
Varalakshmi Vratam 2026 Puja Muhurat जानने से पहले यह जान लें कि आखिर वरलक्ष्मी व्रतम किस दिन है। Varalakshmi Vratam 2026 शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को आंध्र प्रदेश और अन्य दक्षिण भारतीय परंपराओं में मनाया जा रहा है। इस दिन देवी वरलक्ष्मी की पूजा के लिए Sthira Lagna यानी स्थिर लग्न को विशेष महत्व दिया जाता है। Varalakshmi Vratam 2026 Puja Muhurat के लिए मान्यता है कि स्थिर लग्न में कलश स्थापना और देवी लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और स्थिरता बनी रहती है।
Varalakshmi Vratam 2026 Puja Muhurat के लिए 21 अगस्त को उपलब्ध पंचांग-आधारित गणनाओं के अनुसार पूजा के लिए कई शुभ समय बताए गए हैं। अलग-अलग शहरों में लग्न का समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता देना चाहिए।
Varalakshmi Vratam 2026 Puja Muhurat: किस समय करें पूजा?
Varalakshmi Vratam 2026 के प्रमुख पूजा मुहूर्त
Varalakshmi Vratam 2026 Puja Muhurat सुबह का Simha Lagna:
सुबह 6:53 बजे से 8:56 बजे तक
इसे घर पर Varalakshmi Puja के लिए सबसे सुविधाजनक और प्रमुख शुभ समयों में माना गया है। सुबह स्नान, घर की सफाई और कलश स्थापना के बाद इसी अवधि में मुख्य पूजा की जा सकती है।
Varalakshmi Vratam 2026 Puja Muhurat दोपहर का Vrishchika Lagna:
दोपहर 1:35 बजे से 3:54 बजे तक
यदि किसी कारण से सुबह पूजा करना संभव न हो, तो इस अवधि में भी Varalakshmi Puja की जा सकती है।
Varalakshmi Vratam 2026 Puja Muhurat शाम का Kumbha Lagna:
लगभग शाम 7:39 बजे से रात 9:05 बजे तक
यह समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह Pradosh Kaal के आसपास आता है। कुछ पंचांग-आधारित गणनाओं में शाम के इस समय को लक्ष्मी पूजा के लिए अत्यंत शुभ बताया गया है।
Varalakshmi Vratam 2026 Puja Muhurat रात का Vrishabha Lagna:
लगभग रात 12 बजे के बाद से 2 बजे के आसपास का समय भी एक स्थिर लग्न के रूप में बताया गया है, लेकिन सामान्य घरेलू पूजा के लिए इसकी आवश्यकता नहीं होती।

Varalakshmi Vratam 2026 Puja Muhurat:सबसे शुभ समय कौन-सा माना जाए?
यदि आप घर पर Varalakshmi Vratam 2026 की पूजा कर रहे हैं और सुबह समय उपलब्ध है, तो सुबह 6:53 बजे से 8:56 बजे के बीच Simha Lagna में पूजा करना एक अच्छा विकल्प माना जा सकता है।
वहीं जो परिवार शाम को पूजा करना चाहते हैं, वे अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार Kumbha Lagna और Pradosh Kaal के समय को प्राथमिकता दे सकते हैं।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये समय शहर के अनुसार बदल सकते हैं। इसलिए आंध्र प्रदेश के अलग-अलग शहरों जैसे Vijayawada, Visakhapatnam, Tirupati या अन्य स्थानों में रहने वाले श्रद्धालु स्थानीय पंचांग के अनुसार अंतिम समय तय करें।
Varalakshmi Vratam Puja Vidhi: घर पर कैसे करें पूजा?
