
Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event भारत मंडपम में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (National Commission For Scheduled Castes-NCSC) द्वारा आयोजित अंबेडकर 136वीं जयंती कार्यक्रम में क्या खास रहा?
जानें Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event के मुख्य अतिथि, भाषण, और पूरे इवेंट की अंदर की कहानी।
बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 136वीं जयंती: भारत मंडपम में गरिमामयी शुरुआत (Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event)
नई दिल्ली के भारत मंडपम में 14 अप्रैल 2026 का दिन एक खास ऐतिहासिक महत्व लेकर आया। यह सिर्फ एक सामान्य कार्यक्रम नहीं था, बल्कि वह अवसर था जब पूरे देश की निगाहें उस मंच पर टिकी थीं जहाँ भारत के संविधान निर्माता, सामाजिक न्याय के महान योद्धा और करोड़ों लोगों के प्रेरणास्रोत बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 136वीं जयंती को बड़े ही भव्य और सम्मानजनक तरीके से मनाया जा रहा था।

सुबह से ही भारत मंडपम के आसपास एक अलग ही ऊर्जा महसूस की जा सकती थी। हर तरफ एक अनुशासित और गरिमामयी माहौल था। कार्यक्रम स्थल को अत्यंत सुंदर तरीके से सजाया गया था, Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event जिसमें भारतीय संस्कृति और आधुनिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। जैसे ही लोग वहाँ पहुँच रहे थे, उनके चेहरों पर उत्साह, सम्मान और गर्व की झलक साफ दिखाई दे रही थी।
राष्ट्रगान से हुई गरिमामयी शुरुआत (Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event )
कार्यक्रम की शुरुआत उस पल से हुई जिसने पूरे वातावरण को भावनाओं से भर दिया — राष्ट्रगान। जैसे ही राष्ट्रगान के स्वर गूंजे, पूरा हॉल एक साथ खड़ा हो गया। उस क्षण में न केवल देशभक्ति की भावना थी, बल्कि एकता और सम्मान का एक अद्भुत संगम भी देखने को मिला।
हर व्यक्ति, चाहे वह कोई बड़ा नेता हो, अधिकारी हो या आम नागरिक — सभी एक ही भाव में डूबे हुए नजर आए। यह सिर्फ एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि यह उस विचार का प्रतीक था कि बाबासाहेब ने जिस भारत का सपना देखा था, वह एक ऐसा भारत था जहाँ सभी बराबरी के साथ खड़े हों।
Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event राष्ट्रगान के बाद कुछ क्षणों का मौन रखा गया, जिसमें सभी ने बाबासाहेब को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। यह पल बहुत ही भावुक और आत्मिक था। कई लोगों की आँखों में आँसू भी थे, जो इस बात को दर्शाते थे कि बाबासाहेब केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि लोगों के दिलों में बसने वाले एक जीवंत प्रेरणा स्रोत हैं।

