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Monday Thoughts: कभी उन चीजों के बारे में न सोचें; जो…

भगवान से प्रार्थना करने के बाद भी हमें नहीं मिली; बल्कि उन अनगिनत चीजों को देखें; जो बिना प्रार्थना के भगवान ने हमें प्रदान की हैं।

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कभी उन चीजों के बारे में न सोचें;
जो भगवान से प्रार्थना करने के बाद भी हमें नहीं मिली;
बल्कि उन अनगिनत चीजों को देखें;
जो बिना प्रार्थना के भगवान ने हमें प्रदान की हैं।

 

 

जीवन शतरंज के खेल की तरह है और 
यह खेल आप ईश्वर के साथ खेल रहे हैं. 
आपकी हर चाल के बाद, 
अगली चाल वो चलता है. 
आपकी चाल आपकी “पसंद” कहलाती है और..
उसकी चाल “परिणाम” ।

 

 

 

दूसरों की परेशानी का आनंद न लें,
कहीं भगवान आपको वह गिफ्ट न कर दें,
क्‍योंकि भगवान वही देता हैं,जिसमें आपको आनंद मिलता है।

 

 

 

बीज की यात्रा वृक्ष तक है,
नदी की यात्रा सागर तक है,
और…
मनुष्य की यात्रा परमात्मा तक..
संसार में जो कुछ भी हो रहा है वह सब ईश्वरीय विधान है,….
हम और आप तो केवल निमित्त मात्र हैं,
इसीलिये कभी भी ये भ्रम न पालें कि…
मै न होता तो क्या होता…!!

 

 

 

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Dropadi Kanojiya

द्रोपदी कनौजिया पेशे से टीचर रही है लेकिन अपने लेखन में रुचि के चलते समयधारा के साथ शुरू से ही जुड़ी है। शांत,सौम्य स्वभाव की द्रोपदी कनौजिया की मुख्य रूचि दार्शनिक,धार्मिक लेखन की ओर ज्यादा है।

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