
Table of Contents
Nag Panchami 2026 : कल है नाग पंचमी, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और कालसर्प दोष से मुक्ति के उपाय
Nag Panchami 2026 Date, Shubh Muhurat, Puja Vidhi, Kaal Sarp Dosh Upay : सावन का पावन महीना चल रहा है और अब Nag Panchami 2026 का पर्व आने वाला है। इस वर्ष नाग पंचमी बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि 17 अगस्त 2026, सोमवार को नाग पंचमी के साथ सावन सोमवार भी पड़ रहा है। ऐसे में भगवान शिव और नाग देवता की पूजा का विशेष धार्मिक महत्व माना जा रहा है।
आइए जानते हैं Nag Panchami 2026 कब है, पंचमी तिथि कब शुरू और खत्म होगी, पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है, पूजा विधि क्या है और कालसर्प दोष से जुड़े कौन से उपाय किए जा सकते हैं।
नरेंद्र मोदी रात को क्यों नहीं सोते?😳राहुल गांधी का बड़ा दावा!😳#congress #rahulgandhi #modi #shorts
🐍 Nag Panchami 2026 कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार नाग पंचमी का पर्व श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है।
नाग पंचमी 2026:
📅 17 अगस्त 2026, सोमवार
पंचमी तिथि:
- पंचमी तिथि प्रारंभ: 16 अगस्त 2026, शाम 4:52 बजे
- पंचमी तिथि समाप्त: 17 अगस्त 2026, शाम 5:00 बजे
- नाग पंचमी पर्व: 17 अगस्त 2026
इस वर्ष नाग पंचमी सोमवार को पड़ रही है और इसी दिन सावन सोमवार भी है। इसलिए शिव भक्तों के लिए यह दिन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

⏰ नाग पंचमी 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त
Nag Panchami 2026 के दिन नाग देवता की पूजा के लिए सुबह का समय विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
विभिन्न शहरों में सूर्योदय के अंतर के कारण पूजा मुहूर्त कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। उदाहरण के लिए, उपलब्ध पंचांग गणनाओं में 17 अगस्त को उत्तर भारत के लिए पूजा का समय लगभग सुबह 5:50 बजे से 8:35 बजे के बीच दिखाई देता है।
इसलिए दिल्ली-एनसीआर में पूजा सूर्योदय के बाद सुबह के शुभ समय में करना बेहतर रहेगा।
नोट: पूजा का सटीक मुहूर्त शहर के अनुसार बदल सकता है। अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करना उचित है।
🔱 नाग पंचमी पर सावन सोमवार का संयोग क्यों है खास?
साल 2026 में नाग पंचमी सोमवार के दिन पड़ रही है। सोमवार भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और शिवजी के गले में नाग का विशेष स्थान है।
इसी वजह से इस दिन शिव पूजा और नाग देवता की पूजा का धार्मिक महत्व बढ़ जाता है। श्रद्धालु शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करने के साथ नाग देवता का स्मरण भी कर सकते हैं।
🙏 नाग पंचमी 2026 पूजा विधि
नाग पंचमी के दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने के लिए इन बातों का ध्यान रखा जा सकता है:
1. सुबह स्नान करें
ब्रह्म मुहूर्त या सुबह उठकर स्नान करें और स्वच्छ कपड़े पहनें। इसके बाद पूजा का संकल्प लें।
Google Doodle Today : Independence Day 2026 पर खास Doodle, जानिए पूरी कहानी
2. नाग देवता का चित्र या प्रतिमा रखें
पूजा स्थान पर नाग देवता का चित्र या प्रतिमा स्थापित करें। कई स्थानों पर दीवार या पूजा स्थल पर नाग देवता की पारंपरिक आकृति बनाकर भी पूजा की जाती है।
3. पूजा सामग्री तैयार करें
पूजा में अपनी परंपरा के अनुसार इस्तेमाल कर सकते हैं:
- जल
- दूध
- अक्षत
- पुष्प
- चंदन
- हल्दी-कुमकुम
- धूप-दीप
- फल
- मिठाई
- बेलपत्र
4. नाग देवता की पूजा करें
नाग देवता को जल, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें। इसके बाद श्रद्धापूर्वक मंत्रों का जाप करें।
5. भगवान शिव की पूजा करें
क्योंकि नाग देवता का भगवान शिव से विशेष संबंध माना जाता है, इसलिए नाग पंचमी पर शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करना भी शुभ माना जाता है।
6. नाग पंचमी की कथा सुनें
Nag Panchami 2026 पूजा के बाद नाग पंचमी की व्रत कथा का श्रवण करें और परिवार की सुख-शांति एवं सुरक्षा के लिए प्रार्थना करें।
🕉️ नाग पंचमी पर कौन से मंत्र का जाप करें?
