
BRICS Summit 2026 : दिल्ली में Putin-Xi की एंट्री से पहले हाई अलर्ट, 300 KM तक एयरस्पेस पर कड़े प्रतिबंध
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली इस समय दुनिया के सबसे बड़े कूटनीतिक आयोजनों में से एक की मेजबानी कर रही है।
BRICS Summit 2026 के लिए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ाया गया है। रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin दिल्ली पहुंच चुके हैं, जबकि चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के 12 सितंबर को भारत पहुंचने की तैयारी है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi की मेजबानी में होने वाला 18वां BRICS शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है।
BRICS Summit 2026 11 देश, एक मंच और भारत की बड़ी परीक्षा! BRICS Summit 2026 में क्या होगा?
इस हाई-प्रोफाइल आयोजन के कारण दिल्ली और आसपास के इलाकों में सुरक्षा, ट्रैफिक और हवाई गतिविधियों पर कड़े नियंत्रण लागू किए गए हैं। खास तौर पर 11 से 13 सितंबर के बीच दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में गैर-निर्धारित उड़ानों पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह कदम VVIP movement और summit से जुड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
लेकिन सवाल यह है कि आखिर दिल्ली को इतने बड़े सुरक्षा घेरे में क्यों रखा गया है? Putin और Xi की मौजूदगी भारत के लिए कितनी महत्वपूर्ण है? 300 KM का एयरस्पेस प्रतिबंध वास्तव में क्या है? दिल्ली में आम लोगों के लिए क्या बदलेगा? और इस BRICS Summit में मोदी-Putin-Xi की मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजर क्यों है?
आइए समझते हैं पूरी कहानी।
BRICS Summit 2026 आखिर इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
BRICS अब केवल पांच देशों का समूह नहीं रह गया है। इसके विस्तार के बाद समूह में 11 सदस्य देश शामिल हैं और यह दुनिया की बड़ी आबादी, ऊर्जा संसाधनों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के एक महत्वपूर्ण हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। 2026 में भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और नई दिल्ली में होने वाला यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया के संघर्ष, ऊर्जा संकट और अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा जैसी कई बड़ी भू-राजनीतिक चुनौतियों से गुजर रही है।
यही कारण है कि दिल्ली में होने वाले इस सम्मेलन को केवल एक कूटनीतिक बैठक के तौर पर नहीं देखा जा रहा। इसके दौरान वैश्विक व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, विकास, वित्तीय सहयोग, तकनीक और बदलती विश्व व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
भारत के लिए यह सम्मेलन इसलिए भी अहम है क्योंकि नई दिल्ली को एक साथ रूस, चीन, ईरान और अन्य BRICS देशों के साथ संवाद करना है, जबकि भारत के अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ भी महत्वपूर्ण रणनीतिक संबंध हैं।

Putin दिल्ली पहुंचे, Xi की एंट्री पर नजर
BRICS Summit 2026 रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS Summit में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच चुके हैं। भारत और रूस के बीच लंबे समय से रणनीतिक संबंध रहे हैं और दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, व्यापार और अन्य क्षेत्रों में सहयोग है। प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन के बीच BRICS Summit के दौरान द्विपक्षीय बातचीत भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। (Press Information Bureau)
दूसरी ओर, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 सितंबर को दिल्ली पहुंचेंगे। चीन के विदेश मंत्रालय ने उनके भारत दौरे की पुष्टि की है। यह दौरा इसलिए खास है क्योंकि 2020 के सीमा विवाद के बाद यह जिनपिंग का भारत का पहला दौरा है। (China Foreign Affairs)
यानी एक ही मंच पर Modi-Putin-Xi की मौजूदगी इस BRICS Summit को खास राजनीतिक महत्व दे रही है।
मोदी-Xi मुलाकात पर क्यों टिकी हैं निगाहें?
भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में तनाव रहा है। 2020 के सीमा संघर्ष के बाद दोनों देशों के संबंधों में विश्वास की कमी बनी रही। हालांकि हाल के समय में दोनों पक्षों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में कुछ कदम उठे हैं।
ऐसे में शी जिनपिंग का दिल्ली आना केवल BRICS के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं है। दुनिया यह भी देख रही है कि मोदी और Xi की मुलाकात में सीमा विवाद, व्यापार, निवेश और द्विपक्षीय संबंधों को लेकर क्या संदेश निकलता है।
Reuters के अनुसार, Xi का भारत दौरा दोनों देशों के बीच हालिया राजनयिक सुधार को आगे बढ़ाने का अवसर हो सकता है, हालांकि आर्थिक संबंधों में अभी भी कई बाधाएं और आपसी संदेह मौजूद हैं।
300 KM एयरस्पेस प्रतिबंध का मतलब क्या है?
BRICS Summit 2026 की सुरक्षा को देखते हुए दिल्ली के आसपास हवाई गतिविधियों पर विशेष प्रतिबंध लगाए गए हैं।
11 सितंबर सुबह 7 बजे से 13 सितंबर रात 11 बजे तक दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में गैर-निर्धारित उड़ानों के संचालन पर रोक रहेगी। इसके लिए NOTAM यानी Notice to Airmen जारी किया गया है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि इस पूरे 300 KM क्षेत्र में हर तरह की उड़ान पूरी तरह बंद हो जाएगी।
किन उड़ानों को अनुमति है?
| उड़ान का प्रकार | स्थिति |
|---|---|
| नियमित निर्धारित यात्री उड़ानें | अनुमति |
| BRICS नेताओं की विशेष उड़ानें | पूर्व अनुमति के साथ |
| संबंधित अधिकृत उड़ानें | अनुमति |
| भारतीय वायुसेना की उड़ानें | अनुमति |
| BSF/ARC की अधिकृत उड़ानें | अनुमति |
| आपातकालीन/मेडिकल हेलीकॉप्टर | निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत |
| गैर-निर्धारित सामान्य उड़ानें | प्रतिबंधित |
| बिना अनुमति UAV/ड्रोन गतिविधियां | प्रतिबंधित |
सामान्य निर्धारित उड़ानों के लिए भी विशेष ऊंचाई संबंधी नियम लागू किए गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक दिल्ली से 200 KM की दूरी के भीतर विमान को निर्धारित ऊंचाई व्यवस्था का पालन करना होगा।
Safdarjung Airport और Rohini Helipad पर भी पाबंदी
BRICS Summit 2026 सुरक्षा व्यवस्था केवल आसमान तक सीमित नहीं है। विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत Safdarjung Airport के संचालन पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, हालांकि कुछ अधिकृत आपातकालीन और VIP गतिविधियों के लिए अपवाद रखे गए हैं।
वहीं Rohini Helipad को पूरी तरह बंद रखने की व्यवस्था की गई है।
इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि VVIP movement के दौरान कोई अनधिकृत हवाई गतिविधि सुरक्षा जोखिम न पैदा करे।
दिल्ली में कितने सुरक्षाकर्मी तैनात?
BRICS Summit 2026 के लिए राजधानी में सुरक्षा का बड़ा नेटवर्क तैयार किया गया है। Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक करीब 25,000 पुलिसकर्मी, 100 से अधिक NSG कमांडो, एंटी-ड्रोन सिस्टम और कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है।
कुछ अन्य रिपोर्टों में सुरक्षा व्यवस्था में करीब 30,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का उल्लेख किया गया है, जिसमें दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री बल शामिल हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के प्रमुख हिस्से हैं:
- NSG कमांडो
- दिल्ली पुलिस
- SWAT टीमें
- पैरामिलिट्री बल
- एंटी-ड्रोन सिस्टम
- CCTV निगरानी
- VVIP कारकेड सुरक्षा
- होटल सुरक्षा
- रूट सैनिटाइजेशन
- इंटेलिजेंस और सुरक्षा एजेंसियों का समन्वय
Putin और Xi के होटल भी बने हाई-सिक्योरिटी जोन
BRICS Summit 2026 में शामिल होने वाले शीर्ष नेताओं के लिए दिल्ली के अलग-अलग होटलों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
रिपोर्टों के अनुसार Putin और Xi के लिए अलग होटल निर्धारित किए गए हैं और दोनों देशों की सुरक्षा टीमें पहले से दिल्ली पहुंच चुकी हैं। होटल के कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच की गई है और सुरक्षा केवल होटल के कमरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छतों, प्रवेश द्वारों और आसपास के क्षेत्रों तक फैलाई गई है।
कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि विदेशी सुरक्षा दल अपने विशेष सुरक्षा उपकरण और वाहनों के साथ पहुंचे हैं।
यह व्यवस्था इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी भी VVIP नेता की सुरक्षा में केवल होटल ही नहीं, बल्कि एयरपोर्ट से होटल और होटल से summit venue तक पूरा route सुरक्षित करना पड़ता है।
दिल्ली में ट्रैफिक पर भी बड़ा असर
BRICS Summit 2026 का असर दिल्ली की सड़कों पर भी दिखाई दे रहा है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 11 से 13 सितंबर के लिए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। कई इलाकों में controlled movement, route diversions और VVIP कारकेड के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। (Delhi Traffic Police)
