breaking_newsHome sliderबिजनेसबिजनेस न्यूजमार्केट

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 137 अंक व निफ्टी 35 अंक नीचे

मुंबई, 1 मार्च :  देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 137.10 अंकों की गिरावट के साथ 34,046.94 पर और निफ्टी 34.50 अंकों की गिरावट के साथ 10,458.35 पर बंद हुए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 42.82 अंकों की गिरावट के साथ 34,141.22 पर खुला और 137.10 अंकों या 0.40 फीसदी की गिरावट के साथ 34,046.94 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 34,278.63 के ऊपरी और 34,015.79 के निचले स्तर को छुआ।

सेंसेक्स के 30 में से 10 शेयरों में तेजी रही। कोल इंडिया (1.05 फीसदी), इंडसइंड बैंक (1.04 फीसदी), हिन्दुस्तान यूनीलीवर (0.71 फीसदी), कोटक बैंक (0.68 फीसदी) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (0.58 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।

सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे – आईसीआईसीआई बैंक (2.63 फीसदी), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (2.31 फीसदी), इंफोसिस (2.19 फीसदी), अडानी पोर्ट्स (0.67 फीसदी) और एक्सिस बैंक (0.66 फीसदी)।

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। बीएसई का मिडकैप सूचकांक 101.32 अंकों की गिरावट के साथ 16,461.27 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 42.99 अंकों की तेजी के साथ 18,084.94 पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 12.9 अंकों की गिरावट के साथ 10,479.95 पर खुला और 34.50 अंकों या 0.33 फीसदी की गिरावट के साथ 10,458.35 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 10,525.50 के ऊपरी और 10,447.15 के निचले स्तर को छुआ।

बीएसई के 19 में से 2 सेक्टरों में तेजी रही, जिनमें तेल और गैस (0.10 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.08 फीसदी) शामिल रहे। 

बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे – धातु (0.95 फीसदी), बैंकिंग (0.85 फीसदी), रियल्टी (0.77 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.71 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.65 फीसदी)। 

बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1,166 शेयरों में तेजी और 1,543 में गिरावट रही, जबकि 155 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।

–आईएएनएस

 

Show More

Dharmesh Jain

धर्मेश जैन www.samaydhara.com के को-फाउंडर और बिजनेस हेड है। लेखन के प्रति गहन जुनून के चलते उन्होंने समयधारा की नींव रखने में सहायक भूमिका अदा की है। एक और बिजनेसमैन और दूसरी ओर लेखक व कवि का अदम्य मिश्रण धर्मेश जैन के व्यक्तित्व की पहचान है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

twelve − 4 =

Back to top button