🌼 पुष्पांजलि और श्रद्धांजलि का भावुक दृश्य
इसके बाद मंच पर उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने बाबासाहेब की प्रतिमा और चित्र पर पुष्प अर्पित किए। Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event यह दृश्य अत्यंत श्रद्धा और सम्मान से भरा हुआ था। हर एक पुष्प के साथ मानो लोगों ने अपनी कृतज्ञता और आभार भी व्यक्त किया।
पुष्पांजलि के दौरान पूरे हॉल में एक गहरी शांति थी, जैसे हर व्यक्ति अपने भीतर बाबासाहेब के विचारों को महसूस कर रहा हो। कुछ लोग हाथ जोड़कर खड़े थे, कुछ आँखें बंद कर प्रार्थना कर रहे थे — हर किसी के लिए यह एक व्यक्तिगत और आत्मिक अनुभव था।
यह वही क्षण था जो इस बात को स्पष्ट करता है कि बाबासाहेब केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार हैं — एक ऐसा विचार जो समानता, न्याय और मानवता के मूल्यों पर आधारित है।
📡 लाइव प्रसारण से जुड़ा पूरा देश
इस कार्यक्रम की खास बात यह भी थी कि इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर लाइव प्रसारित किया गया। Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event इसका असर यह हुआ कि जो लोग दिल्ली नहीं पहुँच सके, वे भी अपने घरों, दफ्तरों या मोबाइल के माध्यम से इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का हिस्सा बन सके।
लाइव प्रसारण के दौरान हजारों लोग एक साथ इस आयोजन को देख रहे थे। कमेंट्स और प्रतिक्रियाओं में लोगों का उत्साह साफ झलक रहा था। कोई बाबासाहेब को नमन कर रहा था, तो कोई उनके विचारों को याद कर रहा था।
Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event इस तरह यह कार्यक्रम केवल एक स्थल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश और यहां तक कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों तक भी इसकी पहुंच बन गई। यह डिजिटल युग का एक सुंदर उदाहरण था, जहाँ तकनीक के माध्यम से एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक कार्यक्रम को लाखों लोगों तक पहुँचाया गया।
🏛️ भारत मंडपम: आधुनिक भारत का प्रतीक
भारत मंडपम, जहाँ यह कार्यक्रम आयोजित किया गया, अपने आप में आधुनिक भारत की पहचान बन चुका है। इसकी भव्यता और अत्याधुनिक सुविधाएं इस आयोजन के महत्व को और भी बढ़ा रही थीं।
Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event जब लोग इस परिसर में प्रवेश कर रहे थे, तो उन्हें एक अलग ही गर्व का अनुभव हो रहा था। यह वही स्थान है जो भारत की प्रगति, विकास और वैश्विक स्तर पर उसकी पहचान को दर्शाता है।
कार्यक्रम का आयोजन प्लेनरी हॉल में किया गया, जो अपनी विशालता और तकनीकी उत्कृष्टता के लिए जाना जाता है। यहाँ की व्यवस्था इतनी सुव्यवस्थित थी कि हर व्यक्ति को सहजता और सम्मान के साथ बैठने और कार्यक्रम का आनंद लेने का अवसर मिला।

🎯 कार्यक्रम का उद्देश्य: विचारों को आगे बढ़ाना
इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल जयंती मनाना नहीं था, बल्कि बाबासाहेब के विचारों को वर्तमान और भविष्य से जोड़ना था। कार्यक्रम का थीम था —
“सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय विकास: डॉ. अंबेडकर के सिद्धांतों पर आधारित विकसित भारत 2047”
Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event यह थीम अपने आप में बहुत गहरा अर्थ रखती है। यह बताती है कि बाबासाहेब के विचार केवल अतीत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और भविष्य के भारत के निर्माण में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
जब मंच से इस विषय का उल्लेख किया गया, तो हॉल में मौजूद लोगों के चेहरे पर एक गंभीरता और प्रतिबद्धता दिखाई दी। यह केवल सुनने का विषय नहीं था, बल्कि इसे समझने और अपने जीवन में अपनाने का संदेश भी था।

👥 गणमान्य अतिथियों का आगमन
कार्यक्रम में देश के कई प्रमुख नेता और अधिकारी उपस्थित थे। जैसे ही वे मंच पर पहुँचे, जय भीम के नारों से सभाघर गूंज उठा l पूरे हॉल में तालियों की गडगडाहट भी सुनाई दी। यह सम्मान केवल उनके पद के लिए नहीं, बल्कि उस जिम्मेदारी के लिए था जो वे निभा रहे हैं।
मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला का आगमन हुआ। उनके साथ राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री किशोर मकवाना सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event इन सभी का मंच पर एक साथ उपस्थित होना इस बात का प्रतीक था कि देश के शीर्ष नेतृत्व के लिए बाबासाहेब के विचार कितने महत्वपूर्ण हैं।

