Trending

Thursday Thoughts:किसी से बहस में जीतने के बजाय उसे मौन रहकर…

पराजित करिए, क्योंकि जो आपके साथ हमेशा बहस करने के लिए तत्पर रहता है,  वह आपके मौन को कभी सहन नहीं कर पाएगा।

Thursday-thoughts-Sai-Suvichar-good-morning-quotes-inspirational-motivation-quotes-in-hindi-positive

 

किसी से बहस में जीतने के बजाय उसे मौन रहकर पराजित करिए,
क्योंकि जो आपके साथ हमेशा बहस करने के लिए तत्पर रहता है, 
वह आपके मौन को कभी सहन नहीं कर पाएगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

साथ निभाने का हुनर सीखना है,
तो उस ताले से सीखो,
टूट तो जाता है लेकिन चाबी नहीं बदलता।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

खुद से जीतने की जिद है,
मुझे खुद को ही हराना है,
मैं भीड़ नहीं हूँ दुनिया की,
मेरे अंदर एक ज़माना है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

अहंकार उसी को होता है,
जिसे बिना किसी संघर्ष के सब कुछ प्राप्त होता है
और जिसने अपनी मेहनत से हासिल किया है,
वही दूसरों की मेहनत की कद्र करता है।

 

 

 

 

 

 

यह भी पढ़े:

Monday Thoughts : कर्म करो तो फल मिलता है, आज नहीं तो कल मिलता है

Sunday Thought : तू कर ले हिसाब,अपने हिसाब से,लेकिन ऊपर वाला लेगा हिसाब,अपने हिसाब से….

Monday Thought : एक मंदिर के बाहर लिखा था.. बेझिझक भीतर चले आइये,

Sunday Thoughts : दुनिया के रीति है, यहाँ मजबूत से मजबूत… (Thoughts in hindi)

Saturday Thoughts : ना बादशाह चलता है… ना इक्का चलता है ….

Monday Thoughts : ख़ुशी में मदहोश और गम में मायूस मत होना… 

Friday Thoughts : जितना तेज़ होता है, उतना तेज़ डाऊनलोड नही होता

Thursday Thoughts : कल शीशा था, सब देख-देख कर जाते थे, आज टूट गया..,

Wednesday Thoughts : प्रत्येक व्यक्ति अलग होता है, हर किसी की क्षमता और कमजोरियां

Monday Thoughts : कटीली झाड़ियों पर ठहरी हुई बूंदों ने बस यही बताया है….,

Sunday Thoughts : वक्त और किस्मत पर कभी घमंड मत करों 

 

 

 

Thursday-thoughts-Sai-Suvichar-good-morning-quotes-inspirational-motivation-quotes-in-hindi-positive

Show More

Dropadi Kanojiya

द्रोपदी कनौजिया पेशे से टीचर रही है लेकिन अपने लेखन में रुचि के चलते समयधारा के साथ शुरू से ही जुड़ी है। शांत,सौम्य स्वभाव की द्रोपदी कनौजिया की मुख्य रूचि दार्शनिक,धार्मिक लेखन की ओर ज्यादा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button