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INDIA Bloc Rally 2026: रामलीला मैदान में विपक्ष की महारैली खत्म, खड़गे की CEC को चेतावनी से ममता-अखिलेश के बयान तक जानें 15 बड़ी बातें
नई दिल्ली, 1 नवंबर 2026: दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को INDIA ब्लॉक की बहुप्रतीक्षित महारैली और ‘चलो दिल्ली’ मार्च का आयोजन हुआ।
INDIA Bloc Rally 2026 कांग्रेस समेत विपक्षी गठबंधन के कई बड़े नेता इस प्रदर्शन में शामिल हुए। रैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर उठाए गए सवाल, कथित ‘वोट चोरी’ के आरोप और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग रहा।
सुबह से ही दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की आवाजाही शुरू हो गई थी। दोपहर में मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक निकले मार्च में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव सहित कई प्रमुख नेता दिखाई दिए। INDIA Bloc Rally 2026 रामलीला मैदान में नेताओं ने अपने भाषणों के जरिए चुनावी प्रक्रिया, मतदाता अधिकार और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दे उठाए।
इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का CEC को लेकर दिया गया बयान, ममता बनर्जी का तीखा हमला, अखिलेश यादव का ‘परिवर्तन’ वाला संदेश और तेजस्वी यादव की महाभारत से जुड़ी टिप्पणी खास चर्चा में रही। दूसरी ओर, बीजेपी ने भी रैली के समय और उसके राजनीतिक उद्देश्य पर सवाल उठाए।
आइए जानते हैं INDIA Bloc Rally 2026 की 15 बड़ी बातें, किस नेता ने क्या कहा और दिल्ली की राजनीति में इस प्रदर्शन के क्या मायने निकाले जा रहे हैं।
1. रामलीला मैदान में INDIA Bloc Rally 2026, SIR और वोटर लिस्ट बना मुख्य मुद्दा
INDIA ब्लॉक ने इस महारैली को मतदाता अधिकार और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े सवालों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का मंच बनाया। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision यानी SIR) के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका है।
विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी का सीधा असर नागरिकों के मतदान के अधिकार पर पड़ सकता है। इसी मुद्दे को लेकर गठबंधन ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ का नारा दिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
INDIA Bloc Rally 2026 हालांकि, चुनाव आयोग और सरकार की ओर से विपक्ष के राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया गया है। चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण पात्र और अपात्र प्रविष्टियों की पहचान करने की प्रक्रिया है तथा जिन पात्र मतदाताओं के नाम छूट गए हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा नाम जुड़वाने का अनुरोध कर सकते हैं।
2. राहुल गांधी के नेतृत्व में निकला ‘चलो दिल्ली’ मार्च
INDIA Bloc Rally 2026 रैली से पहले INDIA ब्लॉक के वरिष्ठ नेताओं ने मिंटो रोड से रामलीला मैदान की ओर मार्च किया। इस मार्च को ‘चलो दिल्ली’ नाम दिया गया था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेता खुले वाहन में मार्च के लिए निकले।
मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, RJD नेता तेजस्वी यादव और अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए। इनके साथ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक भी दिखाई दिए।
मार्च के दौरान समर्थकों के हाथों में अलग-अलग दलों के झंडे, तिरंगे और ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ जैसे संदेश लिखे पोस्टर थे। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक समर्थकों की भीड़ और नेताओं के खुले वाहन से पहुंचने की तस्वीरें सामने आईं।
3. मल्लिकार्जुन खड़गे का CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर तीखा बयान
रैली के सबसे चर्चित बयानों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का भाषण शामिल रहा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि विपक्ष का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक वे पद से नहीं हटते।
INDIA Bloc Rally 2026 खड़गे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सत्तारूढ़ बीजेपी के पक्ष में काम कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी विपक्षी दलों तथा मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
अपने भाषण में खड़गे ने बेहद तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो विपक्ष CEC को जमीन से खोदकर भी बाहर निकाल देगा। यह बयान रैली के बाद मीडिया की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहा।
खड़गे ने समर्थकों से एकजुट होकर कथित वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विपक्ष संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
4. ममता बनर्जी ने CEC पर साधा निशाना, पूछा- Gyanesh, कब जाओगे?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी रामलीला मैदान से चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया से पश्चिम बंगाल प्रभावित हो रहा है।
ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल इस प्रक्रिया के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लेते हुए सवाल किया, “Gyanesh, when will you vanish?”
