breaking_newsअन्य ताजा खबरेंदेशराजनीतिराज्यों की खबरें
Trending

महाराष्ट्र में जारी रहेगी अखबारों की बिक्री, उद्धव सरकार ने बदला फैसला

उद्धव ठाकरे (UddhavThackeray) सरकार ने शनिवार को महाराष्ट्र में अखबारों और मैगजीनों के वितरण पर प्रतिबंध का फैसला लिया था

मुंबई:UddhavThackeray government allows Newspaper distribution in Maharashtra- महाराष्ट्र में कोविड-19 (COVID-19) का आतंक चरम पर है। ऐसे में उद्धव ठाकरे (UddhavThackeray) सरकार ने शनिवार को महाराष्ट्र में अखबारों और मैगजीनों के वितरण पर प्रतिबंध का फैसला लिया था लेकिन फिर देर रात उद्धव ठाकरे सरकार को अपने फैसले को वापस लेकर सफाई देनी ही पड़ी कि महाराष्ट्र में अखबारों की बिक्री पर प्रतिबंध नहीं लगा है।

अखबारों की बिक्री स्टालों से जारी रहेगी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय (Maharashtra CMO) ने इस बारे में एक के बाद एक ट्वीट करके अपने फैसले को स्पष्ट किया कि उन्होंने प्रिंट मीडिया को डोर-टू-डोर यानि घर-घर जाकर डिलीवरी करने से बचने की सलाह मात्र दी (UddhavThackeray government allows Newspaper distribution in Maharashtra)थी।

जबकि इससे पूर्व महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Maharashtra chief minster UddhavThackeray) ने राज्य में अखबारों और मैगज़ीनों के घर-घर जाकर वितरण करने पर रोक लगाने की बात बोली थी, जिसका चौतरफा विरोध हो रहा था।

खासकर जब केंद्र सरकार और डब्ल्यूएचओ स्पष्ट कर चुके है कि अखबार या न्यूजपेपर से कोरोना संक्रमण का खतरा नहीं है।

उद्धव ठाकरे ने अखबार वितरण पर बदला फैसला,दी सफाई

उद्धव ठाकरे ने जब यह फैसला लिया कि महाराष्ट्र में अखबार वितरण पर रोक लगाई जा रही है तो हर कोई उनके फैसले से हतप्रभ था।

चूंकि WHO, डॉक्टरों, विशेषज्ञों और केंद्र के सूचना व प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी इस बात को स्पष्ट किया था कि अखबारों से कोरोना संक्रमण का कोई खतरा नहीं है और यह हर लिहाज से सुरक्षित है।

जब उद्धव ठाकरे सरकार की न्यूजपेपर पर लिए गए फैसले को लेकर आलोचना जोर पकड़ने लगी तो उन्होंने ट्वविटर पर सफाई देते हुए ट्वीट किया कि वह पूरे मन से मीडिया का समर्थन करते है और उन्हें कोरोना का सामना करने के लिए प्रिंट मीडिया के सहयोग की जरूरत (UddhavThackeray government allows Newspaper distribution in Maharashtra)है।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि- सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता। इसके लिए वे प्रिंट मीडिया के सहयोग को आवश्यक मानते है।

अखबारों के डोर-टू-डोर डिलीवरी पर प्रतिबंध को लेकर हुई आलोचनाओं पर सीएमओ ने स्पष्ट किया कि अकारण ही भ्रम उत्पन्न हो गया।

फड़नवीस ने उद्वव सरकार को घेरा

महाराष्ट्र सरकार के पूर्व फैसले पर पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने भी उद्धव ठाकरे को घेरते हुए कहा कि केंद्र सरकार 20 अप्रैल से विभिन्न प्रकार के बिजनेस फिर से शुरू करने की छूट दे रही है।

इसी आधार पर उद्धव ठाकरे सरकार ने भी अधिसूचना जारी कर दी कि टीवी, डिजिटल मीडिया व अखबारों को छूट दी जा रही है। लेकिन इस अधिसूचना में शनिवार को गलत तरीके से परिवर्तन किया गया था।

फड़नवीस ने बोला कि सरकार को फेक न्यूज (Fake News) के इस दौर में विश्वसनीय सूचना के माध्यम अखबारों के वितरण पर पांबदी नहीं लगानी चाहिये।

फेक न्यूज को रोकना सबसे बड़ी चुनौती है और अखबार सबसे कारगर तरीके से यह काम करते हैं।

गौरतलब है कि  उद्धव सरकार के पूर्व के निर्णय की महाराष्ट्र यूनियन ऑफ वर्किग जर्नलिस्ट ने आलोचना की थी और उसे मीडिया का दम घोंटने वाला बताया था।

महाराष्ट्र के मंत्रालय एवं विधिमंडल वार्ताहर (पत्रकार) संघ ने कहा है कि जब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) कह चुका है कि अखबार सुरक्षित हैं तो उनके वितरण पर प्रतिबंध समझ से परे है। 

 

 
 
UddhavThackeray government allows Newspaper distribution in Maharashtra

(इनपुट एजेंसी से भी)

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

4 × 2 =

Back to top button