
Sunday-thoughts-Suvichar-good-morning-quotes-motivational-status-inspirational-positive-words
दूसरे के लिए कितना ही मरो, तो भी अपने नहीं होते।
पानी तेल में कितना ही मिले, फिर भी अलग ही रहेगा।
“धर्म खतरे में है” और “संस्कृति खतरे में है” का नारा, तो दरअसल,
भोली-भाली जनता को बहकाने के लिए लगाया जाता है।
धन खोकर अगर हम अपनी आत्मा को पा सकें,
तो यह कोई महंगा सौदा नहीं है।
प्रेमचंद
सोने और खाने का नाम जिंदगी नहीं है,
आगे बढ़ते रहने की लगन का नाम जिंदगी है।
प्रेमचंद
कोई अन्याय केवल इसलिए मान्य नहीं हो सकता,
कि लोग उसे परम्परा से सहते आये हैं।
प्रेमचंद
खुली हवा में चरित्र के भ्रष्ट होने की उससे कम संभावना है, जितना बन्द कमरे में।
प्रेमचंद
आपको यह खबर कैसी लगी?
अगर आपको यह जानकारी पसंद आई है, तो इसे अपने WhatsApp दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।
ऐसी ही और ताज़ा खबरों के लिए 'समयधारा' (Samaydhara) से जुड़े रहें।
Sunday-thoughts-Suvichar-good-morning-quotes-motivational-status-inspirational-positive-words