ममता ने अपने भाषण में बीजेपी पर लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने युवाओं के रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा और राजनीतिक चंदे जैसे मुद्दों को भी उठाया।
उनके भाषण का संदेश यह था कि विपक्ष SIR के मुद्दे को केवल एक राज्य तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि इसे देशभर में मतदाता अधिकारों से जोड़कर उठाएगा।
5. अखिलेश यादव बोले- रामलीला मैदान लोकतंत्र का हल्दीघाटी बन गया
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने भाषण में रामलीला मैदान की तुलना लोकतंत्र की लड़ाई के मैदान से की। उन्होंने कहा कि यह मैदान आज लोकतंत्र का हल्दीघाटी बन गया है।
INDIA Bloc Rally 2026 अखिलेश यादव ने कहा कि जनता का समर्थन और परिवर्तन के नारे इस बात का संकेत हैं कि राजनीतिक बदलाव कभी भी आ सकता है। उन्होंने बीजेपी पर चुनाव आयोग के इस्तेमाल और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाए।
उत्तर प्रदेश की राजनीति का जिक्र करते हुए अखिलेश ने 2027 के विधानसभा चुनावों की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता राजनीतिक स्वागत के साथ विदाई देना भी जानती है।
उनके भाषण में 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और विपक्षी एकजुटता का संदेश प्रमुख रहा।
6. तेजस्वी यादव ने महाभारत का उदाहरण देकर उठाए सवाल INDIA Bloc Rally 2026
RJD नेता तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में महाभारत का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में आज वोट चुराने वालों के खिलाफ महाभारत आयोजित हो रही है।
तेजस्वी ने सत्ता पक्ष पर चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर के आरोप लगाए। उन्होंने महाभारत के शकुनि और पासे के खेल का उल्लेख करते हुए कहा कि महाभारत की शुरुआत युद्ध के मैदान से नहीं, बल्कि पासे के खेल से हुई थी।
उनकी इस टिप्पणी का संदर्भ चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों से था। तेजस्वी ने विपक्षी दलों से एकजुट होकर इस मुद्दे पर लड़ाई जारी रखने की बात कही।
7. राहुल गांधी ने दिल्ली के व्यापारियों को लेकर भी दिया संदेश
रैली से पहले राहुल गांधी ने दिल्ली आने वाले समर्थकों से स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यापारियों से खरीदारी करने की अपील की थी।
उनकी अपील ऐसे समय आई जब दिल्ली के कुछ व्यापारिक संगठनों ने त्योहारों के मौसम में बड़ी राजनीतिक रैली के कारण कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई थी।
राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली आने वाले लोग केवल प्रदर्शन में शामिल न हों, बल्कि स्थानीय बाजारों और छोटे दुकानदारों से सामान भी खरीदें। उनका तर्क था कि इससे त्योहारों के समय व्यापारियों को मदद मिल सकती है।
INDIA Bloc Rally 2026 मार्च के दौरान राहुल गांधी ने कनॉट प्लेस में दुकानों के बंद होने को लेकर बीजेपी पर आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि दुकानों को जबरन बंद कराया गया। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में स्पष्ट नहीं हुई है।
8. प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी और विपक्ष के कई बड़े नेता हुए शामिल
रामलीला मैदान की रैली में कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
- सोनिया गांधी
- राहुल गांधी
- प्रियंका गांधी वाड्रा
- मल्लिकार्जुन खड़गे
- अखिलेश यादव
- ममता बनर्जी
- तेजस्वी यादव
- अभिषेक बनर्जी
- एमए बेबी
- डी राजा
- दीपांकर भट्टाचार्य
- हेमंत सोरेन
- रेवंत रेड्डी
INDIA Bloc Rally 2026 इन नेताओं की मौजूदगी ने रैली को राष्ट्रीय राजनीति का महत्वपूर्ण कार्यक्रम बना दिया। अलग-अलग राज्यों के दलों के नेताओं ने अपने भाषणों में SIR, मतदाता अधिकार और चुनावी पारदर्शिता जैसे मुद्दे उठाए।

9. ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ बना रैली का प्रमुख नारा
रैली में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ का नारा प्रमुखता से दिखाई दिया। विपक्षी कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ पोस्टर और बैनर लेकर प्रदर्शन किया।
INDIA Bloc Rally 2026 का कहना है कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटना गंभीर चिंता का विषय है।
विपक्ष ने SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूची की जांच और मतदाताओं की शिकायतों के समाधान की मांग की। इसके साथ ही CEC के इस्तीफे की मांग को भी आंदोलन का केंद्रीय मुद्दा बनाया गया।
