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आज खेल रहे है होली, तो बालों व त्वचा का इस तरह रखें ध्यान

नई दिल्ली, 13 मार्च:  रंगों के त्योहार होली में पिचकारी, गुब्बारों, डाई व गुलाल में प्रयोग किए जाने वाले रंग क्या आपकी त्वचा एवं बालों के लिए सुरक्षित हैं? यह लाख टके का सवाल है। होली के दौरान रंगों से आपके बालों और त्वचा को नुकसान न हो इसके लिए प्रख्यात सौंदर्य विशेषज्ञ और हर्बल क्वीन के नाम से लोकप्रिय शहनाज हुसैन ने कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दिए हैं। उनका कहना है कि आधुनिक युग की होली में प्रयोग किए जाने वाले सूखे गुलाल व गीले रंगों को प्राकृतिक उत्पादों से नहीं बनाया जाता, बल्कि उनमें अभ्रक (माइका) और सीसा (लेड) जैसे रसायनिक पदार्थ पाए जाते हैं, जिससे न केवल त्वचा में जलन पैदा होती है, बल्कि यह सब खोपड़ी पर जमा भी हो जाते हैं। 

शहनाज हुसैन ने कहा कि होली खेलने से 20 मिनट पहले त्वचा पर 20 एसपीएफ सनस्क्रीन का लेप कीजिए। ज्यादातर सनस्क्रीन में मॉइश्चराइजर ही विद्यमान होता है। यदि आपकी त्वचा अत्यधिक शुष्क है तो पहले सनस्क्रीन लगाएं, कुछ समय इंतजार करने के बाद ही त्वचा पर मॉइश्चराइजर का लेप करें। बाजू और सभी खुले अंगों पर मॉइश्चराइजर लोशन या क्रीम का उपयोग करें।

उन्होंने कहा कि होली खेलने से पहले सिर में बालों पर हेयर सीरम या कंडीशनर का उपयोग करें। इससे बालों को गुलाल के रंगों की वजह से पहुंचने वाले सूखेपन से सुरक्षा मिलेगी तथा सूर्य की किरणों से होने वाले नुकसान से भी बचाव मिलेगा। 

उनकी सलाह है कि थोड़ी सी हेयर क्रीम लेकर उसे दोनों हथेलियों पर फैलाकर बालों की हल्की-हल्की मालिश करें। इसके लिए आप विशुद्ध नारियल तेल की बालों पर मालिश भी कर सकते हैं। इससे भी रासायनिक रंगों से बालों को होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। 

शहनाज ने कहा कि होली के रंगों से नाखूनों को बचाने के लिए नाखूनों पर नेल वार्निश की मालिश करनी चाहिए। होली खेलने के बाद त्वचा तथा बालों पर जमे रंगों को हटाना काफी मुश्किल है। उसके लिए सबसे पहले चेहरे को बार-बार साफ निर्मल जल से धोएं तथा इसके बाद कलीजिंग क्रीम या लोशन का लेप कर लें। कुछ समय बाद इसे गीले कॉटन वूल से धो डालें। 

उन्होंने कहा कि आंखों के इर्द गिर्द के क्षेत्र को हल्के-हल्के साफ करना न भूलें। क्लीजिंग जैल से चेहरे पर जमें रंगों को धुलने तथा हटाने में काफी मदद मिलती है। घरेलू क्लीनजर बनाने के लिए आधा कप ठंडे दूध में तिल, जैतून, सूर्यमुखी या कोई भी वनस्पति तेल मिला लीजिए। कॉटन वूल पैड को इस मिश्रण में डुबोकर त्वचा को साफ करने के लिए उपयोग में लाएं। 

हर्बल क्वीन का कहना है कि शरीर से रासायनिक रंगों को हटाने में तिल के तेल की मालिश महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। इससे न केवल रासायनिक रंग हट जाएंगे, बल्कि त्वचा को अतिरिक्त सुरक्षा भी मिलेगी। यदि त्वचा में खुजली है तो पानी के मग में दो चम्मच सिरका मिलाकर उसे त्वचा पर उपयोग करें, इससे खुजली खत्म हो जाएगी। 

उनकी सलाह है कि बालों को साफ करने के लिए बालों में फंसे सूखे रंगों और माइका को हटाने के लिए बालों को बार-बार सादे ताजे पानी से धोते रहिए। इसके बाद बालों को हल्के हर्बल शैम्पू से धोएं तथा उंगलियों की मदद से शैम्पू को पूरे सिर पर फैला लें तथा इसे पूरी तरह लगाने के बाद पानी से अच्छी तरह धो डालिए।

–आईएएनएस

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Dropadi Kanojiya

द्रोपदी कनौजिया पेशे से टीचर रही है लेकिन अपने लेखन में रुचि के चलते समयधारा के साथ शुरू से ही जुड़ी है। शांत,सौम्य स्वभाव की द्रोपदी कनौजिया की मुख्य रूचि दार्शनिक,धार्मिक लेखन की ओर ज्यादा है।

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