
Ambedkar Jayanti AAI Safdarjung Event : AAI के सफदरजंग एयरपोर्ट, नई दिल्ली में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की 136वीं जयंती पर भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ।
पुष्पांजलि, गरिमामयी उपस्थिति और सामाजिक एकता का संदेश—Ambedkar Jayanti AAI Safdarjung Event पढ़ें Samaydhara की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।
संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर AAI में भव्य आयोजन, श्रद्धा और सम्मान का अद्भुत संगम

15 अप्रैल 2026 का दिन सामाजिक न्याय और समानता के महान प्रतीक, भारत रत्न Dr. B. R. Ambedkar की 136वीं जयंती के रूप में पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।

Ambedkar Jayanti AAI Safdarjung Event इसी कड़ी में एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के तत्वावधान में SC/ST/OBC एवं EWA द्वारा केंद्रीय कार्यालय, अंबेडकर स्मृति सदन, सफदरजंग हवाई अड्डा, नई दिल्ली में एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस विशेष अवसर पर समायधारा (Samaydhara) द्वारा इस आयोजन को एक्सक्लूसिव कवरेज दिया गया, जिससे यह कार्यक्रम और भी महत्वपूर्ण बन गया।

श्रद्धांजलि और पुष्पांजलि के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। Ambedkar Jayanti AAI Safdarjung Event उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों और कर्मचारियों ने श्रद्धा और सम्मान के साथ डॉ. अंबेडकर को नमन किया।

पूरे परिसर में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण देखने को मिला, जहां हर व्यक्ति के मन में बाबा साहेब के प्रति सम्मान और उनके विचारों के प्रति आस्था झलक रही थी।
गरिमामयी उपस्थिति ने बढ़ाया कार्यक्रम का महत्व
इस आयोजन में कई प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।

- माननीया श्रीमति निवेदिता दुबे जी (सदस्य – मानव संसाधन)
- श्रीमति माया लवानिया जी (कार्यपालक निदेशक – प्रशासन)
- निदेशक, सफदरजंग एयरपोर्ट
- अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी
इन सभी की उपस्थिति ने यह दर्शाया कि डॉ. अंबेडकर के विचार आज भी प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्था के केंद्र में हैं।

सामाजिक समरसता और समानता का संदेश
डॉ. भीमराव अंबेडकर का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समानता का प्रतीक रहा है। Ambedkar Jayanti AAI Safdarjung Event इस कार्यक्रम में उनके विचारों को याद करते हुए वक्ताओं ने सामाजिक समरसता, समान अवसर और न्याय के महत्व पर प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बाबा साहेब के सिद्धांत केवल इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि आज के समाज के लिए भी उतने ही प्रासंगिक हैं।

प्रसाद वितरण और सहभागिता का उत्साह
कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी कर्मचारियों और उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
यह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि एक ऐसा अवसर था जहां सभी वर्गों के लोग एक साथ आए और सामाजिक एकता का संदेश दिया।
AAI SC/ST/OBC EWA की महत्वपूर्ण भूमिका
इस आयोजन को सफल बनाने में AAI SC/ST/OBC EWA की अहम भूमिका रही। संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मिलकर इस कार्यक्रम को भव्य और यादगार बनाया।
Ambedkar Jayanti AAI Safdarjung Event विशेष रूप से अखिल भारतीय अध्यक्ष श्री संजय कुमार जी के नेतृत्व में यह आयोजन बेहद सुव्यवस्थित और प्रेरणादायक रहा।

समायधारा की एक्सक्लूसिव कवरेज: एक विशेष पहचान
समायधारा द्वारा इस आयोजन की एक्सक्लूसिव कवरेज ने इस कार्यक्रम को एक अलग पहचान दी।
समायधारा ने न केवल कार्यक्रम की झलकियां प्रस्तुत कीं, बल्कि इसके पीछे की भावना और उद्देश्य को भी प्रभावशाली तरीके से दर्शाया।
इस तरह की कवरेज से सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों को व्यापक पहचान मिलती है, जिससे अधिक लोग इनसे जुड़ते हैं।
धन्यवाद और आभार का भाव
Ambedkar Jayanti AAI Safdarjung Event कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों और आयोजकों का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।
यह आयोजन न केवल एक श्रद्धांजलि था, बल्कि एक प्रेरणा भी था—जो हमें बाबा साहेब के विचारों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करता है।

निष्कर्ष: एक प्रेरणादायक और यादगार आयोजन
15 अप्रैल 2026 को आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक जयंती समारोह नहीं था, बल्कि यह सामाजिक एकता, सम्मान और प्रेरणा का एक अद्भुत उदाहरण था।
डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को याद करते हुए इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब समाज एकजुट होकर समानता और न्याय के मार्ग पर चलता है, तो वह एक बेहतर भविष्य की ओर बढ़ता है।
समायधारा द्वारा इस आयोजन की एक्सक्लूसिव कवरेज ने इसे और भी विशेष बना दिया, Ambedkar Jayanti AAI Safdarjung Event और यह निश्चित रूप से आने वाले समय में ऐसे आयोजनों के लिए एक प्रेरणा बनेगा।
🙏 बाबा साहेब को शत-शत नमन 🙏
आपको यह खबर कैसी लगी?
अगर आपको यह जानकारी पसंद आई है, तो इसे अपने WhatsApp दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।
ऐसी ही और ताज़ा खबरों के लिए 'समयधारा' (Samaydhara) से जुड़े रहें।