Varalakshmi Vratam Puja Vidhi बहुत श्रद्धा और विधि-विधान से की जाती है। हालांकि अलग-अलग परिवारों और दक्षिण भारतीय परंपराओं में पूजा की विधि में थोड़ा अंतर हो सकता है।
1. सुबह स्नान और घर की सफाई
व्रत रखने वाली महिला या परिवार के सदस्य सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
इसके बाद पूरे घर और विशेष रूप से पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। पूजा स्थल के सामने रंगोली या पारंपरिक Kolam बनाया जा सकता है।
मुख्य द्वार और पूजा स्थान पर आम के पत्तों की बंदनवार लगाना भी शुभ माना जाता है।
2. पूजा के लिए चौकी तैयार करें
एक साफ चौकी या लकड़ी का पाट रखें और उस पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं।
चौकी के ऊपर चावल या अक्षत से कमल का आकार बनाया जा सकता है। इसके बाद इसी स्थान पर Varalakshmi Kalash स्थापित किया जाता है।
3. Kalash Sthapana कैसे करें?
एक साफ कलश लें।
उसमें जल, अक्षत, हल्दी, सिक्का और सुपारी जैसी पूजा सामग्री रखी जा सकती है। कलश के मुंह पर आम के पत्ते लगाएं।
इसके ऊपर नारियल रखें। कई परंपराओं में नारियल को लाल या पीले वस्त्र में लपेटकर सजाया जाता है।
कलश पर कुमकुम और हल्दी से स्वस्तिक या शुभ चिह्न बनाया जाता है।
इसके बाद कलश को देवी Varalakshmi का प्रतीक मानकर पूजा की जाती है। (Ved Panchang)
4. देवी वरलक्ष्मी का श्रृंगार करें
Varalakshmi Vratam की खास बात यह है कि कई घरों में कलश को ही देवी के सुंदर स्वरूप के रूप में सजाया जाता है।
कलश पर देवी का मुख लगाया जा सकता है और उसके चारों ओर साड़ी, फूल, हार, आभूषण और अन्य श्रृंगार सामग्री लगाई जाती है।
कुछ परिवार देवी लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करके भी पूजा करते हैं।
5. संकल्प लें
पूजा शुरू करने से पहले हाथ में थोड़ा जल, अक्षत और फूल लेकर Varalakshmi Vratam करने का संकल्प लिया जाता है।
संकल्प में अपना नाम, परिवार और देवी से की जाने वाली प्रार्थना का उल्लेख किया जा सकता है।
सरल रूप से मन में यह भावना रखें—
“मैं श्रद्धापूर्वक माता वरलक्ष्मी का व्रत और पूजन कर रही/रहा हूं। माता मेरे परिवार को स्वास्थ्य, सुख, शांति, समृद्धि और मंगल प्रदान करें।”
6. भगवान गणेश की पूजा करें
किसी भी शुभ पूजा की शुरुआत भगवान गणेश के स्मरण से करना हिंदू परंपरा में शुभ माना जाता है।