🗣️ प्रारंभिक संबोधन: भावनाओं और संकल्प का संगम
कार्यक्रम की शुरुआत में स्वागत भाषण दिया गया, जिसमें उपस्थित सभी अतिथियों और दर्शकों का स्वागत किया गया। इस संबोधन में बाबासाहेब के योगदान को याद करते हुए उनके संघर्षों और उपलब्धियों का उल्लेख किया गया।
वक्ता ने कहा कि बाबासाहेब ने जो रास्ता दिखाया, वह केवल एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक मार्गदर्शन है। उन्होंने शिक्षा, समानता और अधिकारों के लिए जो संघर्ष किया, वह आज भी हमें प्रेरित करता है।
Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event इस दौरान हॉल में कई बार जय भीम के नारें लगे वही तालियाँ गूंजीं, जो इस बात का संकेत थीं कि लोग बाबासाहेब के इन विचारों से पूरी तरह जुड़ाव महसूस कर रहे थे।
💭 एक विचार, जो समय से परे है
जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ रहा था, यह स्पष्ट होता जा रहा था कि बाबासाहेब केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं हैं। वे एक ऐसे विचार हैं जो समय और परिस्थितियों से परे हैं।
Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event उनकी सोच आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी उस समय थी जब उन्होंने संविधान का निर्माण किया था। उन्होंने जो समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व की बात की थी, वह आज के समाज के लिए भी उतनी ही जरूरी है।
🌟 दर्शकों की भागीदारी और भावनात्मक जुड़ाव
कार्यक्रम में उपस्थित दर्शकों की प्रतिक्रिया भी बेहद खास थी। हर कोई पूरे ध्यान और सम्मान के साथ कार्यक्रम को देख और सुन रहा था।

कई लोग अपने मोबाइल से इस पल को कैद कर रहे थे, तो कुछ लोग चुपचाप बैठकर हर शब्द को आत्मसात कर रहे थे। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक अनुभव था — एक ऐसा अनुभव जो हर व्यक्ति के दिल में एक नई प्रेरणा छोड़ रहा था।
बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 136वीं जयंती: विचारों से भविष्य की ओर
हमने कार्यक्रम की शुरुआत, वातावरण और शुरुआती पलों को देखा। अब जैसे-जैसे समारोह आगे बढ़ा,
Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event यह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि एक गहन विचार-विमर्श और संकल्प का मंच बन गया, जहाँ बाबासाहेब के सिद्धांतों को वर्तमान और भविष्य के भारत से जोड़ने की कोशिश स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
— राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के अध्यक्ष श्री किशोर मकवाणा जी का संबोधन : समानता, समरसता, बंधुता और विकसित भारत :
— NCSC के अध्यक्ष श्री किशोर मकवाणा जी ने मंच पर आकर सभी गणमान्य अतिथियों का अभिवादन किया और फिर आंबेडकर जयंती पर अपने विचार साझा किये l
— NCSC के निर्माण में उसकी रचना में बाबासाहेब की दृष्टि और विचार था l इस आयोग को लेकर बाबासाहेब ने 1953 में लोकसभा में कहा जो पीड़ित है जो शोषित है जो अधिकारों से वंचित है उन्हें न्याय देना अधिकार देना इस आयोग का काम है l
— 75 साल से बाबा साहेब अंबेडकर की जो दृष्टी थी जो विचार था उसी प्रकाश में आयोग कार्यरत है l
— उन्होंने बाबा साहेब अंबेडकर के समर्थ भारत के सपने और मोदीजी के 2047 के विकसित भारत के संकल्प को दोहराया l
— उन्होंने बाबा साहेब के विज़न (Vision) समानता, समरसता, बंधुता के महत्व को गहराईयों से समझायाl
— वे आगे विशेष रूप से बाबा साहेब के जापान अनुभव का उदहारण देकर कहते है कि जातिवाद की प्रथा को खत्म करके कैसे भारत प्रगति की राह पर चलकर आत्मनिर्भर समर्थ-सशक्त और विकसित भारत बन सकता हैl
🗣️ मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला का संबोधन: जिम्मेदारी और दृष्टि
जब ओम बिड़ला जी मंच पर आए, तो पूरे हॉल में एक शांत और ध्यानपूर्ण वातावरण बन गया। हर कोई उनके शब्दों को सुनने के लिए उत्सुक था। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत बाबासाहेब को नमन करते हुए की और कहा कि भारत के इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो केवल अपने समय को नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी दिशा देते हैं — और डॉ. भीमराव अंबेडकर उन्हीं महान व्यक्तित्वों में से एक हैं। उन्होंने शोषित वर्ग की महिलाओं के हक़ अधिकार और न्याय की बात कही l उन्होंने कहा बाबासाहेब के विचारों को उनकी चिंतन उनकी दूरदर्शी सोच को आत्मसात करें और बढ़ाएं l
Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बाबासाहेब ने जो संविधान हमें दिया, वह केवल कानूनों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक क्रांति का दस्तावेज है। यह हमें बराबरी, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार देता है, और साथ ही हमें यह जिम्मेदारी भी देता है कि हम इन मूल्यों को अपने जीवन में उतारें।
उनके शब्दों में एक स्पष्ट संदेश था —
👉 “अगर हम वास्तव में विकसित भारत 2047 का सपना साकार करना चाहते हैं, तो हमें बाबासाहेब के विचारों को केवल याद नहीं करना, बल्कि उन्हें अपनाना होगा।”
👨⚖️ विशिष्ट अतिथियों के विचार: अनुभव और प्रेरणा
इसके बाद अन्य विशिष्ट अतिथियों ने अपने विचार साझा किए। हर वक्ता ने बाबासाहेब के जीवन के किसी न किसी पहलू को सामने रखा और यह बताया कि आज के समय में उनकी प्रासंगिकता कितनी गहरी है।
Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event एक वक्ता ने कहा कि बाबासाहेब ने जिन परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त की और समाज के लिए काम किया, वह अपने आप में एक प्रेरणादायक कहानी है। उन्होंने हर कठिनाई का सामना करते हुए यह साबित किया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।

