप किया जा सकता है।

मां ब्रह्मचारिणी का मंत्र:

“ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥”

मंत्र का जाप अपनी सुविधा के अनुसार 11, 21 या 108 बार कर सकते हैं। संख्या से अधिक महत्वपूर्ण है कि जाप एकाग्रता और श्रद्धा के साथ किया जाए।

5. मिश्री या चीनी का भोग लगाएं

Maa Brahmacharini Puja Muhurat को मिश्री या चीनी अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है। कुछ परिवारों में फल और अन्य सात्विक मिठाइयां भी चढ़ाई जाती हैं। भोग लगाने के बाद उसे प्रसाद के रूप में परिवार के सदस्यों में बांट सकते हैं।

6. व्रत कथा पढ़ें और आरती करें

पूजा के दौरान मां ब्रह्मचारिणी की कथा पढ़ें या सुनें। इसके बाद मां की आरती करें और अंत में हाथ जोड़कर अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगते हुए परिवार की मंगलकामना करें।

ध्यान रखें: पूजा की विधि अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में भिन्न हो सकती है। अपनी परंपरा के अनुसार पूजा करना उचित है।

मां ब्रह्मचारिणी को क्या भोग लगाएं?

नवरात्रि के दूसरे दिन Maa Brahmacharini Puja Muhurat को मिश्री या चीनी का भोग लगाने की मान्यता है। कुछ भक्त फल, दूध से बनी सात्विक मिठाई या अन्य शुद्ध शाकाहारी प्रसाद भी अर्पित करते हैं।

भोग तैयार करते समय इन बातों का ध्यान रखें:




  • भोग बनाने और रखने के लिए साफ बर्तनों का इस्तेमाल करें।







  • अपनी पारिवारिक और धार्मिक परंपरा के अनुसार सामग्री चुनें।







  • प्रसाद अर्पित करने के बाद उसे श्रद्धापूर्वक ग्रहण करें और दूसरों में बांटें।







  • यदि व्रत रख रहे हैं, तो अपनी सेहत और क्षमता के अनुसार ही उपवास करें।




धार्मिक परंपराओं में भोग का उद्देश्य मां के प्रति श्रद्धा व्यक्त करना है। इसलिए महंगी सामग्री जुटाना आवश्यक नहीं है।

नवरात्रि के दूसरे दिन कौन-सा रंग पहनें Maa Brahmacharini Puja Muhurat?

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में सफेद रंग को शुभ माना जाता है। सफेद रंग शांति, सादगी, पवित्रता और एकाग्रता का प्रतीक माना जाता है Maa Brahmacharini Puja Muhurat। 

इस दिन भक्त सफेद या हल्के रंग के वस्त्र पहनना पसंद कर सकते हैं। हालांकि, किसी विशेष रंग के कपड़े पहनना पूजा की अनिवार्य शर्त नहीं है। यदि आपके पास सफेद वस्त्र उपलब्ध नहीं हैं, तो साफ और सुविधाजनक कपड़ों में भी मां की पूजा की जा सकती है।

Maa Brahmacharini Puja Muhurat की व्रत कथा

पौराणिक मान्यता के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप देवी पार्वती की कठोर तपस्या से जुड़ा है। देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक कठिन साधना की थी।

कथा के अनुसार, देवी ने तपस्या के दौरान अनेक कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन अपने संकल्प से पीछे नहीं हटीं। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और आत्मसंयम बनाए रखा। उनकी इसी तपस्या और दृढ़ निश्चय के कारण उन्हें ब्रह्मचारिणी स्वरूप में पूजा जाता है।

Maa Brahmacharini Puja Muhurat मां ब्रह्मचारिणी की कथा का संदेश है कि जीवन में बड़े लक्ष्य प्राप्त करने के लिए धैर्य, समर्पण और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। कठिनाइयां आने पर भी अपने अच्छे उद्देश्य और सही मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए।

नवरात्रि के दूसरे दिन इस कथा को पढ़ने या सुनने की परंपरा भक्तों को आत्मबल और अनुशासन की प्रेरणा देती है।

मां ब्रह्मचारिणी की आरती

मां ब्रह्मचारिणी की आरती करते समय भक्त देवी के तपस्विनी स्वरूप का स्मरण करते हैं। आरती के लिए अपने परिवार में प्रचलित मां ब्रह्मचारिणी की आरती का पाठ करें। यदि आरती याद न हो, तो मां के मंत्र का जाप करके और प्रार्थना करके भी पूजा पूरी की जा सकती है।

आरती के बाद हाथ जोड़कर मां से प्रार्थना करें कि जीवन में धैर्य, सद्बुद्धि, आत्मविश्वास और सही निर्णय लेने की शक्ति बनी रहे।

नवरात्रि के दूसरे दिन क्या करें और किन बातों का ध्यान रखें?