सबसे पहले गणेश जी को फूल, अक्षत, दूर्वा और नैवेद्य अर्पित करें।
इसके बाद देवी वरलक्ष्मी की पूजा शुरू करें।
7. देवी लक्ष्मी का आह्वान करें
अब देवी वरलक्ष्मी का ध्यान करें और उन्हें फूल अर्पित करें।
देवी के सामने दीपक और धूप जलाएं।
कुमकुम, हल्दी, अक्षत, फूल, फल और मिठाई अर्पित करें।
देवी लक्ष्मी को लाल या गुलाबी फूल अर्पित करना कई परिवारों में शुभ माना जाता है।
8. Varalakshmi Vratam में कौन-सा मंत्र पढ़ें?
पूजा के दौरान देवी लक्ष्मी का मंत्र जाप किया जा सकता है।
“ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः।”
इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करते हुए देवी से परिवार के कल्याण और समृद्धि की प्रार्थना करें।
इसके अलावा परिवार की परंपरा के अनुसार Lakshmi Ashtottara Shatanamavali, लक्ष्मी स्तोत्र या Varalakshmi Vratam की कथा का पाठ किया जा सकता है।
9. Varalakshmi Vratam की कथा सुनें
पूजा के दौरान Charumati और Varalakshmi Vratam की कथा सुनना महत्वपूर्ण माना जाता है।
मान्यता है कि देवी लक्ष्मी ने चारुमती को स्वप्न में दर्शन देकर इस व्रत का महत्व बताया था।
चारुमती ने देवी के निर्देश के अनुसार व्रत और पूजा की और उसके परिवार को देवी की कृपा प्राप्त हुई।
इसी कथा के कारण आज भी दक्षिण भारत के अनेक घरों में महिलाएं Varalakshmi Vratam की कथा सुनती और सुनाती हैं।
10. देवी को नैवेद्य अर्पित करें
पूजा के बाद देवी को फल, मिठाई और परिवार की परंपरा के अनुसार बनाए गए विशेष पकवानों का भोग लगाएं।
आंध्र प्रदेश और दक्षिण भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में Varalakshmi Vratam के अवसर पर अलग-अलग प्रकार के पारंपरिक नैवेद्य बनाए जाते हैं।
भोग लगाने के बाद कुछ समय के लिए उसे देवी के सामने रखें और फिर प्रसाद के रूप में परिवार के सदस्यों में बांटें।
11. आरती करें
पूजा के अंत में देवी वरलक्ष्मी की आरती करें।
आरती के दौरान परिवार के सभी सदस्य शामिल हो सकते हैं।
इसके बाद देवी से प्रार्थना करें कि—
“हे माता वरलक्ष्मी, हमारे परिवार में सुख, शांति, स्वास्थ्य, प्रेम और समृद्धि बनाए रखें। सभी सदस्यों का कल्याण करें।”
12. महिलाओं की विशेष परंपरा
Varalakshmi Vratam 2026 Puja Muhurat जानने से पहले ध्यान दें कि दक्षिण भारत में Varalakshmi Vratam के दौरान विवाहित महिलाओं के बीच हल्दी-कुमकुम, फूल, प्रसाद और अन्य मंगल सामग्री बांटने की परंपरा भी है।
कई स्थानों पर महिलाएं एक-दूसरे को घर बुलाकर पूजा में शामिल करती हैं।
इसे केवल धार्मिक रस्म नहीं बल्कि महिलाओं के बीच सामाजिक और पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने वाली परंपरा के रूप में भी देखा जाता है।
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Varalakshmi Vratam 2026 Puja Muhurat में व्रत कैसे रखें?
व्रत की परंपरा परिवार और क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकती है।
कुछ महिलाएं पूरे दिन उपवास रखती हैं, जबकि कुछ फलाहार या सात्विक भोजन करती हैं।
Fasting अनिवार्य नहीं है कि हर व्यक्ति अपनी शारीरिक क्षमता के विरुद्ध जाकर ही करे। यदि किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, गर्भावस्था है, दवा चल रही है या लंबे समय तक भूखा रहना उचित नहीं है, तो अपनी स्थिति के अनुसार भोजन करना बेहतर है।
धार्मिक पूजा का उद्देश्य श्रद्धा और संयम है, स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाना नहीं।
Varalakshmi Vratam 2026 Puja Muhurat के लिए कौन-कौन सी सामग्री चाहिए?