दूसरे वक्ता ने सामाजिक न्याय की बात करते हुए कहा कि आज भी समाज में कई चुनौतियाँ मौजूद हैं, लेकिन बाबासाहेब के सिद्धांत हमें इन चुनौतियों का सामना करने का रास्ता दिखाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केवल नीतियाँ बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें जमीन पर लागू करना भी उतना ही जरूरी है।
🎯 “विकसित भारत 2047” और अंबेडकर के सिद्धांत
कार्यक्रम का मुख्य विषय — “सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय विकास” — अब अपने पूर्ण रूप में सामने आने लगा था। वक्ताओं ने विस्तार से बताया कि विकसित भारत 2047 का सपना तभी साकार हो सकता है जब समाज का हर वर्ग समान अवसर और अधिकार प्राप्त करे।
इस संदर्भ में बाबासाहेब के तीन मुख्य सिद्धांत बार-बार सामने आए:
- समानता (Equality)
- स्वतंत्रता (Liberty)
- बंधुत्व (Fraternity)
इन तीनों मूल्यों को केवल शब्दों में नहीं, बल्कि व्यवहार में उतारने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
एक वक्ता ने बहुत ही सरल लेकिन प्रभावशाली शब्दों में कहा:
👉 “जब तक समाज का आखिरी व्यक्ति आगे नहीं बढ़ता, तब तक विकास अधूरा है।”
Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event यह बात पूरे हॉल में गूंज गई और लोगों ने तालियों के साथ इसका समर्थन किया।

📚 शिक्षा पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के महत्व पर भी विशेष ध्यान दिया गया। बाबासाहेब खुद शिक्षा के सबसे बड़े समर्थक थे, और उन्होंने हमेशा कहा कि शिक्षा ही वह साधन है जो व्यक्ति को सशक्त बनाता है।
Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event वक्ताओं ने कहा कि आज के युवाओं को बाबासाहेब के जीवन से यह सीखना चाहिए कि ज्ञान और शिक्षा के माध्यम से ही समाज में बदलाव लाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार और विभिन्न संस्थाएं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम कर रही हैं, लेकिन समाज के हर व्यक्ति को भी इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी।
🌍 सामाजिक समरसता और एकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान बार-बार यह बात सामने आई कि सामाजिक समरसता के बिना कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता। बाबासाहेब ने जिस समाज की कल्पना की थी, वह एक ऐसा समाज था जहाँ किसी के साथ भेदभाव न हो और सभी को समान सम्मान मिले।
Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event इस विचार को आगे बढ़ाते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में हमें और अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार बनने की जरूरत है। हमें यह समझना होगा कि हमारी छोटी-छोटी कोशिशें भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।
🎥 लाइव दर्शकों की प्रतिक्रिया
इस पूरे कार्यक्रम को जो लोग ऑनलाइन देख रहे थे, उनकी प्रतिक्रियाएं भी बेहद दिलचस्प थीं। सोशल मीडिया पर लोग अपने विचार साझा कर रहे थे, बाबासाहेब को श्रद्धांजलि दे रहे थे और कार्यक्रम की सराहना कर रहे थे।

Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event कई लोगों ने लिखा कि इस तरह के कार्यक्रम उन्हें प्रेरित करते हैं और उन्हें अपने कर्तव्यों की याद दिलाते हैं। कुछ ने यह भी कहा कि ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी को अपने इतिहास और महान व्यक्तित्वों के बारे में जानने का अवसर मिलता है।
🏛️ संस्था की भूमिका और जिम्मेदारी Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की भूमिका पर भी इस कार्यक्रम में चर्चा हुई। यह बताया गया कि यह संस्था केवल एक सरकारी निकाय नहीं है, बल्कि यह समाज के कमजोर वर्गों की आवाज है।
वक्ताओं ने कहा कि आयोग का उद्देश्य केवल शिकायतों को सुनना नहीं है, Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी है। इसके लिए विभिन्न योजनाएं और पहलें लगातार चलाई जा रही हैं।

💡 युवाओं के लिए संदेश Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event
कार्यक्रम के अंत की ओर, युवाओं के लिए एक विशेष संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि आज के युवा ही कल के भारत का निर्माण करेंगे, और इसलिए उन्हें बाबासाहेब के विचारों को समझना और अपनाना बहुत जरूरी है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे:
- शिक्षा को प्राथमिकता दें
- अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें
- समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें
Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event यह संदेश केवल प्रेरणादायक नहीं था, बल्कि एक स्पष्ट दिशा भी प्रदान कर रहा था।

🌼 समापन के भावुक पल
जैसे-जैसे कार्यक्रम अपने अंतिम चरण में पहुँचा, एक भावुक और प्रेरणादायक माहौल बन गया। सभी वक्ताओं के शब्दों ने एक गहरी छाप छोड़ी थी।
समापन के दौरान बाबासाहेब को एक बार फिर श्रद्धांजलि दी गई और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। यह केवल एक औपचारिक समापन नहीं था, बल्कि एक नई शुरुआत का संकेत था।
Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event लोग धीरे-धीरे हॉल से बाहर निकल रहे थे, लेकिन उनके चेहरों पर एक अलग ही संतोष और प्रेरणा दिखाई दे रही थी। ऐसा लग रहा था जैसे वे केवल एक कार्यक्रम देखकर नहीं जा रहे, बल्कि अपने साथ एक नई सोच और जिम्मेदारी लेकर जा रहे हैं।
💭 एक विरासत, जो हमेशा जीवित रहेगी
बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की विरासत केवल किताबों या भाषणों तक सीमित नहीं है। यह एक जीवंत विचारधारा है, जो हर उस व्यक्ति के दिल में बसती है जो समानता और न्याय में विश्वास रखता है।
यह कार्यक्रम उसी विरासत को याद करने और आगे बढ़ाने का एक माध्यम था। Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event इसने यह स्पष्ट कर दिया कि बाबासाहेब के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने पहले थे — और आने वाले समय में भी रहेंगे।
इस प्रकार, बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 136वीं जयंती का यह आयोजन केवल एक स्मृति नहीं, बल्कि एक प्रेरणा और संकल्प का प्रतीक बनकर सामने आया।
इस प्रकार बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 136वीं जयंती का यह आयोजन एक भव्य शुरुआत के साथ आगे बढ़ा। Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event राष्ट्रगान से लेकर पुष्पांजलि और प्रारंभिक संबोधन तक हर पल में एक गहरी भावना, सम्मान और प्रेरणा छिपी हुई थी।
यह केवल एक समारोह नहीं था, बल्कि एक संदेश था —
👉 कि बाबासाहेब के विचार आज भी जीवित हैं
👉 और वे आने वाले भारत के निर्माण की दिशा तय कर रहे हैं
👉 इसने हमें याद दिलाया कि
- समानता और न्याय केवल शब्द नहीं, बल्कि जीवन का आधार हैं
- शिक्षा और जागरूकता ही असली शक्ति है
- और एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है जब हर व्यक्ति को बराबरी का अधिकार मिले
अंततः, यह कार्यक्रम Ambedkar Jayanti 2026 NCSC Event एक संदेश छोड़ गया —
👉 “बाबासाहेब के विचार केवल इतिहास नहीं, बल्कि भारत का भविष्य हैं।”

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