नवरात्रि में पूजा के साथ-साथ व्यवहार, विचार और दिनचर्या को भी महत्व दिया जाता है। मां ब्रह्मचारिणी के दिन इन बातों का ध्यान रख सकते हैं:




  • सुबह स्नान करके पूजा स्थल की स्वच्छता बनाए रखें।







  • मां दुर्गा के सामने दीपक जलाकर मंत्र-जाप करें।







  • अपनी श्रद्धा और क्षमता के अनुसार व्रत रखें।







  • जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करें और यथासंभव दान करें।







  • परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों से विनम्रता से व्यवहार करें।







  • पूजा में दिखावे के बजाय श्रद्धा और एकाग्रता को प्राथमिकता दें।




Maa Brahmacharini Puja Muhurat व्रत रखने वाले लोगों को अपनी शारीरिक स्थिति का ध्यान रखना चाहिए। यदि उपवास से कमजोरी या परेशानी हो, तो स्वास्थ्य की जरूरतों को नजरअंदाज न करें।

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से क्या संदेश मिलता है?

मां ब्रह्मचारिणी की उपासना केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। उनका स्वरूप जीवन में अनुशासन और दृढ़ संकल्प का महत्व भी समझाता है।

धैर्य: किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में समय लग सकता है। Maa Brahmacharini Puja Muhurat जल्दबाजी के बजाय निरंतर प्रयास जरूरी हैं।

आत्मसंयम: अपनी इच्छाओं, विचारों और व्यवहार पर नियंत्रण रखने से सही निर्णय लेने में सहायता मिलती है।

संकल्प: कठिनाइयों के बावजूद अच्छे उद्देश्य के प्रति प्रतिबद्ध रहना महत्वपूर्ण है।

सादगी: जीवन में दिखावे से अधिक महत्व अच्छे विचारों और कर्मों का है।

नवरात्रि का दूसरा दिन इन गुणों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेने का अवसर माना जा सकता है।

मां ब्रह्मचारिणी पूजा मुहूर्त 2026: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. Maa Brahmacharini Puja Muhurat मां ब्रह्मचारिणी की पूजा कब है?

शारदीय नवरात्रि 2026 में मां ब्रह्मचारिणी की पूजा सोमवार, 12 अक्टूबर को की जा रही है।

2. 12 अक्टूबर 2026 को द्वितीया तिथि कब तक है?

नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार, आश्विन शुक्ल द्वितीया तिथि रात 10:13 बजे तक है। इसके बाद तृतीया तिथि शुरू होती है।

3. Maa Brahmacharini Puja Muhurat मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का शुभ समय क्या है?

सुबह स्नान के बाद पूजा करना परंपरागत रूप से शुभ माना जाता है। नई दिल्ली में 12 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक है। अपने शहर के स्थानीय पंचांग की पुष्टि जरूर करें।

4. मां ब्रह्मचारिणी को किस चीज का भोग लगाते हैं?

मां ब्रह्मचारिणी को मिश्री या चीनी का भोग लगाने की परंपरा है। श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार फल या अन्य सात्विक प्रसाद भी अर्पित कर सकते हैं।

5. Maa Brahmacharini Puja Muhurat मां ब्रह्मचारिणी का मंत्र क्या है?

मां ब्रह्मचारिणी का प्रचलित मंत्र है—“ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥” इसका श्रद्धापूर्वक जाप किया जा सकता है।

6. नवरात्रि के दूसरे दिन कौन-सा रंग शुभ माना जाता है?

नवरात्रि के दूसरे दिन सफेद रंग को शुभ माना जाता है। यह शांति, सादगी और पवित्रता का प्रतीक है।

7. क्या Maa Brahmacharini Puja Muhurat मां ब्रह्मचारिणी की पूजा शाम को भी कर सकते हैं?

सुबह पूजा करना परंपरागत रूप से प्रचलित है। यदि सुबह संभव न हो, तो अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार शाम को भी मां की आराधना कर सकते हैं।

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी से करें यह प्रार्थना

मां ब्रह्मचारिणी के चरणों में प्रार्थना करें कि जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए धैर्य और आत्मबल मिले। परिवार में सुख-शांति बनी रहे, विचारों में सकारात्मकता आए और हर व्यक्ति को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिले।

Maa Brahmacharini Puja Muhurat नवरात्रि का यह पावन दिन हमें याद दिलाता है कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और सच्चे प्रयास से जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं।

जय माता दी!

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Varsa

वर्षा कोठारी एक उभरती लेखिका है। पत्रकारिता जगत में कई ब्रैंड्स के साथ बतौर फ्रीलांसर काम किया है। अपने लेखन में रूचि के चलते समयधारा के साथ जुड़ी हुई है। वर्षा मुख्य रूप से मनोरंजन, हेल्थ और जरा हटके से संबंधित लेख लिखती है लेकिन साथ-साथ लेखन में प्रयोगात्मक चुनौतियां का सामना करने के लिए भी तत्पर रहती है।

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