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Nirbhaya case: निर्भया के दोषी अक्षय कुमार की दया याचिका भी राष्ट्रपति ने खारिज की

निर्भया केस में इससे पहले राष्ट्रपति ने दोषी मुकेश सिंह और विनय कुमार शर्मा की दया याचिका भी खारिज कर दी थी...

नई दिल्‍ली: Nirbhaya case: RamNath Kovind rejects mercy petition Akshay Kumar Singh- निर्भया केस (Nirbhaya Case)  के अन्य दोषी अक्षय कुमार सिंह (Akshay Kumar Singh) की दया याचिका राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind)  ने खारिज कर दी है।

बुधवार को गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि अक्षय कुमार सिंह ने थोड़े समय पहले ही राष्ट्रपति के सामने दया याचिका दायर की थी।

लेकिन राष्ट्रपति ने अक्षय कुमार सिंह की दया याचिका खारिज कर दी थी।निर्भया केस में इससे पहले राष्ट्रपति ने दोषी मुकेश सिंह और विनय कुमार शर्मा की दया याचिका भी खारिज कर दी थी। 

हालांकि पवन ने दया याचिका अभी दाखिल नहीं की है।

Nirbhaya case: RamNath Kovind rejects mercy petition Akshay Kumar Singh

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने  बुधवार को ही  केंद्र सरकार की दोषियों को अलग-अलग फांसी देने की याचिका ठुकरा दी है। आज कोर्ट ने निचली अदालत का आदेश रद्द करने से मना कर दिया।

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि ”हम पटियाला हाउस कोर्ट के फैसले से सहमत नहीं हैं। हमें यह कहने में कोई झिझक नहीं है कि दोषियों ने मामले को लंबा खींचा है। अपील और पुनर्विचार याचिका दाखिल करने में भी देरी की है। दोषी लगातार जीने के अधिकार का हवाला देकर बचते रहने की कोशिश करते रहे।”

जज ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि निर्भया के साथ दोषियों ने जो कुछ किया, वो बेहद अमानवीय था। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, दोषी एक हफ्ते में अपने सारे उपाय पूरे करें।

कोर्ट ने कहा कि जब मई 2017 में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) दोषियों की याचिका को खारिज करता है तो कोई भी संबंधी विभाग ने डेथ वारंट जारी कराने की कोशिश नहीं की, जिसका फायदा दोषियों ने बहुत अच्छे तरीके से उठाया।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार, राष्ट्रपति के पास से दया याचिका खारिज होने के बाद दोषी को 14 दिनों का समय दिया जाता है और फिर नया डेथ वारंट जारी होता है।

गौरतलब है कि इससे पूर्व निर्भया के अपराधियों को 22 जनवरी को फांसी की सजा मिलनी थी लेकिन मुकेश की दया याचिका के कारण टल गई।

तिहाड़ जेल (Tihar Jail) के नियमानुसार, किसी एक ही अपराध के अगर एक से ज्यादा दोषी हो तो किसी को भी तब तक फांसी (hanging) पर नहीं लटकाया जा सकता जब तक कि आखिरी दोषी दया याचिका समेत अपने सभी कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर लेता।

विनय शर्मा ने राष्ट्रति को भेजी अपनी दया याचिका में एक और याचिका दाखिल की (Nirbhaya case: 4th convict Vinay Sharma files mercy plea) है।

इसमें उसने अपने वकील एपी सिंह के द्वारा गुहार लगाई है कि वो अपनी आपबीती राष्ट्रपति को बताना चाहता है।

विनय ने अपनी अर्जी में कहा है कि वह राष्ट्रपति को बताना चाहता है कि जेल में सजा के दौरान उसका कितना मानसिक उत्पीड़न हुआ है।

अपराधी विनय शर्मा (Vinay Sharma) ने अपनी याचिका में कहा है कि राष्ट्रपति को जो भी समय उचित लगे वे उसे बता दें, जिससे कि उसके वकील एपी सिंह उसका पक्ष मौखिक तौर पर राष्ट्रपति के सामने रख दें।

दोषी विनय शर्मा ने अपनी याचिका में कहा है कि वो जीना नहीं चाहता था लेकिन जब उसके माता-पिता जेल में मिलने आएं और उससे कहा कि बेटा हम तुम्हें देखकर जिंदा है तो मैंने मरने का ख्याल छोड़ दिया।

विनय ने याचिका में बताया कि मेरे माता-पिता ने कहा है कि तू हमारे लिए जिंदा रह।

 

 

 

Nirbhaya case: RamNath Kovind rejects mercy petition Akshay Kumar Singh

 

 

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