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भोलेनाथ की हुई कृपा, उत्तराखंड के झरनों से निकल रहा है सोना

बेंगलुरू, 30 मार्च :  भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के वैज्ञानिकों ने उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के कुछ हिस्सों में सोना मिश्रित तांबा खनिजकरण की व्यापक पैमाने पर खोज की है। 

करेंट साइंस जनरल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, “आधार शैल तथा झरनों के तलछट से क्रमश: 475 पीपीबी (पार्ट्स पर बिलियन) तथा 1.42 पीपीएम (पार्ट्स पर बिलियन) सोने के नमूने इकट्ठा किए गए हैं।”

उत्तराखंड का ये हिस्से लेसर हिमालय के नाम से जाने जाते हैं, जो उत्तर की तरफ से मेन सेंट्रल थ्रस्ट तथा दक्षिण की तरफ से नॉर्थ अल्मोड़ा थ्रस्ट के बीचोबीच स्थित हैं।

जीएसआई के वैज्ञानिकों ने उत्तराखंड के लामेरी-कोटेश्वर इलाके से 355 नमूने एकत्रित किए। सोना तथा आधार धातु का लखनऊ के जीएसआई के केमिकल डिवीजन में विश्लेषण किया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, “विभिन्न नमूनों के एक्स-रे अध्ययन में सोने के साथ-साथ चाल्कोपाइराइट, पाइराइट, स्फालेराइट तथा गैलेना होने के संकेत मिले। रुद्रप्रयाग इलाके में सोना पाए जाने की यह पहली घटना है।”

रिपोर्ट के मुताबिक, जिन इलाकों में सोना पाया गया है, वह रुद्रप्रयाग कस्बे के आसपास मंदाकिनी नदी घाटी में हैं। 

जीएसआई के मुताबिक, मौजूदा वक्त में सोने का उत्पादन तीन खदानों -कर्नाटक के हुत्ती, ऊटी तथा हिराबुद्दनी में- होता है। इसके अलावा, राजस्थान के खेतरी तथा झारखंड के मोसाबनी, सिंहभूम तथा कुंद्रेकोचा में धातु सल्फाइड से उपोत्पाद (बाई-प्रोडक्ट) के रूप में सोने का उत्पादन होता है। 

–आईएएनएस

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