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Motivation-समझौता हमें पसंद नहीं सब कुछ चाहिए या कुछ नहीं

कर्तव्य ही धर्म है और प्रेम ही ईश्वर है, प्रेम ही पूजा है  और सत्य ही भक्ति है 

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समझौता हमें पसंद नहीं

सब कुछ चाहिए या कुछ नहीं

Monday Thought – कर्तव्य ही धर्म है, और प्रेम ही ईश्वर है 

कर्तव्य ही धर्म है 

और प्रेम ही ईश्वर है 

प्रेम ही पूजा है 

और सत्य ही भक्ति है 

Monday Thoughts: बड़ा लक्ष्य बड़े त्याग के बिना नहीं मिलता….

 

बड़ा लक्ष्य बड़े त्याग के बिना नहीं मिलता।
कई प्रहार सहने के बाद पत्थर के भीतर छिपा हुआ ईश्वर का रूप प्रकट होता है।
अगर चोटी तक पहुँचना है तो रास्ते के कंकड़ पत्थरों से होने वाले कष्ट को भूलना ही होगा।

अपने खिलाफ बातें खामोशी से सुन लो ! जवाब देने का हक वक़्त को दे दो !

 

वक़्त बड़ा अजीब होता है,
इसके साथ चलो तो किस्मत बदल देता है,
और ना चलो तो किस्मत को ही बदल देता है।

 

 

 

 

 

एक सच्चा प्रेमी वह होता है,
जो आपके बारे में सब कुछ जानते हुए भी,
आपको प्यार करता है…

 

 

 

 

 

यह Thoughts भी पढ़े : 

Monday Thought : एक मंदिर के बाहर लिखा था.. बेझिझक भीतर चले आइये,

Sunday Thoughts : दुनिया के रीति है, यहाँ मजबूत से मजबूत… 

Saturday Thoughts : ना बादशाह चलता है… ना इक्का चलता है ….

Friday Thoughts : जितना तेज़ होता है, उतना तेज़ डाऊनलोड नही होता

Thursday Thoughts : कल शीशा था, सब देख-देख कर जाते थे, आज टूट गया..,

Wednesday Thoughts : प्रत्येक व्यक्ति अलग होता है, हर किसी की क्षमता और कमजोरियां

Monday Thoughts : कटीली झाड़ियों पर ठहरी हुई बूंदों ने बस यही बताया है….,

Sunday Thoughts : वक्त और किस्मत पर कभी घमंड मत करों 

( इनपुट सोशल मीडिया से )

 

 

 

 

 

 

 

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Dropadi Kanojiya

द्रोपदी कनौजिया पेशे से टीचर रही है लेकिन अपने लेखन में रुचि के चलते समयधारा के साथ शुरू से ही जुड़ी है। शांत,सौम्य स्वभाव की द्रोपदी कनौजिया की मुख्य रूचि दार्शनिक,धार्मिक लेखन की ओर ज्यादा है।

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