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Kejriwal Court Verdict 2026 केजरीवाल को कोर्ट ने छोड़ा सिसोदिया समेत अन्य भी बरी

शराब नीति मामले में क्लीन चिट : कोर्ट ने कहा कि प्रमाणों की कमी और आरोपपत्र में गंभीर तकनीकी लापरवाही के कारण आरोपों का समर्थन नहीं किया जा सकता।

Kejriwal Court Verdict 2026 Kejriwal Acquitted 


केजरीवाल को कोर्ट ने छोड़ा: शराब नीति मामले में क्लीन चिट, सिसोदिया समेत अन्य भी बरी

दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने 27 फरवरी 2026 को Arvind Kejriwal और उनके सहयोगी Manish Sisodia को दिल्ली शराब नीति (Excise Policy) घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार व समन का पालन न करने के आरोपों में बरी कर दिया है।

यह फैसला राज्य और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में आया है, Kejriwal Court Verdict 2026 और इससे देश की राजनीति में तेज प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कोर्ट ने कहा कि प्रमाणों की कमी और आरोपपत्र में गंभीर तकनीकी लापरवाही के कारण आरोपों का समर्थन नहीं किया जा सकता।


क्या फैसला आया? कोर्ट ने आखिर क्या कहा?

राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया कि:

  • कोर्ट ने दोनों नेताओं को आरोपों से बरी (Discharge) कर दिया है।
  • आरोपपत्र में आवश्यक सबूतों का अभाव था।
  • “कोई स्पष्ट साजिश या आपराधिक इरादा” सिद्ध नहीं हुआ।
  • प्रोसिक्यूशन (CBI/ED) की ओर से आरोपों को प्रमाणित करने में विफलता रही।

इसके साथ ही अदालत ने 21 अन्य आरोपियों को भी बरी कर दिया (Kejriwal Court Verdict 2026)। 

यह फैसला जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से यह मामला राजनीति के केन्द्र में रहा। 


शराब नीति मामला: विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

दिल्ली सरकार की 2021–22 की शराब नीति को लेकर आरोप था कि यह नीति कुछ ठेकाधारकों को विशेष फ़ायदे देने वाली थी, जिससे राजस्व नुकसान हुआ था।
ED और CBI ने आरोप लगाया कि नीति में अनियमितताएँ व आपराधिक षड्यंत्र शामिल थे।

केजरीवाल ने शुरुआत से ही इन आरोपों को राजनीति आधारित और साजिश कहा।


केजरीवाल का बयान और भावनात्मक पल

फैसले के तुरंत बाद मीडिया से रू-ब-रू होते हुए केजरीवाल भावुक हो गए। उन्होंने कहा:

“मैं कट्टर ईमानदार हूँ, और यह फैसला इस बात का प्रमाण है कि सच की हमेशा जीत होती है।”
— केजरीवाल, मीडिया से बातचीत के दौरान।

उनकी पत्नी सुनिता केजरीवाल ने भी कहा कि:

“उन्हें सत्ता के लिए झूठे आरोपों में जेल भेजा गया था।”
— लाइव अपडेट्स में प्रकाशित बयान।


विपक्ष और दलों की प्रतिक्रिया

🟠 AAP (आम आदमी पार्टी)

AAP ने इस फैसले को सत्य की विजय बताया और केंद्र सरकार पर हमला बोला कि मामले को राजनीतिक तौर पर भड़काया गया था।

🔵 BJP (भारतीय जनता पार्टी)

विपक्षी दल BJP ने कहा कि कोर्ट का फैसला समझदारी और न्याय की परियोजना है, लेकिन उन्होंने जांच एजेंसियों के अधिकार का सम्मान जताया। (BJP का बयान मुख्य धारा मीडिया में प्रकाशित)


क्या CBI/ED इसके खिलाफ हाई कोर्ट जाएंगे? (Kejriwal Court Verdict 2026

जी हां, CBI ने अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करने की बात कही है।
वे तर्क दे रहे हैं कि ट्रायल कोर्ट ने सभी सबूतों का सही मूल्यांकन नहीं किया और मामले में पर्याप्त सामग्री मौजूद है।

इसका मतलब है कि न्यायिक प्रक्रिया अभी समाप्त नहीं हुई है और फैसले के बाद भी राजनीतिक-वैधानिक लड़ाई जारी रह सकती है।


राजनीतिक प्रभाव: दिल्ली विधानसभा चुनाव और आगे की राजनीति

यह फैसला 2025–26 के दिल्ली राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि:

  • AAP अपने प्रतिरोध को मजबूत करेगी।
  • विपक्ष इसे “राजनीति का बचाव” बता सकता है।
  • आगामी चुनावों में यह मुद्दा गरमा सकता है।

मामले का इतिहास: गिरफ्तारी से आज तक

केजरीवाल 21 मार्च 2024 को ED की कार्रवाई में गिरफ्तार हुए थे, और लंबे समय तक विवादों में रहे।
उन्होंने कई बार सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का रुख किया, लेकिन आज का फैसला उनके पक्ष में सबसे बड़ा कानूनी उलटफेर है। (Wikipedia)


फैसला क्यों महत्वपूर्ण है?

✔ राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल को बरी कर दिया।
✔ इसमें CBI/ED की जांच को कोर्ट ने खारिज किया।
✔ यह राजनीतिक-वैधानिक लड़ाई का नया चरण है।
✔ AAP इसे न्याय की जीत बता रही है।
✔ CBI/ED हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।
✔ यह फैसला दिल्ली की राजनीति में बड़ा मोड़ है।

Kejriwal Court Verdict 2026


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