breaking_newsअन्य ताजा खबरेंदेशराजनीति

राहुल गांधी का सवाल-सैनिकों और सशस्त्र बलों के अधिकारियों का भोजन अलग क्यों?

रक्षा मामलों की इस स्थायी समिति की बैठक में राहुल गांधी के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत और एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी शामिल हुए...

Parliamentary Standing Committee On Defence Rahul Gandhi asked question

संसद की रक्षा मामलों की स्थायी समिति (Parliamentary Standing Committee On Defence) के सूत्रों के अनुसार, बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक प्रश्न उठाया कि सैनिकों और सशस्त्र बलों के अधिकारियों का भोजन क्यों अलग (Why the food of soldiers and armed officers is different?) है?

सूत्रों के अनुसार, इस सवाल के जवाब में रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि ‘ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले जवानों की खाने की आदतें और स्वाद अधिकारियों की तुलना में अलग होता है

जो कि ज्यादातर शहरी पृष्ठभूमि से आते हैं। हालांकि सैनिकों और अधिकारियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता में कोई अंतर नहीं है।’

गौरतलब है कि शुक्रवार को हुई इस बैठक का आधिकारिक एजेंडा रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधियों द्वारा ब्रीफिंग, विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में रक्षा बलों के लिए राशन और आवश्क वस्तुओं की गुणवत्ता की निगरानी था।

रक्षा स्रोतों पर संसदीय स्थायी समिति की बैठक में एनसीपी नेता शरद पवार ने लद्दाख में एलएसी के साथ मौजूदा स्थिति पर एक प्रजेंटेशन की मांग की। इस पर रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि उनके अनुरोध को नोट कर लिया गया है।

इससे पहले राहुल गांधी ने शुक्रवार सुबह अपने ट्वीट में लिखा, “चीन ने हमारी जमीन पर कब्जा कर लिया L 

भारत सरकार इसे वापस हासिल करने की योजना बना रही है? या फिर इसे भी एक “दैवीय घटना बताकर छोड़ा जा रहा है.” राहुल गांधी पहले भी कई बार चीनी घुसपैठ के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं।

गौरतलब है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी चीन के साथ भारत के सीमा विवाद के अतिरिक्त  कोरोनावायरस (Coronavirus), रोजगार, निजीकरण, परीक्षाओं, जीडीपी में गिरावट, अर्थव्यवस्था और परीक्षाओं को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।

 वहीं, कांग्रेस (Congress) पार्टी मानसूत्र सत्र में भी चीनी घुसपैठ के मुद्दे को जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है।

Parliamentary Standing Committee On Defence Rahul Gandhi asked question

(इनपुट एजेंसी से भी)

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

nineteen − 1 =

Back to top button