10. EVM की जगह बैलेट पेपर की मांग भी उठी
रैली से जुड़े प्रदर्शनों में चुनावी सुधारों की मांग भी सामने आई। विपक्ष की ओर से EVM के स्थान पर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग उठाई गई।
विपक्षी नेताओं का तर्क है कि चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। उनका कहना है कि मतदान प्रणाली को लेकर उठने वाले सवालों का पारदर्शी और विश्वसनीय समाधान होना चाहिए।
यह मांग विपक्ष के व्यापक चुनावी सुधार अभियान का हिस्सा रही। हालांकि, EVM को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों और चुनाव आयोग के बीच पहले से ही मतभेद रहे हैं।
11. 250 से अधिक विपक्षी सांसदों के प्रतीकात्मक ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ के बाद हुई रैली
INDIA Bloc Rally 2026 रामलीला मैदान की महारैली से एक दिन पहले, 31 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक प्रतीकात्मक ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
रिपोर्टों के मुताबिक, इस कार्यक्रम में लगभग 250 विपक्षी सांसदों ने हिस्सा लिया। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने इसकी अध्यक्षता की और विपक्ष की ओर से एक प्रस्ताव पारित किया गया।
इस कार्यक्रम में CEC पर चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची में नाम हटाए जाने से जुड़े आरोप लगाए गए। राहुल गांधी ने भी इस कार्यक्रम में अपनी बात रखी।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह विपक्ष द्वारा आयोजित एक प्रतीकात्मक राजनीतिक कार्यक्रम था। यह संविधान के तहत होने वाली कोई औपचारिक महाभियोग प्रक्रिया नहीं थी और इससे CEC को पद से हटाने की कोई संवैधानिक कार्रवाई अपने आप नहीं हुई।
12. बीजेपी ने भी किया पलटवार, जेपी नड्डा ने रैली को बताया राजनीतिक ड्रामा
INDIA ब्लॉक की महारैली के बीच बीजेपी की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी तथा विपक्षी दलों पर निशाना साधा।
नड्डा ने रैली को ‘ऑर्केस्ट्रेटेड ड्रामा’ बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाकर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना चाहता है।
INDIA Bloc Rally 2026 उन्होंने रैली के आयोजन की तारीख पर भी सवाल उठाया। नड्डा ने कहा कि 1 नवंबर 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी है और इस तारीख पर कांग्रेस की राजनीतिक रैली आयोजित करना सिख समुदाय की भावनाओं के प्रति असंवेदनशीलता है।
नड्डा ने व्यापारियों को होने वाले संभावित नुकसान और दिल्ली में अव्यवस्था की आशंका का भी मुद्दा उठाया। इस तरह रैली के दौरान विपक्ष और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहा।
13. बीजेपी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी का मुद्दा उठाया
रैली के दिन की तारीख को लेकर भी राजनीतिक विवाद सामने आया। बीजेपी नेताओं ने कहा कि 1 नवंबर 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी के दिन कांग्रेस की अगुवाई में राजनीतिक प्रदर्शन आयोजित करना उचित नहीं था।
बीजेपी ने कांग्रेस से 1984 की हिंसा को लेकर जवाब मांगा और कहा कि इस दिन को पीड़ित परिवारों की स्मृति और संवेदनाओं के सम्मान के रूप में देखा जाना चाहिए।
INDIA Bloc Rally 2026 वहीं कांग्रेस और विपक्षी नेताओं ने बीजेपी की इस आलोचना का विरोध किया और आरोप लगाया कि सिख समुदाय के मुद्दे को मौजूदा राजनीतिक प्रदर्शन से जोड़कर मूल मुद्दे से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है।
इस विवाद ने रैली के राजनीतिक विमर्श को और व्यापक बना दिया।
14. दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, हजारों पुलिसकर्मी रहे तैनात
रामलीला मैदान और मध्य दिल्ली में रैली को देखते हुए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती की तैयारी की गई थी।
रामलीला मैदान को अलग-अलग सुरक्षा जोन में बांटा गया था। निगरानी के लिए CCTV कैमरे, ड्रोन और अन्य सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया गया।
ITO, दिल्ली गेट, राजघाट, अजमेरी गेट और तुर्कमान गेट जैसे इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था की गई थी। बहादुर शाह जफर मार्ग, जवाहरलाल नेहरू मार्ग और मिंटो रोड के आसपास वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई थी।