रिपोर्टों के अनुसार ट्रैफिक पुलिस ने 22 diversion points तैयार किए हैं और प्रमुख मार्गों के लिए अलग-अलग रूट प्लान बनाए गए हैं।
इसलिए दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए इन दिनों सड़क से यात्रा करने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी देखना बेहद जरूरी है।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
BRICS Summit का सबसे सीधा असर दिल्ली के आम लोगों की आवाजाही पर पड़ सकता है।
VVIP movement के दौरान कुछ सड़कों पर अचानक ट्रैफिक रोका या डायवर्ट किया जा सकता है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और नई दिल्ली के प्रमुख इलाकों की ओर जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है।
ऐसे समय में:
मेट्रो सबसे सुविधाजनक विकल्प हो सकती है।
विशेषकर उन लोगों के लिए जिन्हें नई दिल्ली, मध्य दिल्ली या summit से जुड़े इलाकों के आसपास जाना है, उन्हें अपनी यात्रा पहले से प्लान करनी चाहिए।
BRICS Summit के दौरान स्कूल और ऑफिस भी प्रभावित
BRICS Summit 2026 सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली में कुछ दिनों के लिए सार्वजनिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। प्रशासन ने सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और अन्य संस्थानों के संचालन को लेकर विशेष व्यवस्था की है।
इसका उद्देश्य केवल ट्रैफिक कम करना नहीं है। VVIP movement के दौरान सड़कों पर सामान्य भीड़ कम रहने से सुरक्षा एजेंसियों के लिए route management आसान होता है।
यह व्यवस्था दिल्ली में 2023 G20 Summit के दौरान अपनाए गए मॉडल की भी याद दिलाती है, जब राजधानी के कई हिस्सों में बड़े स्तर पर प्रतिबंध लगाए गए थे।
BRICS Summit 2026 में इस बार कौन-कौन से बड़े मुद्दे?
सुरक्षा के अलावा summit के अंदर होने वाली बातचीत भी दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
1. वैश्विक शांति और युद्ध
यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्ष BRICS देशों के लिए बड़ी चुनौती हैं। अलग-अलग सदस्य देशों के अपने रणनीतिक हित हैं, इसलिए संयुक्त बयान तैयार करना आसान नहीं होगा।
2. ऊर्जा सुरक्षा
पश्चिम एशिया में तनाव और Strait of Hormuz से जुड़े संकट के कारण तेल की कीमतों और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव है। ऐसे समय में भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देश के लिए ऊर्जा सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है।
3. डॉलर पर निर्भरता कम करने की चर्चा
BRICS के भीतर स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और वैकल्पिक वित्तीय व्यवस्था को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। हालांकि अलग-अलग देशों की आर्थिक नीतियां और वित्तीय प्रणालियां अलग होने के कारण इसे लागू करना आसान नहीं है। (Financial Times)
4. व्यापार और निवेश
भारत और चीन के बीच व्यापारिक रिश्तों में बड़ा असंतुलन है। वहीं रूस के साथ भारत का ऊर्जा और रक्षा सहयोग महत्वपूर्ण है। BRICS मंच इन रिश्तों को व्यापक आर्थिक सहयोग से जोड़ने का अवसर देता है।
5. Global South की आवाज
भारत BRICS को Global South के देशों की आवाज मजबूत करने वाले मंच के रूप में भी देखता है। विकासशील देशों के लिए वित्त, तकनीक, ऊर्जा और विकास के अवसर summit के महत्वपूर्ण विषय हो सकते हैं।
मोदी-Putin-Xi की एक साथ मौजूदगी का संदेश
BRICS Summit 2026 की सबसे बड़ी तस्वीरों में से एक होगी—भारत के प्रधानमंत्री मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति Putin और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping की मौजूदगी।
तीनों देशों के बीच संबंधों की प्रकृति अलग-अलग है।
| देश | भारत के लिए प्रमुख महत्व |
|---|---|
| रूस | रक्षा, ऊर्जा, परमाणु और रणनीतिक सहयोग |
| चीन | व्यापार, सीमा और क्षेत्रीय सुरक्षा |
| भारत | BRICS की 2026 अध्यक्षता और Global South एजेंडा |
भारत की चुनौती यही है कि वह BRICS के भीतर रूस और चीन के साथ काम करते हुए अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को बनाए रखे।
BRICS Summit 2026 की एकता की भी होगी परीक्षा
BRICS का विस्तार उसकी ताकत भी है और चुनौती भी।
11 सदस्य देशों में आर्थिक हित, राजनीतिक प्राथमिकताएं और विदेश नीति के दृष्टिकोण अलग-अलग हैं। ईरान और UAE के बीच मौजूदा तनाव जैसे मुद्दे समूह के लिए संयुक्त रुख तैयार करना कठिन बना सकते हैं।
इसलिए दिल्ली Summit में केवल यह नहीं देखा जाएगा कि BRICS क्या घोषणा करता है, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि अलग-अलग हितों वाले देश किन मुद्दों पर एक साथ खड़े हो पाते हैं।
क्या BRICS पश्चिम के खिलाफ नया ब्लॉक बन रहा है?