Nag Panchami 2026 पर नाग देवता को समर्पित पारंपरिक मंत्रों का जाप किया जा सकता है।
मंत्र:
ॐ अनन्ताय नमः।
ॐ वासुकये नमः।
ॐ शेषाय नमः।
ॐ पद्मनाभाय नमः।
ॐ कम्बलाय नमः।
ॐ शंखपालाय नमः।
ॐ धृतराष्ट्राय नमः।
ॐ तक्षकाय नमः।
ॐ कालियाय नमः।
नाग पंचमी से जुड़े पारंपरिक मंत्रों में अनंत, वासुकी, शेष, पद्मनाभ, कम्बल, शंखपाल, धृतराष्ट्र, तक्षक और कालिया आदि नाग देवताओं का स्मरण किया जाता है।
इसके अलावा भगवान शिव का “ॐ नमः शिवाय” मंत्र भी श्रद्धा से जपा जा सकता है।
🐍 नाग पंचमी का धार्मिक महत्व
हिंदू परंपरा में नागों को पूजनीय माना गया है। नाग पंचमी का पर्व प्रकृति, सर्पों और नाग देवताओं के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान से जुड़ा हुआ है।
मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है और सर्प भय से रक्षा की प्रार्थना की जाती है।
नाग पंचमी का संबंध भगवान शिव से भी विशेष रूप से माना जाता है, क्योंकि शिवजी के स्वरूप में नाग का महत्वपूर्ण स्थान है।
🔱 नाग पंचमी पर कालसर्प दोष के उपाय
ज्योतिषीय मान्यताओं में कालसर्प दोष या कालसर्प योग का संबंध राहु और केतु की स्थिति से बताया जाता है। जब कुंडली में सभी ग्रह राहु-केतु की धुरी के बीच स्थित बताए जाते हैं, तब ज्योतिष में इसे कालसर्प योग कहा जाता है।
हालांकि कालसर्प दोष की व्याख्या और इसके प्रभाव को लेकर ज्योतिषियों में अलग-अलग मत भी हैं। इसलिए इसे जीवन की हर समस्या का निश्चित कारण मानना उचित नहीं है।
फिर भी धार्मिक आस्था के अनुसार नाग पंचमी को कुछ लोग इसके शांति उपाय करते हैं।
कालसर्प दोष के लिए पूजा विधि
- सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- भगवान शिव और नाग देवता का ध्यान करें।
- शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करें।
- नाग देवता का पूजन करें।
- ॐ नमः शिवाय का जाप करें।
- नाग देवता के नामों का स्मरण करें।
- अपनी श्रद्धा के अनुसार दान-पुण्य करें।
- नाग पंचमी की कथा सुनें।

🐍 नाग पंचमी पर क्या करें?
नाग पंचमी के दिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये कार्य किए जा सकते हैं:
- नाग देवता की पूजा करें।
- भगवान शिव का अभिषेक करें।
- शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाएं।
- नाग पंचमी की कथा सुनें।
- जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या वस्त्र का दान करें।
- नाग देवता के मंत्रों का जाप करें।
- परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें।
⚠️ नाग पंचमी पर सांप को दूध पिलाएं या नहीं?
Nag Panchami 2026 यह बात विशेष रूप से ध्यान रखने योग्य है कि जीवित सांप को जबरदस्ती दूध पिलाना उचित नहीं है।
धार्मिक श्रद्धा को बनाए रखते हुए नाग देवता की प्रतिमा या चित्र पर प्रतीकात्मक रूप से दूध अर्पित किया जा सकता है। जीवित सांपों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ या उन्हें दूध पिलाने का प्रयास उनके लिए नुकसानदायक हो सकता है।
🚫 नाग पंचमी पर क्या नहीं करना चाहिए?
