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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा का 93 वर्ष की उम्र में निधन,मोदी,राहुल शोकाकुल

उन्होंने 20 दिसंबर यानि अपनी मृत्यु से एक दिन पहले ही जन्मदिन मनाया था...

Congress veteran minister Motilal Vora dies at 94

नई दिल्ली: कांग्रेस(Congress)और देश की राजनीति की एक और अपूर्णिय क्षति हो गई है।93 वर्षीय वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा का सोमवार,21  दिसंबर को निधन हो (Motilal Vora dies at 94) गया है।

कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता मोतीलाल वोरा(Motilal Vora) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री भी रह चुके है।वह 26 मई 1993 से 3 मई 1966 तक उत्तर प्रदेश के राज्यपाल भी रहे है।

उन्होंने 20 दिसंबर यानि अपनी मृत्यु से एक दिन पहले ही जन्मदिन मनाया था।

मोतीलाल वोरा के निधन पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शोक व्यक्त किया है। उनके साथ-साथ प्रियंका गांधी और प्रधानमंत्री मोदी(PM Modi) ने भी वरिष्ठ कांग्रेसी नेता (Congress Leader Motilal Vora) के लिए दुख जताया।

राहुल गांधी(Rahul Gandhi) ने मोतीलाल वोरा के निधन (Motilal Vora passes away)पर दुख व्यक्त करते हुए लिखा कि ‘वोरा जी एक सच्चे कांग्रेस नेता और बेहतरीन इंसान थे, उनकी कमी हमेशा खलेगी। राहुल ने कहा कि उनके संवेदनाएं शोक संतृप्त परिवार के साथ हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi) ने भी शोक जताया है। पीएमओ(P.M.O)  से जारी ट्वीट के मुताबिक, उन्होंने शोक संदेश में कहा, वोरा जी कांग्रेस (Congress) के सबसे वरिष्ठतम नेताओं में से थे। राजनीतिक करियर में उनके पास लंबा प्रशासनिक और सांगठनिक अनुभव था।’

Congress veteran minister Motilal Vora dies at 94

मोतीलाल वोरा का जन्म 20 दिसंबर 1928 को राजस्थान के नागौर जिले में हुआ था। उनके बेटे अरुण वोरा (Arun Vora) ने बताया कि रविवार को ही पिता को फोर्टिस में भर्ती कराया था। कुछ महीने पहले कोराना हुआ था और उसके बाद ठीक हो गए थे।

सीरियस होने के कारण आईसीयू में उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था। अरुण वोरा छत्तीसगढ़ के दुर्ग क्षेत्र से विधायक हैं. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी वोरा के निधन पर शोक प्रकट किया।

Congress veteran minister Motilal Vora dies at 94

उन्होंने कहा कि वोरा जी के निधन से कांग्रेस पार्टी के हर एक नेता, हर एक कार्यकर्ता को व्यक्तिगत तौर पर दुःख महसूस हो रहा है. वोरा जी कांग्रेस की विचारधारा के प्रति निष्ठा, समर्पण और धैर्य के प्रतीक थे।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने वरिष्ठ राजनेता मोतीलाल वोरा  के निधन(Congress veteran minister Motilal Vora dies at 94) पर शोक व्यक्त किया है। अपने संदेश में बिरला ने कहा कि “वरिष्ठ राजनेता श्री मोतीलाल वोरा के निधन पर शोक व्यक्त करता हूं।

उन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए राष्ट्र सेवा में अनुपम योगदान दिया। उनके राजनैतिक कौशल व दूरदर्शिता के प्रशंसक सभी दलों में थे। ईश्वर दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान दें। शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदनाएं।”

रायपुर औऱ कोलकाता से पढ़ाई पूरी करने के बाद वोरा ने कई समाचारपत्रों में भी काम किया.वोरा 1968 में तत्कालीन मध्य प्रदेश में आने वाले दुर्ग क्षेत्र के नगर निकाय में समाजवादी पार्टी के सदस्य थे।

राजनीति के शुरुआती दिनों में ही वह कांग्रेस नेता किशोरी लाल शुक्ला से मिले औऱ पार्टी में शामिल हो गए. कांग्रेस के टिकट पर वह 1972 का विधानसभा चुनाव जीते। 1977 और 1980 में भी उन्हें जीत मिली।

मध्य प्रदेश में जब अर्जुन सिंह (arjun Singh)की सरकार बनी तो वोरा को मंत्री बनाया गया. वर्ष 1983 में उन्हें एमपी सरकार में कैबिनेट मंत्री का पद मिला. वोरा को 13 मार्च 1985 में मध्य प्रदे का मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया।

केंद्र सरकार में शामिल होने के लिए 13 फरवरी 1988 को वोरा ने पद से त्यागपत्र दे दिया. वोरा  14 फरवरी 1988 को राज्यसभा के सदस्य बने और केंद्र सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली।

उन्हें 16 मई 1993 को उत्तर प्रदेश का राज्यपाल (Uttar Pradesh Governor) बनाया गया। इस पद पर वह 3 मई 1996 तक रहे. वर्ष 1998-99 में वोरा 12वीं लोकसभा के भी सदस्य रहे।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल मोतीलाल वोरा के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि मोतीलाल वोरा जी उन वरिष्ठतम राजनेताओं में से थे जिनके पास व्यापक प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव था. उनके निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है।

 

Congress veteran minister Motilal Vora dies at 94Congress veteran minister Motilal Vora dies at 94

(इनपुट एजेंसी से भी)

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shweta sharma

श्वेता शर्मा एक उभरती लेखिका है। पत्रकारिता जगत में कई ब्रैंड्स के साथ बतौर फ्रीलांसर काम किया है। लेकिन अब अपने लेखन में रूचि के चलते समयधारा के साथ जुड़ी हुई है। श्वेता शर्मा मुख्य रूप से मनोरंजन, हेल्थ और जरा हटके से संबंधित लेख लिखती है लेकिन साथ-साथ लेखन में प्रयोगात्मक चुनौतियां का सामना करने के लिए भी तत्पर रहती है।

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