पूजा के लिए सामान्य रूप से ये सामग्री रखी जा सकती है:
- कलश
- नारियल
- आम के पत्ते
- जल
- अक्षत
- हल्दी
- कुमकुम
- सुपारी
- सिक्के
- फूल
- माला
- दीपक
- घी या तेल
- धूप
- कपूर
- फल
- मिठाई
- नैवेद्य
- लाल या पीला कपड़ा
- देवी के श्रृंगार की सामग्री
- साड़ी या वस्त्र
- चूड़ियां
- मंगलसूत्र/आभूषण जैसी पारंपरिक सामग्री
- पान और सुपारी
परिवार की परंपरा के अनुसार सामग्री कम या ज्यादा हो सकती है।
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Varalakshmi Vratam 2026 Puja Muhurat में एक महत्वपूर्ण बात
21 August 2026 की तारीख को लेकर Varalakshmi Vratam 2026 Puja Muhurat में इस वर्ष कुछ पंचांगों में मतभेद दिखाई दे रहा है। अधिकांश Telugu, Tamil और Kannada परंपराओं में 21 अगस्त को Varalakshmi Vratam रखा जा रहा है, जबकि कुछ अन्य पंचांग 28 अगस्त की तारीख देते हैं। आंध्र प्रदेश में 21 अगस्त को लेकर मंदिर और स्थानीय धार्मिक कार्यक्रम भी घोषित किए गए हैं।
इसलिए यदि आप Andhra Pradesh में पूजा कर रहे हैं, तो अपने परिवार की परंपरा, स्थानीय मंदिर या स्थानीय Telugu Panchang को अंतिम आधार बनाना सबसे उचित रहेगा।
Varalakshmi Vratam 2026 Puja का संक्षिप्त समय
तारीख: 21 अगस्त 2026, शुक्रवार
मुख्य पसंदीदा सुबह का मुहूर्त: लगभग 6:53 AM – 8:56 AM
दोपहर का शुभ समय: लगभग 1:35 PM – 3:54 PM
शाम का विशेष समय: लगभग 7:39 PM – 9:05 PM
Varalakshmi Vratam 2026 Puja Muhurat सुबह का Simha Lagna सामान्य घरेलू पूजा के लिए सबसे सुविधाजनक प्रमुख विकल्प माना जा सकता है, जबकि शाम का Kumbha Lagna/Pradosh भी विशेष रूप से शुभ माना जाता है। सटीक समय आपके शहर के अनुसार बदल सकता है।
इसलिए Varalakshmi Vratam 2026 Puja Muhurat जानने वाले श्रद्धालु अपने स्थानीय पंचांग में समय की पुष्टि करके ही अंतिम पूजा मुहूर्त तय करें।
Varalakshmi Vratam 2026 Puja Muhurat – 7 FAQs
1. Varalakshmi Vratam 2026 कब मनाया जाएगा?
Varalakshmi Vratam 2026 में 7 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह व्रत सावन मास की पूर्णिमा से पहले आने वाले शुक्रवार को रखा जाता है।
2. Varalakshmi Vratam 2026 का पूजा मुहूर्त क्या है?
Varalakshmi Vratam 2026 में माता लक्ष्मी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त में पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। स्थानीय सूर्योदय और पंचांग के अनुसार पूजा का समय अलग-अलग हो सकता है।
3. Varalakshmi Vratam पर किसकी पूजा की जाती है?
इस दिन मुख्य रूप से माता वरलक्ष्मी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार वरलक्ष्मी माता को धन, समृद्धि, सौभाग्य और सुख-शांति की देवी माना जाता है।
4. Varalakshmi Vratam 2026 की पूजा कैसे करें?
सुबह स्नान करके पूजा स्थल को साफ करें। माता वरलक्ष्मी की प्रतिमा या कलश स्थापित करें। इसके बाद गणेश पूजन करें और माता लक्ष्मी को फूल, फल, मिठाई, कुमकुम, अक्षत और अन्य पूजा सामग्री अर्पित करके विधि-विधान से पूजा करें।
5. Varalakshmi Vratam पर कौन सा प्रसाद चढ़ाया जाता है?
वरलक्ष्मी व्रत में माता को घर की परंपरा के अनुसार फल, मिठाई, खीर, पायसम, नारियल और अन्य सात्विक व्यंजन का भोग लगाया जाता है।
6. Varalakshmi Vratam का व्रत कौन रख सकता है?
धार्मिक परंपरा में विशेष रूप से विवाहित महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और पति-पत्नी के मंगल के लिए यह व्रत रखती हैं। हालांकि पूजा और भक्ति करने के लिए कोई कठोर सार्वभौमिक प्रतिबंध नहीं है; परिवार और क्षेत्र की परंपरा का पालन किया जा सकता है।
7. Varalakshmi Vratam 2026 का क्या महत्व है?
धार्मिक मान्यता के अनुसार वरलक्ष्मी व्रत करने से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और घर में धन, सुख-समृद्धि, सौभाग्य और शांति बनी रहती है। इसे विशेष रूप से परिवार के कल्याण और समृद्धि से जुड़ा व्रत माना जाता है।
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Varalakshmi Vratam 2026 Puja Muhurat
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