यह सवाल लगातार उठता रहा है, लेकिन BRICS को सीधे-सीधे NATO जैसे सैन्य गठबंधन के रूप में देखना सही नहीं होगा।
BRICS मुख्य रूप से आर्थिक और राजनीतिक सहयोग का मंच है। इसके सदस्य देशों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद भी हैं।
भारत की स्थिति भी स्पष्ट रूप से संतुलन की रही है। नई दिल्ली BRICS में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अमेरिका और यूरोप के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को भी आगे बढ़ा रहा है।
यही संतुलन भारत की विदेश नीति की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है।
दिल्ली के लिए यह Summit क्यों ऐतिहासिक है?
BRICS Summit 2026 दिल्ली पहले भी बड़े वैश्विक सम्मेलनों की मेजबानी कर चुकी है। 2023 में G20 Summit के दौरान राजधानी को इसी तरह हाई-सिक्योरिटी जोन में बदला गया था।
लेकिन 2026 का BRICS Summit कई मायनों में अलग है।
इस बार:
- BRICS का विस्तार हो चुका है।
- वैश्विक भू-राजनीति बेहद तनावपूर्ण है।
- पश्चिम एशिया में युद्ध का असर ऊर्जा बाजार पर है।
- रूस और चीन के शीर्ष नेता दिल्ली में मौजूद हैं।
- भारत और चीन के रिश्तों में सुधार की संभावनाओं पर नजर है।
- Global South की भूमिका बढ़ रही है।
यानी दिल्ली में होने वाला यह सम्मेलन सिर्फ एक बैठक नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक व्यवस्था की दिशा को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
11 से 13 सितंबर के दौरान दिल्ली में क्या ध्यान रखें?
BRICS Summit 2026 अगर आप दिल्ली या NCR में रहते हैं तो अगले कुछ दिनों में यात्रा करते समय इन बातों का ध्यान रखना बेहतर होगा:
पहला, VVIP movement वाले समय में सड़क मार्ग पर अतिरिक्त समय रखें।
दूसरा, एयरपोर्ट जाने वाले यात्री अपनी यात्रा पहले से प्लान करें।
तीसरा, मेट्रो को प्राथमिकता देना कई यात्रियों के लिए सुविधाजनक हो सकता है।
चौथा, ड्रोन या किसी भी अनधिकृत flying activity से बिल्कुल बचें।
पांचवां, सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली ट्रैफिक या सुरक्षा संबंधी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें।
छठा, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक एडवाइजरी देखकर ही यात्रा का रूट तय करें। (Delhi Traffic Police)
सबसे बड़ा सवाल: क्या मोदी-Putin-Xi की मुलाकात नई दिशा देगी?