रैली के दौरान एंबुलेंस और आपातकालीन वाहनों के आवागमन को बनाए रखने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई।
15. भीड़ को लेकर आयोजकों और पुलिस के अनुमान में बड़ा अंतर
रैली से पहले आयोजकों ने 10 लाख तक लोगों के आने की उम्मीद जताई थी। INDIA Bloc Rally 2026 वहीं दिल्ली पुलिस का अनुमान लगभग 50 हजार लोगों का बताया गया था।
रामलीला मैदान की क्षमता भीड़ प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण थी। अधिकारियों के मुताबिक, खाली मैदान में लगभग 45 से 50 हजार लोगों के समाने की क्षमता हो सकती है, लेकिन कुर्सियों, मंच, सुरक्षा घेरों और रास्तों की व्यवस्था के बाद उपयोगी क्षमता घटकर लगभग 30 से 40 हजार रह सकती है।
रैली के दौरान विभिन्न मीडिया संस्थानों ने हजारों समर्थकों के जुटने और मार्च के रास्ते में बड़ी भीड़ की तस्वीरें प्रकाशित कीं। हालांकि, आयोजकों के 10 लाख के अनुमान को वास्तविक उपस्थिति का प्रमाण नहीं माना जा सकता। अंतिम और सत्यापित उपस्थिति का कोई एक आधिकारिक आंकड़ा सामने आए बिना भीड़ की सटीक संख्या बताना उचित नहीं होगा।
SIR क्या है और INDIA ब्लॉक इसका विरोध क्यों कर रहा है?
SIR का पूरा नाम Special Intensive Revision यानी विशेष गहन पुनरीक्षण है। यह मतदाता सूची की विस्तृत जांच और संशोधन की प्रक्रिया है।
INDIA Bloc Rally 2026 इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना, पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करना और मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट या अन्य कारणों से अपात्र हो चुके नामों की पहचान करना है।
विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम भी हट सकते हैं। विपक्षी दलों ने विशेष रूप से गरीब, प्रवासी, अल्पसंख्यक और कमजोर वर्गों के मतदाताओं के अधिकारों को लेकर चिंता जताई है।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को सही और अद्यतन रखना जरूरी है। आयोग ने राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है और पात्र मतदाताओं के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम जुड़वाने का रास्ता उपलब्ध होने की बात कही है।
INDIA Bloc Rally 2026 इसलिए SIR को लेकर असली बहस दो प्रमुख सवालों पर केंद्रित है:
- क्या पुनरीक्षण प्रक्रिया में सभी पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रह रहे हैं?
- जिन लोगों के नाम हटे हैं, उन्हें शिकायत और पुनः नामांकन का आसान तथा पारदर्शी अवसर मिल रहा है या नहीं?
क्या INDIA ब्लॉक की रैली से चुनावी राजनीति में नया मोड़ आएगा?
रामलीला मैदान की महारैली ने विपक्ष को एक साझा मंच पर चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठाने का अवसर दिया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं की मौजूदगी ने गठबंधन की एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की।
इस प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी रहा कि विपक्ष ने SIR के मुद्दे को केवल चुनाव आयोग या मतदाता सूची तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों से जोड़कर प्रस्तुत किया।
हालांकि, किसी एक रैली से चुनावी नतीजों या राजनीतिक भविष्य का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। रैली का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि विपक्ष आगे इस मुद्दे को किस तरह उठाता है, चुनाव आयोग की ओर से क्या जवाब और कार्रवाई होती है तथा मतदाताओं की शिकायतों का समाधान किस तरह किया जाता है।
निष्कर्ष: रामलीला मैदान से विपक्ष ने दिया चुनावी पारदर्शिता का संदेश
1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई INDIA ब्लॉक की महारैली कई मायनों में महत्वपूर्ण रही। विपक्ष ने SIR, कथित वोट चोरी, मतदाता सूची में नाम हटाए जाने की आशंका और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से उठाया।
मल्लिकार्जुन खड़गे के तीखे बयान, ममता बनर्जी का हमला, अखिलेश यादव का परिवर्तन वाला संदेश और तेजस्वी यादव की महाभारत वाली टिप्पणी रैली की प्रमुख राजनीतिक सुर्खियां बनीं। वहीं बीजेपी ने रैली के उद्देश्य, तारीख और संभावित आर्थिक प्रभाव पर सवाल उठाए।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि INDIA ब्लॉक इस प्रदर्शन के बाद अपनी मांगों को लेकर क्या अगला कदम उठाता है और चुनाव आयोग तथा केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर आगे क्या प्रतिक्रिया आती है।
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