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Thursday Thoughts: मैं शुक्रगुजार हूं उन तमाम लोगों का जिन्होंने बुरे वक्त में…

....मेरा साथ छोड़ दिया क्योंकि उन्हें भरोसा था कि मैं मुसीबतों से अकेले ही निपट सकता हूं।

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मैं शुक्रगुजार हूं उन तमाम लोगों का जिन्होंने बुरे वक्त में मेरा साथ छोड़ दिया
क्योंकि उन्हें भरोसा था कि मैं मुसीबतों से अकेले ही निपट सकता हूं।

 

 

 

जिन्होंने आपका संघर्ष देखा है वही आपके संघर्ष की कीमत जानते है,
अन्यथा औरों के लिए आप किस्मत वाले है। 

 

 

 

जिंदगी में कुछ नेक काम ऐसे भी करने चाहिए,

जिनका उस ऊपर वाले के सिवा कोई दूसरा गवाह ना हो।

 

 

 

 

यूं ही नही होती हाथ की लकिरों के आगे ऊँगलियां,

रब ने भी किस्मत से पहले मेहनत लिखी है

 

 

 

 

 

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Dropadi Kanojiya

द्रोपदी कनौजिया पेशे से टीचर रही है लेकिन अपने लेखन में रुचि के चलते समयधारा के साथ शुरू से ही जुड़ी है। शांत,सौम्य स्वभाव की द्रोपदी कनौजिया की मुख्य रूचि दार्शनिक,धार्मिक लेखन की ओर ज्यादा है।

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