नाग पंचमी के दिन कई क्षेत्रों में अपनी-अपनी परंपराओं के अनुसार कुछ नियम माने जाते हैं। सामान्य रूप से:
- जीवित सांप को पकड़कर पूजा करने से बचें।
- सांपों को परेशान या नुकसान न पहुंचाएं।
- अंधविश्वास के नाम पर किसी तरह के खतरनाक उपाय न करें।
- पूजा में दिखावे के बजाय श्रद्धा और अहिंसा को महत्व दें।
🌿 नाग पंचमी और प्रकृति का संदेश
नाग पंचमी केवल धार्मिक अनुष्ठान का पर्व नहीं बल्कि प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान का संदेश भी देता है।
Bigg Boss 20 Extra Jeevandan: सलमान खान ने खोला बड़ा राज, जानें क्या है नया ट्विस्ट?
सर्प पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए नाग पंचमी के अवसर पर सर्पों और वन्यजीवों की रक्षा तथा उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने का संकल्प लेना भी इस पर्व की भावना के अनुरूप है।
📿 नाग पंचमी 2026 के खास उपाय
अगर आप धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी पर विशेष उपाय करना चाहते हैं, तो:
1. शिव पूजा करें
नाग पंचमी सोमवार को होने के कारण शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करें।
2. नाग देवता का स्मरण करें
अनंत, वासुकी, शेष, तक्षक और कालिया आदि नाग देवताओं का नाम स्मरण करें।
3. महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें
श्रद्धा के अनुसार महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जा सकता है।
4. दान करें
जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करें।
5. कालसर्प दोष के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें
यदि किसी को अपनी कुंडली में कालसर्प योग को लेकर चिंता है तो किसी योग्य ज्योतिषी से व्यक्तिगत कुंडली का विश्लेषण करवाना बेहतर है।
🐍 नाग पंचमी 2026: एक नजर में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| पर्व | नाग पंचमी 2026 |
| तारीख | 17 अगस्त 2026, सोमवार |
| तिथि | श्रावण शुक्ल पंचमी |
| पंचमी शुरू | 16 अगस्त, शाम 4:52 बजे |
| पंचमी समाप्त | 17 अगस्त, शाम 5:00 बजे |
| विशेष संयोग | सावन सोमवार + नाग पंचमी |
| पूजा का प्रमुख समय | सुबह का समय, सूर्योदय के बाद |
| मुख्य आराध्य | नाग देवता एवं भगवान शिव |
🙏 नाग पंचमी 2026 की शुभकामनाएं
नाग देवता की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे। भगवान शिव आपकी और आपके परिवार की रक्षा करें।
🐍 शुभ नाग पंचमी 2026!
🔱 हर हर महादेव!
Nag Panchami 2026 FAQ
Nag Panchami 2026 कब है?
Nag Panchami 2026 में 17 अगस्त, सोमवार को मनाई जाएगी।
Nag Panchami 2026 की पंचमी तिथि कब से है?
पंचमी तिथि 16 अगस्त 2026 शाम 4:52 बजे से शुरू होगी और 17 अगस्त शाम 5:00 बजे तक रहेगी।
क्या 2026 में नाग पंचमी सोमवार को है?
हां। 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी के साथ सावन सोमवार भी है।
नाग पंचमी पर किसकी पूजा की जाती है?
इस दिन नाग देवताओं की पूजा की जाती है। भगवान शिव की पूजा भी विशेष रूप से की जाती है।
क्या नाग पंचमी पर सांप को दूध पिलाना चाहिए?
जीवित सांप को दूध पिलाने या उसके साथ छेड़छाड़ करने से बचना चाहिए। धार्मिक पूजा प्रतीकात्मक रूप से नाग देवता की प्रतिमा या चित्र के सामने की जा सकती है।
क्या नाग पंचमी पर कालसर्प दोष का उपाय किया जा सकता है?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी को कालसर्प योग की शांति के लिए पूजा और मंत्र जाप किए जाते हैं। हालांकि इसके प्रभाव और उपायों को लेकर ज्योतिषियों के मत अलग-अलग हो सकते हैं।
नोट: नाग पंचमी और पूजा के मुहूर्त की गणना शहर के अनुसार कुछ मिनट अलग हो सकती है। ऊपर दिए गए तिथि समय उत्तर भारत/दिल्ली-एनसीआर संदर्भ के लिए उपयोगी हैं; स्थानीय पंचांग से अंतिम समय की पुष्टि करना बेहतर है।
आपको यह खबर कैसी लगी?
अगर आपको यह जानकारी पसंद आई है, तो इसे अपने WhatsApp दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।
ऐसी ही और ताज़ा खबरों के लिए 'समयधारा' (Samaydhara) से जुड़े रहें।