BRICS Summit 2026 का सबसे बड़ा कूटनीतिक सवाल यही है।
Putin के साथ भारत के पारंपरिक रणनीतिक संबंध हैं। Xi के साथ भारत के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों के तनाव के बाद धीरे-धीरे सामान्य होने की कोशिश कर रहे हैं।
अगर मोदी और Xi के बीच सकारात्मक बातचीत होती है और दोनों देश सीमा तथा आर्थिक संबंधों पर आगे बढ़ने का संकेत देते हैं, तो इसका असर केवल भारत-चीन रिश्तों पर नहीं, बल्कि पूरे एशिया की रणनीतिक तस्वीर पर पड़ सकता है।
वहीं Putin के साथ ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और वैश्विक संघर्षों पर बातचीत भारत-रूस संबंधों की दिशा को आगे बढ़ा सकती है।
इसलिए दिल्ली में होने वाली हर महत्वपूर्ण बैठक पर दुनिया की नजर है।
निष्कर्ष: दिल्ली सिर्फ मेजबान नहीं, इस Summit की रणनीतिक धुरी है
BRICS Summit 2026 ऐसे समय दिल्ली में हो रहा है जब दुनिया तेजी से बदल रही है। Putin का दिल्ली पहुंचना, Xi Jinping का आगमन, Modi की मेजबानी, 300 KM के दायरे में हवाई गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध और राजधानी में हजारों सुरक्षाकर्मियों की तैनाती—ये सभी इस सम्मेलन के महत्व को दिखाते हैं।
11 से 13 सितंबर के बीच दिल्ली एक तरह से वैश्विक कूटनीति का केंद्र बनी हुई है।
हवाई प्रतिबंधों से लेकर सड़क डायवर्जन और होटल सुरक्षा तक, पूरी व्यवस्था का उद्देश्य एक ही है—दुनिया के शीर्ष नेताओं की सुरक्षित और निर्बाध मेजबानी।
लेकिन सुरक्षा से भी बड़ा सवाल summit के भीतर होने वाली बातचीत का है।
क्या मोदी-Putin-Xi की मुलाकात कोई बड़ा संदेश देगी? क्या भारत-चीन संबंधों में नई शुरुआत होगी? क्या BRICS पश्चिम एशिया और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साझा रुख बना पाएगा? और क्या भारत Global South की आवाज को और मजबूत कर पाएगा?
इन सवालों के जवाब 12 और 13 सितंबर को होने वाले BRICS Summit के दौरान सामने आएंगे।
नोट: हवाई प्रतिबंधों और VVIP movement से जुड़े नियम समय-समय पर सुरक्षा कारणों से बदले जा सकते हैं। यात्रा से पहले संबंधित सरकारी/दिल्ली ट्रैफिक एडवाइजरी की ताजा जानकारी जरूर जांचें।
❓ FAQ Schema के लिए प्रश्न-उत्तर
1. BRICS Summit 2026 कब और कहां हो रहा है?
BRICS Summit 2026 का Leaders’ Summit नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को आयोजित हो रहा है। Summit का प्रमुख venue Bharat Mandapam है।
2. BRICS Summit 2026 में Putin और Xi Jinping क्यों महत्वपूर्ण हैं?
रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping की मौजूदगी इस summit को खास बनाती है। भारत के लिए रूस के साथ रणनीतिक संबंध और चीन के साथ संबंधों में हालिया बदलाव दोनों महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।
3. BRICS Summit के दौरान दिल्ली में इतनी सुरक्षा क्यों बढ़ाई गई है?
कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और वरिष्ठ प्रतिनिधि दिल्ली पहुंच रहे हैं। VVIP movement, hotels, summit venue और प्रमुख routes की सुरक्षा के लिए multilayered security व्यवस्था की गई है। रिपोर्टों के अनुसार बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों, NSG और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
4. BRICS Summit के दौरान दिल्ली में ट्रैफिक पर क्या असर पड़ेगा?
11 से 13 सितंबर के दौरान कई प्रमुख सड़कों पर traffic regulation और diversions लागू किए गए हैं। यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने और संभव हो तो Metro का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
5. क्या BRICS Summit के कारण दिल्ली के स्कूल बंद हैं?
दिल्ली में 11 सितंबर को स्कूल और सरकारी कार्यालय बंद रखने की घोषणा की गई है। इसका संबंध summit से जुड़े security और traffic management arrangements से है।
6. BRICS Summit 2026 में किन मुद्दों पर चर्चा हो सकती है?
Summit में global security, trade, energy, financial cooperation, technology, Global South और West Asia की स्थिति जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण रह सकते हैं। मौजूदा West Asia conflict BRICS देशों के बीच साझा रुख के लिए चुनौती भी है।
7. क्या Modi और Xi Jinping की मुलाकात महत्वपूर्ण होगी?
हां। Modi-Xi मुलाकात पर विशेष नजर रहेगी क्योंकि दोनों देशों के संबंधों में 2020 के बाद तनाव रहा है और हाल के समय में संबंधों को सामान्य करने के प्रयास हुए हैं।
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